आज के दधीचि

Thousands of bodies were left to decay in unsanitary conditions at The Centre for Body Donations at Paris-Descartes University, reports say.

Rate this:

इन्सान की क़ीमत इतनी कम क्यों है?

युगों-युगों चले आ रहे रस्मों-रिवाजों को बदल

अपने शरीर का दान करना सरल नहीं होगा.

जन कल्याण के लिए बॉडी डोनेशन करने वाले

इन दधीचियों का ऐसा हश्र ?

इन्सान की क़ीमत इतनी कम क्यों है?

जीवन में और जीवन के बाद भी?

किवदंति – दधीचि ने अपने शरीर / अस्थियों का दान,  इन्द्र के अनुरोध पर,  लोक कल्याण के लिये किया था। क्योंकि ब्रह्म तेज़, महर्षि दधीचि के हड्डियों से बने वज्र से राक्षस  वृत्रासुर का संहार संभव था।

ज़िंदगी के रंग – 210

हाँथों  में खोजते रहे

अरमानों अौ ख़्वाबों की लकीरों को,

और वे लकीरें उभर आईं पेशानी….माथे पर,

अनुभव की सलवटें बन कर।

Stay happy, healthy and safe- 108

#LockDownDay-108

Rate this:

Optimism is the faith

that leads to achievement.

Nothing can be done

without hope and confidence.

 

Helen Keller