
जब अपने महफ़ूज़ आशियाने में,
अप्रिय, अनजाने मेहमानों को
नहीं बुलाते इस ज़माने में।
तब
दिल, रूह, तन और मन के पावन आशियाँ में,
क्यों बिना सोंचे सब को
जगह देंना इस ज़माने में?
नासमझी भरे ऐतबार ज़ख़्म
हीं दिया करते हैं हर ज़माने में।
William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!

जब अपने महफ़ूज़ आशियाने में,
अप्रिय, अनजाने मेहमानों को
नहीं बुलाते इस ज़माने में।
तब
दिल, रूह, तन और मन के पावन आशियाँ में,
क्यों बिना सोंचे सब को
जगह देंना इस ज़माने में?
नासमझी भरे ऐतबार ज़ख़्म
हीं दिया करते हैं हर ज़माने में।

जिस्म तो पेड़, पहाड़
औरत, पुरुष सभी के होते है।
ना जाने यह जुनून, यह सौंदर्य-बोध कब बना,
जिसमें नारी और पुरुष सिर्फ़
जिस्म सौंदर्य से मापे जाने लग़े।
आज के सौंदर्यशास्त्र में किसी को चाहिए,
जीरो फ़िगर, किसी को चाहिए मसलस।
लीपोसक्शन या मिले सिन्थेटिक सिंथोल से।
सेहत का जो भी हो।
हुस्न, जिस्म से आगे भी होता है,
यह ख़्याल क्यों नहीं आता ज़ेहन में?
Synthol is a substance used by body builders as a temporary implant which is injected deeply into the muscle. The enlargement effects are immediate. Synthol is used to enlarge their volume (for example triceps, biceps, deltoids, muscles of the calf). The side effects of synthol are manifold and they can also cause a damage of nerves.

ना मारो अपनी रूह, आत्मा, ज़मीर को।
अपने ऊपर आक्रोश और ग़ुस्सा कर,
अपने लिए कड़वे नकारात्मक बातें कर।
अपने-आप को
अपराध बोध में ना डुबाओ।
Psychological Fact- Guilt is a self-conscious
emotion that involves negative
evaluations of the self, feelings of distress,
and feelings of failure. It’s not good for
our health. Always protect your mental
well-being and quality of life.

दर्द और छल बदल देता है आदतें।
धोखा खाए लोग किसी पर
भरोसा करने से डरने लगते है।
दूसरों के छल झेल कर भी जो निश्छल रहे,
वे वह रौशनी हैं जो दमकते रहते हैं
बिना हार माने।
Psychological fact-
long-term effects of being cheated on –
It may take a long time to heal. It can cause
chronic anxiety, post-traumatic stress, depression,
and mistrust for a long time after the event.

पूछा जलते और ढलते सूरज ने।
तपन के बावजूद हम साज़िश करते रहते है
ताकि चाँद तुम दमक सको
मेरी प्रतिबिंबित रोशनी से।
मिलन ना लिखा हो हमारा।
पर ख्वाहिश है कि
चाँद तेरी दूधिया चाँदनी चमके
आफ़ताब….सूरज की रौशनी से।

Topic by yourquote
जिसका लेखक, डायरेक्टर सब है ऊपरवाला,
और मुख्य पात्र हैं हम।
कब क्या होगा, किसी को नहीं मालूम।
नए नए ट्विस्ट और टर्न के साथ
अग़ल दृश्य हमेशा है एक मिस्ट्री।
दृश्य है बदलते रहते।
बस नहीं रहता
किसी को इस
फ़िल्म के द एंड
या अंत का इंतज़ार।

Topic by YourQuote.
पुराण कहते हैं सूर्य जब 14 दिन माघ नक्षत्र में होता है, तब वर्षा जल बन जाता है गंगाजल सा। कर लो इससे देव अर्चना, महादेव अभिषेक या श्री यंत्र पर श्री सूक्तम अभिषेक, प्रसन्न होगी लक्ष्मी। आयुर्वेद बताता है, यह जल है अति पवित्र और रोग नाशक। किवदंतियाँ कहतीं हैं चातक पक्षी साल भर प्यासा रह करता है इंतज़ार, पीने को अमृतमय माघ नक्षत्र वर्षा जल का। कृषक मनाते हैं, धरती की प्यास बुझाती यह जल है स्वर्ण समान। चाणक्य ने सही कहा है – नास्ति मेघसमं तोयं’।
(सूर्य लगभग 14 दिनों तक एक नक्षत्र की परिक्रमा करता है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष माघ नक्षत्र में सूर्य की कक्षा 17 अगस्त को दोपहर 1:18 बजे से 30 अगस्त की रात 9:18 बजे तक माघ नक्षत्र में होगा। मान्यता है कि अनमोल है माघ नक्षत्र के बारिश का जल। लोग अमृत समान मान इस समय के वर्षा जल को संचित करते हैं।
विज्ञान और नासा जिन बातों को खोज़ रहें है। उनकी जानकारियाँ हमारे भारतीय पंचांगों में सटीक तरीक़े से सदियों से बताया जा रहा है।)

‘तू करता वही है , जो तू चाहता है ,
होता वही है जो मै चाहता हूँ।
तू वही कर ,जो मै चाहता हूँ ,
फिर होगा वही ,जो तू चाहता है। ‘
-श्रीमद्भागवत गीता
Happy Birthday lord Krishna!

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