Stay happy, healthy and safe – 69
सूफी परंपरा में ईश्वर को हमेशा प्रेमी के रूप में देखा गया है. यह दरवाजा केवल उन लोगों के लिए ही खुलता है, जो अपने को उसके प्रेम में खो चुके होते हैं.
The whole universe is sum up in the Human Being.
Devil is not a monster waiting to trap us,
He is a voice inside.
Look for Your Devil in Yourself,
not in the Others.
Don’t forget that the one who knows his Devil,
knows his God.
संपूर्ण ब्रह्मांड मानवों से बना है। शैतान अौर कोई नहीं वरन हमारे अंदर की हीं आवाज है। अपने आप में बुराईयाँ देखो, दूसरों में नहीं। जो अपनी कमियों को, अपने अंदर के शैतान को पहचान लेता है, वही भगवान को भी जान सकता है।
World No Tobacco Day: The positive effects of quitting smoking.
| World No Tobacco Day (WNTD) is observed around the world every year on 31 May. This yearly celebration informs the public on the dangers of using tobacco, the business practices of tobacco companies, what the World Health Organization (WHO) is doing to fight the tobacco epidemic, and what people around the world can do to claim their right to health and healthy living and to protect future generations. |
दरिया पर बरसते बादल !!
दोनों ने एक दूसरे को देखा ग़ौर से,
फिर दरिया पर बरसते बादल से पूछा
दरिया ने –
मुझे मेरा दिया हीं लौटा रहे हो?
या अपने राज मेरे कानों में गुनगुना रहे हो …
क्या अपने दिल की बातें मुझे सुना रहे हो?

लॉकडाउन जेनरेशन या पीढ़ी Lockdown generation
Lockdown generation’ of young workers will need extra help after COVID-19. Young women worst affected.
युवा श्रमिकों की लॉकडाउन पीढ़ी – एक नए अध्ययन के अनुसार, पूरे विश्व में युवा कामागारों, अौर नौकरी करने वालों पर COVID -19 का बेहद खराब असर पङा है। पाया गया है कि युवा महिलाएँ ज्यादा प्रभावित हुई हैं। छह में से एक से अधिक युवाओं ने महामारी की शुरुआत के बाद से काम करना बंद कर दिया है।
इस शोध के अनुसार, लॉकडाउन पीढ़ी को अतिरिक्त मदद की आवश्यकता होगी।
अगर उनकी स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। तब इसका खामियाज़ा दशकों तक झेलना पङ सकता है। यह पोस्ट-कोविङ अर्थव्यवस्था को भी बुरी तरह से प्रभावित करेगा।
Stay happy, healthy and safe – 68
सूफी परंपरा में ईश्वर को हमेशा प्रेमी के रूप में देखा गया है. उसका दरवाजा केवल उन लोगों के लिए ही खुलता है, जो अपने को उसके प्रेम में खो चुके होते हैं.
A life without love is of no account.
Don’t ask yourself what kind of love you should seek,
spiritual or material, divine or mundane,
eastern or western…
divisions only lead to more divisions.
Love has no labels, no definitions.
It is what it is, pure and simple.
Love is the water of life.
And a lover is a soul of fire!
The universe turns differently when fire loves water.
बिना प्यार के जीवन अपुर्ण है। ये ना पूछो खुद से – कैसा प्यार चाहिए? आध्यात्मिक, भौतिक, दैवीय या सांसारिक, पूर्वी या पश्चिमी … खंङित करने से खंङ, टुकड़ों में बाँटनें से टुकड़े बढ़ते हैं। प्यार का ना कोई लेबल है ना परिभाषा। यह शुद्ध और सरल है। प्रेम जीवन का जल है। और एक प्रेमी अग्नि की आत्मा! ब्रह्मांड का स्वरुप तब अलग होता है जब आग पानी में प्यार होता है।
शाम की दहलीज़ पे !!
हमेशा की तरह,
आज भी शाम की दहलीज़ पे,
आफ़ताब आसमान में सिंदूर फैलाए
इंतज़ार करता रहा चाँद का और तारों की बारात का.
क्या वह जानता नहीं
उसके तक़दीर में इंतज़ार और ढलना लिखा है?

Stay happy, healthy and safe – 67
सूफी परंपरा में ईश्वर को हमेशा प्रेमी के रूप में देखा गया है. उसका दरवाजा केवल उन लोगों के लिए ही खुलता है, जो अपने-आप को उसके प्रेम में खो चुके होते हैं.
ज्यादातर तनाव बातें ठीक से ना समझने के कारण होते हैं।
शब्दों पर इतना ध्यान न दो।
प्रेम के देश में, भाषा का स्थान नहीं है।
प्यार मौन होता है।।
Most of conflicts and tensions are due to language.
Don’t pay so much attention to the words.
In love’s country, language doesn’t have its place.
Love’s mute.
आफ़ताब
इसे इबादत कहें या डूबना?
ज़र्रे – ज़र्रे को रौशन कर
क्लांत आतिश-ए-आफ़ताब,
अपनी सुनहरी, पिघलती, बहती,
रौशन आग के साथ डूब कर
सितारों और चिराग़ों को रौशन होने का मौका दे जाता है.

अर्थ:
आफ़ताब-सूरज
आतिश – आग
इबादत-पूजा
क्लांत –थका हुआ
माँ या मानवता !!
उस दिन मौत किसकी हुई ?
माँ की ?
या मानवता की ?
या दोनों की ??
क्यों कोई नहीं आया उसे गोद में उठाने ?

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