गुल्लक – कहानियों की

बच्चों के लिए डॉ. रेखा रानी की नई किताब ‘गुल्लक – कहानियों की’ अब Amazon पर उपलब्ध है! 4 मज़ेदार कहानियों, जादू और अच्छी सीख से भरी यह किताब 6 से 10 साल के बच्चों के लिए एक बेहतरीन उपहार है।

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गुल्लक - कहानियों की (डॉ. रेखा रानी)

🎉 खुशखबरी! 🎉

बच्चों के लिए एक बेहद खूबसूरत और सीख देने वाली किताब अब Amazon पर आ गई है! 📚

“गुल्लक – कहानियों की”

✍️ लेखिका: डॉ. रेखा रानी

इस किताब में 4 प्यारी और मज़ेदार कहानियाँ हैं:

  • ⏱️ 1. कबीर के मन की जादू वाली घड़ी
  • 🦋 2. तितलियों के देश में
  • 💖 3. मेरी माँ
  • 🦁 4. जंगल ओलंपिक

बच्चों को इस किताब में क्या मिलेगा?

✨ जादू, रोमांच और ढेर सारी मस्ती

💖 परिवार और अपनों के लिए प्यार

🦋 प्रकृति और नन्हे जीवों के प्रति दया

💪 खुद पर भरोसा रखने और मेहनत करने की सीख

यह किताब 6 से 10 साल के बच्चों के पढ़ने के लिए एक प्यारा संग्रह है। यह आपके बच्चों के लिए एक बेहतरीन उपहार है।

अपने बच्चों को कल्पना और खुशियों की इस ‘गुल्लक’ के साथ एक नई दुनिया की सैर कराएं! 🌟



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आज ही ऑर्डर करें!

अतृप्त तृष्णा

डॉ. रेखा रानी की मार्मिक कविता ‘अतृप्त तृष्णा’ अब प्रतिष्ठित ‘प्रतिज्ञान’ पत्रिका में प्रकाशित। इंसानी इच्छाओं के इस गहरे जीवन-दर्शन को Amazon Kindle पर पढ़ें।

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🎉 📖 ✨

अत्यंत खुशी के साथ साझा कर रही हूँ!

मुझे आप सभी को यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेरी लिखी हुई कविता ‘अतृप्त तृष्णा’ प्रतिष्ठित ‘प्रतिज्ञान’ (Pratigyan) पत्रिका में प्रकाशित हुई है!

साहित्य की इस नई पहचान का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। यह पत्रिका अब Amazon Kindle पर भी उपलब्ध है।

Atript Trishna Poem in Pratigyan Magazine

अतृप्त तृष्णा

हर इंसान आजीवन लड़ता रहता है,

नज़र न आने वाले

कई अनकहे युद्धों से-

कभी ख़ुद से,

कभी ज़माने से,

कभी लोगों से,

और कभी अपनी अतृप्त तृष्णाओं से।


यही तृष्णा

सुकून को मृगतृष्णा बना देती है,

इंसान भूल जाता है,

सफ़र-ए-ज़िंदगी कोई जंग नहीं,

बल्कि वह रूहानी सफ़र है,

जो हर अनुभव से,

हर ज़ख्म से हमें तराशता है।

ताकि हम

ख़ुद को ख़ुद से

बेहतर बना सके।

ताकि सुकून से भरे,

रौशन वजूद के साथ

जीवन के अगले मुकाम का

इस्तक़बाल कर सके।

आप सभी से अनुरोध है कि कृपया नीचे दिए गए लिंक पर जाकर किंडल (Kindle) पर पूरी पत्रिका पढ़ें और अपना प्यार एवं आशीर्वाद दें। 🙏

सधन्यवाद व स्नेह,

डॉ. रेखा रानी