सफर-ए- जिंदगी ,
कितनी भी
खूबसूरत क्यों ना हो…
अपनी कीमत
कभी ना कभी
वसूल हीं लेती है………
सफर-ए- जिंदगी ,
कितनी भी
खूबसूरत क्यों ना हो…
अपनी कीमत
कभी ना कभी
वसूल हीं लेती है………
सबसे गहरा दर्द तब महसूस होता है,
अपने आप को नकार कर
हर किसी को खुश रखने
की चाहत में हार जाअो।
अहले सुबह जिंदगी आई कुछ मसले व परेशानियाँ ले कर ।
शाम ढले चौखट पर खङी थी मुस्कुराती
अौर पूछ बैठी –
दर्द हुआ क्या?
चोट
लगी क्या?
जवाब दिया –
बिना कसूर के मिली सजा,
दर्द तो बङा देती है
पर, तुझसे क्या शिकायत ऐ जिंदगी ???
तु तो रंग दिखा रही है…..
सबक अौ तजुर्बे सीखा रही है।
Sit with Lovers
and choose their state.
Do not stay long
with those who are
not living in the heart.
~ Beloved Rumi ~ ❤️❤️
कङवी या मीठी-मृदु,
सबकी जिंदगी है एक कहानी।
कुछ हँसाती, कुछ रुलाती,
रसीली या निरस
जहाँ
अपनों को अपना बनाये रखने की कोशिश में
पराये तो अपने हो जाते हैं,
पर कुछ अपने अौर कुछ सपने हीं खो जाते हैं।

आसमान में झिलमिलाते सितारे ,
जगमगाता रौशन चाँद ….
खो गए
अमावस के अँधेरे में.
और धीरे से कहा –
जिंदगी के रंगो को देखो ….
टूटना और जुटना सीखो.
हम भी तो आधे -अधूरे -पूरे होते रहते है.
यह चक्र तो चलता ही रहता है.

कुछ क़तरे दूध के ,
उबलते पानी में उफान लाने के लिये काफी है.
जिंदगी के उतार चढाव में भी
कुछ क़तरे जोश के हो
तो मंजिल पाने के लिये काफी है.
जिंदगी ने बहुत से दर्द भरे सबक दिये,
उन्हें पन्नों पर उतारते-उतारते ,
फिर से……………
इश्क हो गया जिंदगी, कलम अौर कागज से
आप इन्हें जो चाहे कहें,
जिंदगी के रंग, जिंदगी के फलसफे, तजुर्बे या कविता……….
किसी ने ग़ालिब से पूछा – …..”कैसे हो?” ग़ालिब ने हँस कर कहा –
जिंदगी में ग़म है……
ग़म में दर्द है………….
दर्द में मज़ा है ………
अौर मज़े में हम हैं।
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