
कुछ मोहब्बतें
जलतीं-जलातीं हैं।
कुछ अधुरी रह जाती हैं।
कुछ मोहब्बतें अपने
अंदर लौ जलातीं हैं।
जैसे इश्क़ हो
पतंग़े का चराग़ से,
राधा का कृष्ण से
या मीरा का कान्हा से।

कुछ मोहब्बतें
जलतीं-जलातीं हैं।
कुछ अधुरी रह जाती हैं।
कुछ मोहब्बतें अपने
अंदर लौ जलातीं हैं।
जैसे इश्क़ हो
पतंग़े का चराग़ से,
राधा का कृष्ण से
या मीरा का कान्हा से।

दिव्य प्रेम के जश्न,
रास में डूब,
राधा इंद्रधनुष के रंगों से
नहा कर बोली कान्हा से –
हम रंगे हैं रंग में तुम्हारे।
रंग उतारता नहीं कभी तुम्हारा ।
कृष्ण ने कहा- यह रंग नहीं उतरता,
क्योंकि
राधा ही कृष्ण हैं और
कृष्ण ही राधा हैं।

गोपाल सहस्रनाम” के 19वें श्लोक मे वर्णित है कि महादेव जी देवी पार्वती जी को बतातें है कि एक ही शक्ति के दो रूप है – राधा और माधव(श्रीकृष्ण)।यह रहस्य स्वयं श्री कृष्ण ने राधा रानी को भी बताया। अर्थात राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं।

ॐ
ध्वनियाँ मानो तो शोर हैं,
जानो तो संगीत हैं।
नाद साधना हैं।
मंत्र हैं।
ॐ है हर ध्वनि का आधार।
ध्वनियों को ज्ञान से सजा दो,
तो ध्वनियाँ मंत्र कहलातीं हैं।
इन मंत्रों में माधुर्य, सुर,
ताल, लय मिला दो
तो संगीत बन जातीं हैं।
जो रूह में गूंज आध्यात्म
की राहें खोलतीं है।
ब्रह्मांड का हर आयाम
खोलतीं हैं।
ऊपरवाले को पाने का
मार्ग खोलतीं हैं।

कल तक कंकर था।
तराश कर हीरा बन गया।
कल तक कंकर था।
बहती नर्मदा में ,
तराश कर शंकर बन गया।
तराशे जाने में दर्द है,
चोट है।
पर यह अनमोल बना देता है।

इनायत
अँधेरे पल हो या उजाले,
ज़िंदगी की सारी लड़ाईयाँ
हम ने तुम्हारे भरोसे लड़ी,
तुम्हारी रज़ा और
इनायत के साये में।
ना किया तुमने
कभी कोई वादा,
पर दर्मियान हमारे-तुम्हारे
भरोसे का वो रिश्ता है
कि तुमने कभी
निराश नहीं किया।
Dignity Foundation hosted digital event of 2021, opting for the theme to be “spirituality. This video is included in Dignity Divinity, Part 1। Its also available on youtube.
मैंने नजरें उठाई, खुले विस्तृत नीले आकाश की ओर देखा और ऊपर वाले से पूछा। ईश, रात में सोने से पहले और सुबह उठने के बाद तुमसे बातें करती हूं। हर तरफ तुम्हारी ही आभा बिखरी दिखती है. अपनी हर परेशानी और कामना तुम्हें बताती हूं। अब तुम्हारे देवत्व और दिव्यता के बारे में क्या कहूं? तुम्हें परिभाषा में बांधना असंभव है।तुम मेरे लिये क्या हो? तुम्हीं बताअो।
ऊपर वाले ने जवाब दिया – “जो मैं हूं वह तुम हो. तुम मेरा ही अंश हो। तुम्हारी यात्रा मुझ तक पहुंचने की है. चाहे जो भी राह या धर्म अपना लो. योग, प्राणायाम, ध्यान जिस विधि मुझे पा लो. मेरी हर रचना में मुझे ही देखो, यही मेरी सबसे बड़ी उपासना है।
हमने कहा – अगर तुम और हम एक ही हैं. तब तुमने मुझे इतना गहरा आघात, इतनी चोटें क्यों दीं? जानते हो ना, जिंदगी के मझधार में हमसफर का खोना कितना दुखदाई है। ऊपरवाला थोड़ा हिचकिचाया। फिर वह धीरे से मुस्कुराया और बोला – यह जीवन यात्रा है। इसमें जन्म-मृत्यु, दुख-सुख तो लगा ही रहेगा। राम और कृष्ण बन कर मैं भी तो इनसे गुजरा हूं। सच कहो तो, मैं तुम्हें तराश रहा था। ठीक वैसे जैसे तराश कर हीं पाषाण या संगमरमर से कलात्मक कलाकृति बनती है। जीवन का हर चोट बहुत कुछ सिखाता है. आत्मा और परमात्मा के करीब लाता है। अपने अंतर्मन के अंदर यात्रा करना सिखाता है. बस टूटना नहीं, मजबूत बने रहना अौर याद रखना –

डिग्निटी फाउंडेशन ने “आध्यात्मिकता” 2021 पर वीडियो आमंत्रित किया था। मेरे इस वीडियो का चयन “डिग्निटी डिविनिटी -भाग 1” मे किया गया। यह यूट्यूब पर उपलब्ध है।
Will Smith has shared a series of new pictures and a video from Haridwar, where he took part in the Ganga aarti.

आध्यात्मिक योग गुरु भारत के दर पे
सर टेकने आने वालों की कमी नहीं .
उसके मोल को समझने , सम्मान देने ,
आधी दुनिया की दूरी तय कर आते हैं लोग .
हम, जो यहाँ रहते है ,
उन में कितने सच्चे अर्थों में आध्यात्मिक है ?
Spirituality says – let it go.
It is possible for great souls but difficult for a common man.
Psychology says – let it be
Means accept yourself and everything as they are.
Club the both –
First accept every thing as they are
and then let it go.
and it will go gradually
Know mankind well,
don’t degrade every man as evil,
and don’t exalt every man
thinking he is good.
He who cannot discover himself;
cannot discover the world.”
❤ Rumi
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