
आइने की फ़ितरत


झुक कर रिश्ते निभाते-निभाते एक बात समझ आई,
कभी रुक कर सामनेवाले की नज़रें में देखना चाहिये।
उसकी सच्चाई भी परखनी चाहिये।
वरना दिल कभी माफ नहीं करेगा
आँखें बंद कर झुकने अौर भरोसा करने के लिये।
काश कुछ लोगों से जिन्दगी की होड़ में इतनी जफ़ा ना होती,
काश उनमे अक्स सी सच्चाई और परछांई सी वफ़ा भी होती |
Courtsy blogger –
यह सच है
अँधेरे में अपनी परछाईं भी साथ छोङ जाती है,
पर कुछ अपनों की पहचान हो जाती है।
अौर
कुछ अपने बनने वालों की सच्चाई सामने आ जाती है।
जंग अक्सर अपनों अौर करीबियों से लङी जाती हैं
महाभारत की कहानी में सुना था,
यही सच भी है……….
अब जिंदगी के चक्रव्यूह से जाना भी है ।


छाया चित्र / images from internet
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