हम और हमारी धरा !!

कभी लगता है…..

जैसे हम बमों के ढेर पर बैठे हैं

और कभी लगता है कचरों के ढेर पर.

अंतरिक्ष का भी हाल बुरा बना बैठे हैं.

दुनिया के जंगलों में आग लगा बैठे हैं.

सागरों को कचरादान बना बैठे हैं.

धरा से दिल भरा तो चाँद और मंगल

जाने के अरमान बना बैठे हैं.

हमारे पूर्वजों ने एक अच्छी ख़ासी,

हरी-भरी, साफ़ सुथरी धरती

और ब्रह्मांड छोड़ी थी.

पर न जाने दो तीन पुश्तों से,

हम इसके साथ क्या-क्या

खिलवाड़ कर रहे है….

और जब आज बच्चे पूछते हैं

आगे तुम क्या छोड़ोगे हमारे लिए?

हमारे पास कोई जवाब होता है क्या?

Greta Thunberg, After Pointed U.N. Speech, Faces Attacks From the Right

Speaking at the United Nations climate summit, the teenage climate activist Greta Thunberg delivered a speech criticizing world leaders for their inaction on protecting the environment.

The young climate activist was widely celebrated after her speech at the United Nations. But critics have said she is being used, and a conservative commentator compared her likeness to Nazi imagery.

News in detail

9 thoughts on “हम और हमारी धरा !!

  1. हम धरती के ऐसे प्रजाति हैं जो
    जन्नत को जन्नत बनाने की बात करते हैं,
    और कार्य जहन्नुम बनाने की करते हैं।

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