संगीत सुने अौर खुश रहें

अपने मनोवैज्ञानिक चिकित्सक स्वंय बने – संगीत खुशी को बढ़ा कर आपके तनाव व चिंता को कम कर सकता है।
Be your own therapist -music can boost happiness and reduce anxiety.

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क्या आप जानते हैं गीत, संगीत सुनना हमारे लिए अच्छा है. विभिन्न शोधों और अध्ययन से यह पता चला है खुशियों भरा संगीत हमारा मूड अच्छा करता है. इससे हमारी बेचैनी और तनाव में कमी आती है. इससे एंटीबॉडी का स्तर यानी रोगों के खिलाफ लड़ने की हमारी शारीरिक क्षमता में भी सुधार आता है और पीड़ा या दर्द के अनुभूति में कमी आती है. मनपसंद और मधुर गानों के सुनने से मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन का बहाव होता है. न्यूरोलॉजिकल अध्ययन बताते हैं खुशगवार संगीत हमारे मस्तिष्क के ऐसे केंद्रों को सक्रिय करता है जिससे डोपामिन रिलीज होता है. यही कारण है कि लोरी , भजन,  कीर्तन का प्रभाव सकारात्मक होता है. 

भूल

किस से शिकायत करें?
सिर पटका दर-ए-ख़ुदा पर.
ईश्वर के आगे .
कहीं सुनवाई नहीं हुई .
ना जाने कहाँ भूल हुई ?
भूलना चाह कर भी भूल नहीं सकते.
कहते हैं नियति बदली नहीं जा सकती.
पर हमें तो था वहम …..
हाथ पकड़ कर जगा लेने का
वहम, भ्रम और ग़रूर

Painting courtesy- Lily Sahay

You’re alive!

God has created
your wings not to be dormant
as long as you are alive
you must try more and more
to use your wings to show you’re alive.

❤️Rumi

साँस के साथ बुनी गई ज़िंदगी!

साँस के साथ बुनी गई जो ज़िंदगी,

वह अस्तित्व खो गया क्षितिज के चक्रव्यूह में.

अब अक्सर क्षितिज के दर्पण में

किसी का चेहरा ढूँढते-ढूँढते रात हो जाती है.

और टिमटिमाते सितारों के साथ फिर वही खोज शुरू हो जाती है –

अपने सितारे की खोज!!!!

Image courtesy- Aneesh    

 

Love without expectation!

Whenever we manage to love without expectations,
calculations, negotiations, we are indeed in heaven.

 

Rumi ❤️

 

शुजाअत

अक्सर ज़िंदगी के बहाव में,

हर दो राहे पर ख़ुद से ख़ुद जंग लड़नी पड़ती है.

शुजाअत….इसमें हीं है कि

बिना हारे अपनी सही राह पर बहते रहें…चलते रहें।

अगर मंज़िल पाना है.

अर्थ उर्दू लफ्ज़ का –

शुजाअत….वीरता

मुस्कुराते रहें !

खुशियों का मनोविज्ञान, अपने मनोवैज्ञानिक चिकित्सक स्वंय बने। Be your own therapist -Keep Smiling! It can trick your brain into happiness and boost your health.

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हम खुशियाँ नहीं खरीद सकते है। लेकिन एक मुस्कुराहट से मस्तिष्क में रासायनिक संतुलन  पैदा कर सकते हैं।  मनोवैज्ञानिकों अौर न्यूरोलॉजिस्टों के खोज बताते हैं – जब आप मुस्कुराते हैं, तब मस्तिष्क की एक रासायनिक प्रतिक्रिया डोपामाइन और सेरोटोनिन सहित कुछ हार्मोनों को छोड़ती है।सेरोटोनिन अौर डोपामाइन खुशी की हमारी भावनाओं को बढ़ाता है।

 हर बार जब आप मुस्कुराते हैं, तब दिमाग में एक  फील गुड  एहसास होता हैं। मुस्कुराहट  तंत्रिका संदेश को सक्रिय करता है। जो आपको स्वस्थ्य  और प्रसन्नचित बनाता है। हैपी हारमोन या  फील-गुड न्यूरोट्रांसमीटर- डोपामाइन, एंडोर्फिन और सेरोटोनिन- सभी तब रिलीज़ होते हैं, जब आपके चेहरे पर एक मुस्कान आती है। साथ-साथ यह चेहरे पर चमक लाता है । यह न केवल आपके शरीर को आराम देता है, बल्कि यह आपके हृदय गति और रक्तचाप को भी कम करता है।

दुर्भाग्य की बात है कि  कई स्थितियों मे चिकित्सकों को  एंटीडिप्रेसेंट दवा से डोपामाइन और सेरोटोनिन को बढ़ाकर चिकित्सा  करना पङता हैं। आप मुस्कुरा कर बङे आराम से हैपी हारमोन या  फील-गुड न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को स्वाभाविक रूप से बढ़ा सकते हैं। 

यह अफ़सोस की बात है !

ख़बरों को पढ़ कर दुःख होता है.

हम अव्वल और आगे हैं भी तो किन बातों में?

news in detail – With AQI of 527, Delhi ‘most polluted city’ in world on Friday: Air Visual data


News in detail – Confirmed: Mumbai is the worst city to drive in the world

What you really love!

Let yourself be silently drawn by

the stronger pull of what you really love.

 

Rumi ❤️

सितारा

सूरज ङूबने के बाद क्षितिज़ के ईशान कोण पर दिखा एक सितारा……..

 शाम का सितारा, रौशन क़ुतबी सितारा या शायद ध्रुव तारा….

वह हँसा और सामने आ गया बोला –

टूट-टूट कर तो हम भी गिरते, बिखरते हैं.

तब क्या टिमटिमाना…जीना छोड़ दे?

दिव्यमान रहो, दमकते और चमकते रहो हमारी तरह।

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