मेरी नई किताब – रूहानियत My latest coffee tab book- Ruhaniyat

आज महाशिवरात्रि के शुभ अवसर, मेरी नई किताब पब्लिश होने की ख़ुशी आप सबों से बाँटना है।
यह ख़ूबसूरत तस्वीरों वाली हिंदी कोट्स और कविताओं की किताब है। यह ऐमज़ान और फ्लिपकार्ट पर रेखा रानी की नाम से उपलब्ध है।

This is my latest Quotes coffee table book with beautiful illustrations. it’s available on Amazon & Flipkart. Very soon it’ll be on international platform Amazon.com too. Please search it with my official name – Rekha Rani.

शुभ शिवरात्रि- सत्यं शिवं सुन्दरम् !

कहते हैं विध्वंस के बाद दुनिया रचने

के लिए शिव ने बजाया डमरू।

जिसका नाद या स्वर, सृजन का आधार बना।

यह स्वर आज भी फ़िज़ा में गूँज रहा है।

स्वर नाद बन कर।

स्वर साधना या नाद साधना मार्ग है,

ग़र पाना है नीलकंठ, शिव को।

पाना है सत्य को, वास्तविक सौंदर्य को।

पाना हो सत्यं शिवं सुन्दरम् को।

Happy Shivratri !

Poetry!

Poetry is just the evidence of life. If your life is burning well, poetry is just the ash.” (Leonard Cohen) 

I’m at that stage in my little fe where …

Topic given by YourQuote !!

चंद्रशेखर आज़ाद – बलिदान दिवस

ख़ुश रहने के लिए

खुशियां न तो मिलती है हाट-बाज़ार में|

ना पढ़ाया जाता है किसी पाठशाला में |

कुछ समय की खुशियाँ पा सकते हैं,

मादक नशा, और दुनियावी बातों में।

पर हमेशा खुश रहने के लिए,

झाँकना पड़ता है अपने दिल में।

अगर दिल औ रूह में रूहानियत हो,

तो हर हाल में खुश रहना आ जाता है।

Topic by YourQuote.

YourQuote- Certificate of Recognition

I received this certificate of recognition yesterday night. It was a pleasant surprise. I wish to share it with my blog family.

Writer’s Block

जंग

जिन्हें जंग चाहिए, उन्हें हासिल होता है,

विनाश देख ख़ुशियाँ और अपने अहं की शांति ।

औरों को हासिल होता है दर्द और रक्तपात।

हम सबों को एक युद्ध…. लङाई… जंग लड़नी होगी ,

सभी लङाईयों को खत्म करने के लिये।

शांती लाने के लिये।

This topic is given by YourQuote.

गुलाब को कमल क्यों बनना?

जब लोग आपको तराशने और अपने साँचे में ढालने लगे।

आपको काट-छाँट औ कतर कर अपने पसंद लायक़ बनाने लगें।

तब बेहतर है संभल जाना।

हर फ़ूल अपनी सुगंध और ख़ूबसूरती ले कर आया है।

क्या कभी गुलाब को कमल बनाने का ख़्याल भी मन में आया है?

फिर अपने को खो कर किसी जैसा,

किसी के पसंद सा क्यों बनाना?

सच तो ये है कि अपने को गवाँ कर नहीं पाया जा सकता किसी को।