नहीं थी उनको हमारी कदर,
जिसके हम थे सबसे बड़े कदरदान।

हमारी कदर नहीं थी उनको,
जिसके हम सबसे बड़े कदरदान थे।
नहीं थी उनको हमारी कदर,
जिसके हम थे सबसे बड़े कदरदान।

हमारी कदर नहीं थी उनको,
जिसके हम सबसे बड़े कदरदान थे।

इक तन्हा चराग़, कमजोर पड़ते लौ से
निशा के गहरे अँधेरे से लड़ता थक सा गया।
रात के आख़री किनारे पर
टिमटिमाते चराग़ के कानों में,
सहर का सितारा बोल पड़ा –
हौसला रख, सुबह के दीप।
कुछ हीं पल में अँधेरा जाने वाला है।
रौशन जहाँ करने,
आफ़ताब आने हीं वाला है,

वो बचपन, वो बेपरवाह एहसास,
वो मासूमियत और भोलापन,
डूबा सच्चाई की चाशनी में।
तितलियाँ हमजोली लगती,
भँवरें ग़ज़लें सुनाते।
वो पारियों की सच्ची लगती कहानियाँ,
वो बेफ़िक्री की नींद।
ख़ुश थे कल वे पानी में
काग़ज़ की कश्तियाँ तैरा कर।
आज पानी भरे सात सागरों के पार
जा आ कर भी डूबे है ज़िंदगी कि उलझनों में।
एक वो ज़माना था, इक ये ज़माना है।
Happy World Children’s Day – 20 November

वो बचपन, वो बेपरवाह एहसास,
वो मासूमियत और भोलापन,
डूबा सच्चाई की चाशनी में।
तितलियाँ हमजोली लगती,
भँवरें ग़ज़लें सुनाते।
वो पारियों की सच्ची लगती कहानियाँ,
वो बेफ़िक्री की नींद।
ख़ुश थे कल वे पानी में
काग़ज़ की कश्तियाँ तैरा कर।
आज पानी भरे सात सागरों के पार
जा आ कर भी डूबे है ज़िंदगी कि उलझनों में।
एक वो ज़माना था, इक ये ज़माना है।
Happy World Children’s Day – 20 November
किसी से मिलते हीं
उसे ना नापो तौलो,
जज ना करो।
सभी किसी ना किसी रूप में पूर्ण हैं
और अपूर्ण भी।
इंसान रूप में ईश्वर ने अवतार लिया,
यही समझाने के लिए,
कि कोई परफ़ेक्ट नहीं।



खोने का डर क्यों? साथ क्या लाए थे।
क्या कभी बिना डरे जीने कोशिश की?
तब तो फ़र्क़ समझ आएगा।
इस जहाँ में आए, सब यहाँ पाए।
सब यही छोड़ जायें।
यही कहती है ज़िंदगी।
ग़र जीवन का अर्थ खोजना है।
एक बार ज़िंदगी की बातें मान
कर देखने में हर्ज हीं क्या है?
Topic by yourQuote


ये ज़िंदगी की धुआँ धुआँ हैं आहें।
दुरूह धोखे औ गर्द भरी राहें।
मसला तो यह है कि अपने हीं
मसलते हैं अपनों के दिलों को।
इतिहास भी देता है गवाहियाँ।
लाख कोशिशों के बाद कृष्ण भी हारे।
चाहे रिश्ते लाख निबाहें,
बदली हो जब अपनों की निगाहें।
एक जंग अपनों से…
रोक नहीं सके सारे।
TopicByYourQuote
ना समझो इसे मौन,
खोज़ रहें है, हम हैं कौन?
कर रहे हैं अपने आप से गुफ़्तगू।
हमें है खोज़ अपनी, अपनी है जुस्तजू ।
इश्क़ अपने आप से, अपने हैं हमसफ़र।
छोटी सी ज़िंदगी, छोटी सी रहगुज़र।
रेत हो या वक्त ,
फिसल जाएगा मुट्ठी से कब।
लगेगा नहीं कुछ खबर। 
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