अमन और शांति (The International Day of Peace 21 September)

कुछ आवाज़ें दिल-औ-दिमाग़ को

हैं देतीं शांति और सुकून,

जैसे दूर मंदिरों में टुनटुनाती घंटियाँ

या कहीं बज रहा हो शांत, धीर-गंभीर शंख।

लहजा मानो, हलकी से आ रही हो

ख़ुश्बू या आरती की आवाज़ें।

जैसे ये कहतीं हैं गले लगा लो,

मीठी बोली की बहती कलकल-छलछल

चंचल बहते पानी को।

अमन और शांति की बहा दो निर्झर।

The International Day of Peace (or World Peace Day) celebrated annually on September 21 is devoted to strengthening the ideals of peace, both within and among all nations and peoples.

ज़िंदगी की जंग (World Suicide Prevention Day observed on 10th September)

इससे तो अच्छा पाषाण युग रहा होगा।

जब जंग भूख व जीवन के लिए होता होगा।

जब अस्मत के जिम्मेदार वस्त्र नहीं होते होंगे।

ग्लैमर का नापतौल कपड़ों से नहीं होता होगा।

कपड़ों पर छींटाकशी की सियासत नहीं होती होगी।

काश जंग देश के किसी गम्भीर मुद्दे पर होता।

“सादा जीवन उच्च विचार” के ज्ञान पर होता।

विचार होता, लोग ज़िंदगी की जंग हार क्यों जातें हैं?

News – BJP still hanging in T-shirts and

khaki shorts: Bhupesh Baghel retorts

on ‘Rs 41k t-shirt’ jibe on Rahul Gandhi

World Suicide Prevention Day observed on 10th September.

दर्द और चोट

समझ नहीं आता तन और मन के

दर्द और चोट में इतना भेदभाव क्यों?

तन के चोट पर मलहम-पट्टी और अफ़सोस

करने वालों की भीड़ जुट जाती है।

मन या दिल के चोट जान-सुन कर भी

लोग अनदेखा कर देते हैं।

इसकी तो दवा भी ईजाद नहीं।

दर्द तो दोनों में होता है।

दिखता नहीं इसलिए

इसे अनदेखा करते हैं क्या?

Human behaviour-

Acute emotional stress, positive or negative, can cause the left ventricle of the heart to be ‘stunned’ or paralysed, causing heart attack-like symptoms including strong chest, arm or shoulder pains, shortness of breath, dizziness, loss of consciousness, nausea and vomiting. https://www.health.qld.gov.au › The science behind a broken heart.

खामोशियाँ

चुप्पी की आग में अपने जलना

और दूसरों को जलाना

है बचपना और बेगाना-पन।

खामोशियाँ मार देती है रिश्तों को।

बंद कर देती है दरवाज़े कई रिश्तों के।

ख़ामोशियों के शोर रह जातें हैं गूँजतें।

चुप्पियों से बेहतर है, समझदारी से,

ज़बाँ से सुलझाना शिकवे-शिकायतें।

बातें कर मसला सुलझा लेना।

Psychological Fact –

The silent treatment is emotional

manipulation and psychological

abuse. It is the act of ceasing to

initiate or respond to communication

with someone else or refusing to

acknowledge them altogether.

It can destroy relationships.

अरण्य

ना जाने कितने जंगल,

शहर बन गए ईंटों-कंक्रीटों से।

जहाँ सहमें हुए इंसाँ को

ख़ौफ़ हैं इंसानी दरिंदों से।

अरण्य के दरख़्त कभी हुआ करते थे

ख़्वाबों के दरख़्त

औ आशयाँ वनचरों के।

अब ये जानवर कहाँ जायें?

#NationalWildlifeDay

National Wildlife Day on September 4th

encourages improved awareness of the

species around us and in the broader world.

अपनी बहती धार में

बिना मुझसे पूछे,

बिन मेरे अनुमति।

तुमने मेरे पत्थरों से

बनाया था आशियाँ अपना।

बस मैं उसे हीं वापस ले जा रही हूँ,

अपनी बहती धार में।

तब तुम शक्तिशाली थे।

आज़ मैं प्रचंड हूँ।

बीमार

कुछ लोग प्यार और स्नेह नहीं समझते

क्योंकि प्यार का मतलब वे जानते हीं नहीं।

उन्हें सिर्फ़ दूसरों की ग़लतियाँ दिखती है

क्योंकि उन्हें अपनी ग़लतियाँ दिखतीं नहीं।

उनकी दुनिया में लोग सिर्फ़ शतरंज के प्यादे हैं,

उनका मन बहलाने के लिए।

आत्म-प्रशंसा से भरपूर ग़र कोई आपको

आपकी भूल दिखा-दिखा शर्मिंदा करें,

छुपे तरीक़े से आक्षेप करें,

लोगों से मिल कर आपके बारे में भ्रामक बातें फैलाए।

इनसे एक सीमा या दूरी है ज़रूरी क्योंकि ये बीमार हैं।

Psychology- understanding behaviour

What Are Narcissistic Traits? It include having a strong sense of self-importance, experiencing fantasies about fame or glory, exaggerating self abilities, craving admiration, exploiting others, and lacking empathy.

How to Cope With a Narcissist

* Don’t take it personally

* Set boundaries

* Advocate for yourself

* Create a healthy distance

लोगों क्या कहेंगे?

लोगों क्या कहेंगे?

इस डर के क़ैद में क्यों जीना?

लोग हमारी ज़िंदगी से खो ना जायें।

इस डर से ग़लत लोगों को क्यों झेलना?

ज़िंदगी में लोग आएगें, लोग जाएँगें।

लोगों का क्या है? आज़ जो अपने हैं,

ना जाने कब बदल जायें मौसम की तरह।

कब दुनिया की भीड़ में खो

जायें अजनबियों की तरह।

ऐसे में खुद को खो क्यों देना?

अपने-आप को खो कर क्या पाएँगें?

Self-love

Positive Psychology – Self-love comprises four aspects: self-awareness, self-worth, self-esteem and self-care. It is a state of appreciation for oneself that grows from actions that support our physical, psychological and spiritual growth. Self-love means having a high regard for your own well-being and happiness.

शुभ गणेश चतुर्थी ! Happy Ganesh Chaturthi !

ना तो हम किसी से बंधे हैं ना कोई हमसे।

फिर भी पाने-खोने, जैसी मृगतृष्णा क्यों?

ना किसी के साथ आए ना साथ जाना।

फिर भी अपना-पराया के

सराब / मरीचिका में भटकते हैं क्यों ?

माया-मोह में उलझी यह दुनिया

है कोई जादू, भ्रम या नशा शराब का?

माया मोहिनी, जैसे मीठी खांर
सदगुरु की कृपा भैयी, नाटेर करती भांर।

– कबीर

कबीर कहते है की समस्त माया और भ्रम चीनी के मिठास की तरह आकर्षक होती है।प्रभु की कृपा है की उसने मुझे बरबाद होने से बचा लिया।

Kabir says illusions are attractive like sweet sugar I am blessed by the God, otherwise it would have ruined me.