YourQuote- Certificate of Recognition

I received this certificate of recognition yesterday night. It was a pleasant surprise. I wish to share it with my blog family.

Writer’s Block

जंग

जिन्हें जंग चाहिए, उन्हें हासिल होता है,

विनाश देख ख़ुशियाँ और अपने अहं की शांति ।

औरों को हासिल होता है दर्द और रक्तपात।

हम सबों को एक युद्ध…. लङाई… जंग लड़नी होगी ,

सभी लङाईयों को खत्म करने के लिये।

शांती लाने के लिये।

This topic is given by YourQuote.

गुलाब को कमल क्यों बनना?

जब लोग आपको तराशने और अपने साँचे में ढालने लगे।

आपको काट-छाँट औ कतर कर अपने पसंद लायक़ बनाने लगें।

तब बेहतर है संभल जाना।

हर फ़ूल अपनी सुगंध और ख़ूबसूरती ले कर आया है।

क्या कभी गुलाब को कमल बनाने का ख़्याल भी मन में आया है?

फिर अपने को खो कर किसी जैसा,

किसी के पसंद सा क्यों बनाना?

सच तो ये है कि अपने को गवाँ कर नहीं पाया जा सकता किसी को।

गीला मन

आँसू बहाते नयन और गीला मन,
गिलाओं को बह जाने देता है।
आँसुओं से धुल दिल का दर्द

हलका हो जाता है।
ये पानी के क़तरे नहीं,

जज़्बात के आईने होतें हैं।
अश्क़ और जज़्बात दबाए रखना,
सैलाब रोकना है।
बहा दिया,
तो ज़िंदगी फिर से

ख़ूबसूरत नज़र आने लगती है।

मूल्य

ज़िंदगी को नहीं फ़िक्र, तुम कौन हो?
वह सब को एक जैसे सबक़ देती है।
कि ज़िंदगी की ख्वाहिशों को पूरा
करने के लिए मूल्य चुकाना पड़ता है।

इश्क़ तन्हाईयों से

तन्हाईयाँ ख़्वाबों तक जाने की राहें बनातीं हैं।

हौसला हो एकांत से इश्क़ करने का।

तो तन्हाईयाँ मंज़िल पाना आसान बनातीं हैं।

मैं या तुम

मुझे हमेशा लगा

– यह तो मैं हूँ।

गौर किया,

तब पाया।

यह तो तुम हो,

मुझ में समाए।

सुकून भरा दिल और रूह

सुकून भरा दिल और रूह

चंद बूँदे बरसे आसमान से।

खुला आकाश फुसफुसाया कानों में।

चैन पाने के लिए चंद क़तरे हम भी बरस जाने देते हैं,

कालिमा भरे नभ से, स्वच्छ नभ पाने के लिए।

आज़ाद छोड़ दे एहसासों औ दर्द को

बरस कर बह जाने के लिए।

ग़र पाना है सुकून भरा दिल और रूह।

Psychological fact –

Normal crying is emotional cathartic. It does have a soothing and relaxing effect. When we cry, our heart rate and breathing slow down a little and we start to calm down. We might even experience a mood boost after a good cry. Crying is useful for helping people release and express their suppressed or repressed emotions.

(Dr J Chan, a clinical psychologist at the Hong Kong Psychological Counselling Centre in Mong Kok)

चाँद

चाँद, कई बार तुम आइने से लगते हो।

जिसमें अक्स झलक रहा हो अपना।

तुम्हारी तरह हीं अकेले,

अधूरे-पूरे और सुख-दुःख के सफ़र में,

दिल में कई राज़ छुपाए,

अँधेरे में दमकते,

अपने पूरे होने के आस में रौशन हैं।