Self-pity is
our worst enemy
and if we yield to it,
we can never do
anything wise in this world.
Helen Keller
#LockDownDay-109
Helen Keller
Thousands of bodies were left to decay in unsanitary conditions at The Centre for Body Donations at Paris-Descartes University, reports say.
किवदंति – दधीचि ने अपने शरीर / अस्थियों का दान, इन्द्र के अनुरोध पर, लोक कल्याण के लिये किया था। क्योंकि ब्रह्म तेज़, महर्षि दधीचि के हड्डियों से बने वज्र से राक्षस वृत्रासुर का संहार संभव था।


Courtesy- Wikipedia
#LockDownDay-108
Helen Keller
“ज़िंदगी के रंग” my poem book
इस नाम से, बरसों से मैं कविताएं लिखती आ रही हूँ। मेरे लिये खुशी की बात है कि मुझे अपनी कविताओं को पुस्तक रूप देने का अवसर मिला। इस किताब में मैंने अपनी नई कविताओं के साथ कुछ पुरानी कविताएं भी डाली है। आशा है, आप लोगों को यह कविता संग्रह पसंद आएगी। आप इसे नीचे दिए गए लिंक पर पढ़ सकते हैं और अगर चाहे, अब आप इसे दिए गए पब्लिकेशन लिंक पर ऑर्डर भी कर सकते हैं। अगर आप में से कोई मेरी इस किताब का रिव्यू करना चाहे तो मुझे बताएं। मुझे इससे बड़ी खुशी होगी।
इस पुस्तक के छपने की यात्रा में मदद के लिए आशीष/ शैंकी, रिव्यू लिखने के लिए स्मिता सहाय पुस्तक के कवर पृष्ठों पर तस्वीरों के लिए चांदनी सहाय की तहे दिल से आभारी हूं।

मेरी कविता संग्रह किताब के रुप में।

July 10, 2020
Shanky❤Salty
कभी ज़ेहन में ख्याल आता था लिखना बहुत आसान है। बस चाहिये काग़ज़, क़लम, एक दिल, दिमाग़ और कुछ लफ़्ज़, बस लिखने का सिलसिला चल निकलता है। लेकिन जब लेखनी हाथों में लिया, तब समझ आया लफ़्ज़ों, नज़्मों, कविताओं के खेल निराले होते हैं। तूलिका पकड़, कल्पना के सहारे ज़िंदगी के सच्चे रंग नहीं उकेरे जा सकते। ऐसे रंग कभी बहुत गहरे, कभी हल्के और कभी बदरंग हो जातें हैं।
लिखने के लिये चाहिये जिंदगी के सच्चे सबक, सच्ची सीख, चोटें, अनुभव और उनसे निचोड़े लफ्ज़। इनसे बनती हैं सच्ची कविताएँ और नज़्म। सच है, दिल से निकली बातें हीं दिल तक जाती हैं। बहते पानी सी अनवरत चलती ज़िदगीं ने बहुत रंग दिखाये। जीवन में उतार-चढ़ाव और ठहराव दिखाये। ख़ुद आईना बनने की कोशिश में इन सब को शब्दों और लफ़्जों का जामा….लिबास पहना कविता का रुप दे दिया। ज़िंदगी को इन कविताओं में ढालने…
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#LockDownDay-107
#LockDownDay-106
#LockDownDay-105
Swami Vivekanand
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