दिल पर लगी चोट,
आँसू बन कर बह जाते हैं।
सूखी आँखें अौर
वर्षा के बाद के
धुले असमान देख कर क्या लगता है ,
कभी इतनी तेज़ आँधी आई थी?
दिल पर लगी चोट,
आँसू बन कर बह जाते हैं।
सूखी आँखें अौर
वर्षा के बाद के
धुले असमान देख कर क्या लगता है ,
कभी इतनी तेज़ आँधी आई थी?
जिंदगी का अंत तो वही है,
सबसे बङा शाश्वत सत्य —
जीवन अौर फिर मृत्यु…
विचार अपने-अपने हैं,
इसे हँस कर बिताअो या रो कर………
आँसू बहाना है या पद चिंह छोङ जाना है …
सुनने वाले के लिये जो सिर्फ कहानियाँ हैं,
उनमें कितनी अौर कहानियाँ,
आँसू अौ मुस्कान छुपे हैं,
सुनाने वाला हीं जान सकता है।
कुछ हँस कर, कुछ रो कर झेलते हैं।
दुःख सहने का अपना- अपना तरीका होता है।
क्या अच्छा हो, गर आँखों में आँसू पर होंठों पर मुस्कान हो।
Image from internet.

छाया चित्र इंटरनेट से।


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