Curvy Cupid smile of your lips
may straighten up many problems of your life……..
होठों पर छाई तीरछी
मुस्कान भरी रेखा
जीवन की ना जाने
कितनी कठिनाइयों – परेशानियों
को सुलझा कर
सीधा कर सकती हैं।
Curvy Cupid smile of your lips
may straighten up many problems of your life……..
होठों पर छाई तीरछी
मुस्कान भरी रेखा
जीवन की ना जाने
कितनी कठिनाइयों – परेशानियों
को सुलझा कर
सीधा कर सकती हैं।
हम समझते हैं कि
हम सब समझते हैं।
पर ऊपर बैठ,
जो अपनी ऊँगलीं के धागे से
हम सबों को नचा रहा है कठपुतली सा।
उसे हम कैसे भूल जाते हैं?
कालरात्रि सा सघन अँधेरा ,
आता है जीवन में हर रोज़ .
पर
आकाश के एक एक कर
बूझते सितारे,
करते है सूरज
औ भोर की
किरणों का आगाज …..
बस याद रखना है –
हर रात की होती है
सुहानी भोर !!!
लोगों को पढ़ते- पढ़ते
यह समझ आया
कुछ लोग बदलते नहीं हैं
बस
बेपर्द हो जाते हैं……..
वक्त ने गुजरते-गुजरते
पलट कर पूछा –
जब भी होते हो खुश या दुखी ,
कहते हो – यह वक्त गुजर जायेगा।
फिर मेरे गुजरने पर याद क्यों करते हो?
हमने कहा, क्योंकि
तुम्हारी ठोकरों ने हमें तराशा है………………
अक्स या परछांई बन कर रह जाने से अच्छा है,
मन की शांती खोये बिना, अपनी पहचान बनाये रखना।
Accept your dear ones , as they are !!!!
आज कहीं कुछ पढ़ते हुए,
बरसों पुरानी अपनी ही बोली कुछ पंक्तियां याद आ गई –
मेरी तुलना ना करो कोई…….
जैसी हूँ बस मैं ऐसी ही हूँ !!!!!
मुझे कविता से कहानी बनाने
या
सुबह के सूरज के बदले, दिन का दमकता सूरज बनने ना कहो।
जैसी हूं वैसे ही रहने दो।
इतने सालों बाद अपनी ही बातों
की गहराई अब समझ आती है …..
I stare at the sky at night…….. destiny has taken away my brightest star, and it’s you my dad. Wish you Best birthday!
लाखों शब्दों में भी कुछ अनुभव
एक तस्वीर नहीं बना सकती।
जैसे उन्मुक्त आकाश का ….
पूरा का पूरा चित्रण नहीं होता।
स्मृति, यादें ….धरोहर रह गईं।
शेष हुई वह ज्योति, शेष हुआ वह शंखनाद….
आज शब्दों मे बाँधे बिना नमन है !!!!
जिंदगी के हसीन पलों को
कितनी भी बार कहो – थम जा !!
पर यह कब रुकता है?
पर दर्द भरे पलों का
बुलाअो या ना बुलाअो,
लगता है यह खिंचता हीं चला जा रहा है………
पता नहीं समय का खेल है या मन का?
पर इतना तो तय है –
वक्त बदलता रहता है………….
यह काल चक्र चलता रहता है।
जैसा भी समय हो, बीत हीं जाता है ……….
हाथ पकङना साथ नहीं होता
हाथ छूटना , संबंध टूटना नहीं होता।
अकेले रिश्ते निभाये नहीं जाते,
जैसे एक हाथ से ताली बजाई नहीं जाती।
एक दूसरे के लिये इज़्जत और ईमानदारी हो तो
रिश़्तों का निभाना अौर निभना
अपने आप हो जाता है……
You must be logged in to post a comment.