
ज़िंदगी के रंग -236


चारो ओर छाया रात का रहस्यमय अंधेरा,
दिन के कोलाहल से व्यथित निशा का सन्नाटा,
गवाह है अपने को जलाते चराग़ों के सफ़र का।
कभी ये रातें बुला ले जाती है नींद के आग़ोश में ख़्वाबों के नगर।
कभी ले जातीं है शब-ए-विसाल और
कभी दर्द भरी जुदाई की यादों में ।
हर रात की अपनी दास्ताँ और अफ़साने होतें है,
और कहने वाले कह देतें हैं- रात गई बात गई !
शब-ए-विसाल – मिलन की रातें/ the night of union

#TopicByYourQuote
दुनिया है बड़ी अजीब।
तोड़ते हैं लोग दिल और वादे।
पकड़ते हैं बातों को।
तोड़ते-मरोडते हैं बात बनाने के लिए बातों को।
फिर भी चाहतें हैं,
लोग उनकी बातों पर यक़ीन करें।
उनके हाथों तोड़े अपने दिल में उन्हें जगह दें।
Psychological Fact – The manipulator deliberately creates an imbalance of power and exploits the victim to serve his or her agenda.
Symptoms of manipulators – lying. Excuse-making. Being two-faced. Blaming the victim for causing their own victimization. Deformation of the truth.

दिमाग़ हमेशा तर्क खोजता है क्योंकि दिमाग़ और ईगो साथी हैं।
रूह जो संदेश देता है दिल को, उसे वही भाता है
क्योंकि दिल और रूह साथी हैं।
दिल-औ-दिमाग़ के बीच जंग,
यह है दुनियावी और रूहानियत कश्मकश।
ग़र दिल-दिमाग़-आत्मा एक हो जाएँ।
जीवन का अर्थ दिखने लगेगा।
नज़रों के सामने छाया धुआँ-धुँध छँटने लगेगा।
जीवन यात्रा की लौकिक और आलौकिक राहें नज़र आने लगेंगीं।
Mind-body-soul – struggle of thoughts are actually struggle of spirituality and worldly views.

बसंत उत्सव रंग और राग का,
फागुन वक्त है फाग का ।
तन रंगो किसी भी रंग।
मन रंग लो केसरिया, राधा-कान्हा संग
और भर लो रूह में रंग-सुगंध।
थोड़ा रंग-अबीर आपके गालों पर और ढेर सा आपकी ज़िंदगी में। ज़िंदगी रंगों और ख़ुशियों से गुलज़ार रहे! होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

कभी कह दिया होता तो अच्छा था कि
जिन सवालों के जवाब मालूम हैं
और जवाब पसंद नहीं।
उन सवालों को ना पूछ।
कुछ वहम, कुछ यक़ी का ख़ुशनुमा रंग
ज़िंदगी को गुलज़ार
बनाए के लिए भी चाहिए।
दिल में होली सी रंगीनियत बनाए
रखने के लिए कैफ़ियत भी चाहिए।

#TopicByYourQuote
कितने ख़्वाब सजाती है रात।
लोगों के टूटते ख़्वाबों को देख रो देती रात।
कई अफ़साने-ए- इश्क़ बिखरते देख,
टूटे दिलों को, पीते अश्क देख,
रो देती है, अंधेरी से अंधेरी रात।
धोखा देने वालों की चैन की नींद देख,
रश्क से भर रो देती है चाँदनी रात।
हर पत्ते पर शबनम की बूँदें गवाह है
रजनी….रात के आँसुओं के, कि
दूसरों के दर्द से भर रो देती है रात।

TopicByYourQuote

मन के अंधेरे को दूर करने के लिए,
आशा का इक चराग़ काफ़ी है।
हौसले की कौंधती बिजली,
कुछ उम्मीद की किरणें
शीतल चाँद की चाँदनी काफ़ी हैं।
कितनी भी अँधेरी रात हो,
रौशन करने को इक आफ़ताब काफ़ी है।
मन के अंधेरा दूर करने के लिए
मन में, टिमटिमाते सितारे सा उल्लास काफ़ी है।
#yourQuoteTopic

कोशिशें नाक़ाम होगी, किसी की आँखें में भरे अश्क़
औ रूह में भरे दर्द के समंदर को नापने की।
मैं इसकी नाकाम कोशिश हूँ और मेरी गहराईयाँ
गवाह है इसकी, हिलोरे लेते समंदर ने कहा।
बस मलहम लगाने की कोशिशें काम आती है।
इसलिए मैं अपनी लहरों से ज़ख़्म भरने की
कोशिश में लगा रहता हूँ धरा की।
Positive Psychology-
If someone is in pain. Don’t dig deeper. Let it heal.
Instead of showing sympathy, be empathetic. Put yourself in their shoes as empathy is ability to identify with a person.
जब अपनी चाँदी सी सुकून भरी चाँदनी भर देता हैं चाँद,
खुली खिड़कियों से कमरे में।
तब हम अक्सर गुफ़्तगू करते हैं चाँद और सितारों से।
वातायन से झाँकता चाँद हँस कर कहता है,
दूरियाँ-नज़दीकियाँ तो मन की बातें है।
कई बार लोग पास हो कर भी पास नहीं होते।
रिश्तों में बस शीतलता, सुकून और शांति होनी चाहिए।
देखो मुझे, जीवन में घटते-बढ़ते तो हम सब रहते हैं।
मुस्कुरा कर सितारों ने कहा हैं-
याद है क्या तुम्हें?
हमें टूटते देख दुनिया अपनी तमन्नाएँ औ ख़्वाहिशें
पूरी होने की दुआएँ माँगती है, हमारा टूटना नहीं देखती।
फिर भी हम टिमटिमाते-खिलखिलाते रहते हैं।
कभी ना कभी सभी टूटते औ आधे-अधूरे होते रहतें हैं।
बस टिमटिमाते रहो, रौशनी और ख़ुशियाँ बाँटते रहो।
क्योंकि सभी मुस्कुराहटों और रौशनी की खोज़ में है।

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