चेहरे पर चेहरा #मास्क#mask   -कविता 


Indian Bloggers

नकाब , हिजाब , परदे, ओट ,घूंघट , मुखौटे या मास्क.

कभी छुपाती खूबसूरती , कभी बदसूरती

कभी छुपाती खुशी, कभी ग़म हैं.

कही फरेब.छुपा होता हैं.

कहीँ आँसू.

कही दुल्हन का घूंघट , कही धोखे की आहट

कही धूप -छाँव से ओट.

छउ नाच या

सुंदरबन के बाघों को धोखा देते मुखौटे.

हर जगह चेहरे पर चेहरा !!!!!!!!

किस नकाब के पीछे.
ना जाने क्या रहस्य छुपा हैं ,

बंद लिफाफे के आकर्षण सा .

रहस्यमय मास्क

खींचती हैं हर नज़र अपनी ओर …..

 

 

INDISPIRE TOPIC

Rekha Sahay's avatarThe REKHA SAHAY Corner!

mask

नकाब , हिजाब , परदे, ओट ,घूंघट , मुखौटे  या मास्क.

कभी  छुपाती  खूबसूरती , कभी बदसूरती 

कभी छुपाती खुशी, कभी ग़म हैं.

कही  फरेब.छुपा होता हैं.

कहीँ  आँसू.

कही दुल्हन का घूंघट , कही धोखे की आहट 

कही धूप -छाँव से ओट.

छउ  नाच या 

सुंदरबन के बाघों को धोखा देते मुखौटे.

                                                     हर जगह चेहरे पर चेहरा   !!!!!!!!

किस  नकाब के  पीछे.
 ना जाने क्या रहस्य छुपा हैं ,

 बंद लिफाफे के  आकर्षण सा .

रहस्यमय मास्क 

 खींचती  हैं हर  नज़र अपनी ओर …..

mask 1

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चोट (कविता)

strong

जीवन के इस

                                                    दौङ

में ना जाने कितनी बार

चोटें लगीं।

आँखों में कुछ कतरे

आँसू   भी छलक आए।

पर अब जाना।

वे तो हौसला-अफजाई कर गये।

मजबूत बना गये।

हिम्मत बढ़ा गये।

 

छाया चित्र इंटरनेट  से।

Desire to live – Poetry. मौत नहीं , जिंदगी की हसरत- कविता

safety

During monsoon , Mumbai-Pune express-way looks beautiful but becomes dangerous too.This poem is based on a road accident.

Why every one is in hurry?
It’s better “ be late than never”.
Isn’t it?

(मुंम्बई- पुणे एक्सप्रेस वे के एक सङक हादसे पर आधारित। वर्षा में यह मार्ग बहुत खुबसूरत लगता है )

सर्पिली सङकें, खुबसूरत पहाङी झरने
रिमझिम वर्षा की फुहारें
बल खाती सङकों पर भागती गाङियाँ,

माना, कोई राह तक रहा होगा।
पर , इतनी जल्दी क्यों है सब को?
ना पहुँचने से तो ………
देर भली है।

मौत नहीं, जिंदगी देखने की हसरत है।

bp1

 

 

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चेहरे पर चेहरा #मास्क#mask   -कविता 

mask

नकाब , हिजाब , परदे, ओट ,घूंघट , मुखौटे  या मास्क.

कभी  छुपाती  खूबसूरती , कभी बदसूरती 

कभी छुपाती खुशी, कभी ग़म हैं.

कही  फरेब.छुपा होता हैं.

कहीँ  आँसू.

कही दुल्हन का घूंघट , कही धोखे की आहट 

कही धूप -छाँव से ओट.

छउ  नाच या 

सुंदरबन के बाघों को धोखा देते मुखौटे.

                                                     हर जगह चेहरे पर चेहरा   !!!!!!!!

किस  नकाब के  पीछे.
 ना जाने क्या रहस्य छुपा हैं ,

 बंद लिफाफे के  आकर्षण सा .

रहस्यमय मास्क 

 खींचती  हैं हर  नज़र अपनी ओर …..

 

mask 1

 

 

 

 

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I love my blog world -Poetry मेरी खुबसूरत ब्लॉग दुनिया -कविता 

I love my blog world. Its a beautiful , positive and colorful  world.  Above all , there are no man made  boundaries  and religion, We may share any thing and everything with our blogger friends.

 

globe

 

मेरी ब्लॉग की दुनिया 

बडी खुबसूरत , सकरात्मक 

और रंगो से भरी हैं.

देश – दुनिया , रंग, जात , धर्म 

की सीमा से आजाद. 

ना बंधन ना विवाद.

सिर्फ मित्रों की टोली 

और ज्ञान -विज्ञान 

मन  की बातें ,

दिल की पीडा.

जो चाहे उडेल दो.

संगी -साथी बाँट लेंगे.

मेरे ब्लॉग की दुनिया बड़ी खूबसूरत हैं.

 THANKS FOR VISITING!    I LOVE COMMENTS. 😊. If you agree , You may share it.


life- poetry जिंदगी -कविता

The philosophy of life and sea waves are similar.

They return , whatever is give  to them.

जिंदगी अौर सागर की लहरें

एक सी लगती हैं। 

जो दो
कभी ना कभी वापस
लौटाती हैं जरुर।

जिंदगी अौर सागर का फ़लसफा

शायद एक है।

coco

नारी सम्मान (कविता, महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध पर)

Uttra Pradesh, West Bengal and Maharashtra reported the highest number of crimes against women in 2015, according to data released by the National Crime Records Bureau (NCRB) on Tuesday 31.8.2016.

 

राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो की नवीनतम जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में भारत में महिलाओं के साथ अपराध के कुल 327394 मामले दर्ज किए गए. महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अपराध उत्तरप्रदेश में (35527) दर्ज हुए. इसके बाद पश्चिम बंगाल (33218), महाराष्ट्र (31126), राजस्थान (28165), मध्यप्रदेश (24135) का स्थान आया है. बड़े राज्यों में तमिलनाडु में सबसे कम मामले (5847) मामले दर्ज हुए.UP,

अगर कभी भेदभाव करने वालों पुरुषों

को एक बार भी  गर्भ भार सहना पडता ,

शिशु  जन्म वेदना सहना पडता.

        तब तय है,

 वे  जान जाते ,

उनकी माँ ने कितनी पीडा झेली हैं

उनके लिये.

वे भेदभाव करना भूल,

वामा का, नारी का

सम्मान करना सीख जाते।

baby

दशरथ मांझी और दाना मांझी (कविता)

Dashrath Manjhi -Mountain Man  single-handedly carved a path through a mountain in 22 years using only a hammer and chisel  to make a short cut rout to near by town. Because in the remote village his wife died , as she could not get medical facilities on time.

*

A poor tribal man in Odisha walked nearly 10 -12 kilometres with his daughter, carrying his wife’s body on his shoulder, after he was denied a mortuary van from a government hospital.

एक ने पहाड़ का सीना ,

चीर

बीमार पत्नी को समय पर

 इलाज ना दे पाने पर ,

पर्वत में राह बनाया.

वह था दशरथ मांझी.

दूसरे ने पत्नी का हर कर्ज

चुकाया ,

ना जाने कितने दूर ,

काँधे पर उसका शव उठा ,

दाना मांझी

मीलों चलता आया.

सिर्फ पत्नी धर्म की बातें

होती हैं.

पुरुषों के इस समाज में

पति धर्म निभाने वाले ऐसे भी

लोग होते हैं.

(बिहार  में दशरथ मांझी के माउंटन मैन बनने  की कहानी उनकी पत्नी  और अस्पताल के बीच खड़े  पहाड़  की देंन हैं. वक्त  पर इलाज नहीं मिलने से  वह  चल बसीं. तब इस गरीब मजदूर ने सिर्फ एक छेनी और हथौडी की सहायता से अकेले , पहाड़ के बीचो बीच रास्ता बनाया. जिससे 55  किलोमीटर का रास्ता मात्र 15 किलोमीटर    रह गया. इस काम में उन्हें 22 साल लग गये.

.  उडिसा के एक अस्पताल में निर्धन दाना मांझी की पत्नी की  मृत्यु हो गई. कोई व्यवस्था ना देख , दाना ने पत्नी के शव को कंधे पर 12 किलोमीटर की दूरी पर , श्मशान घाट ले गये   

 वेदना  और हृदय की पीडा को कर्मठता में बदल देने वाले नायकों को सलाम  )

 

orissa-dana-majhi-kalahandi-Favim.com-4674147

Just like Abhimanyu (poem)

baby

 just like abhimanyu

I – unborn baby,

listen to all worldly voices,

People were saying –

Save girl child, educate them..…

I don’t know wether I am a girl or boy.

but certainly,

I am completely safe here.

 One day  

I heard a voice saying – It’s a girl.

somebody whispered,  Remove her …….

 

 

Abhimanyu is an important character of the Mahabharat epic. While in his mother’s womb he had heard his father explain the way to break the most difficult chakravyuha.

images from internet.

अभिमन्यु की तरह (कविता) poem of an unborn baby

 

 

baby

चक्रव्यु तोङने वाले ,

अभिमन्यु की तरह सुनती वहाँ,

बाहर की बातें  –

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,

मुझे नहीं पता, मैं कौन हूं?  बेटा या बेटी ?

पर बङे  शुकून से मैं थी वहाँ,

सबसे सुरक्षित, महफूज।

तभी, एक  दिन किसी ने प्रश्न किया  –

          बेटा  है या बेटी ?

आवाज  आई – बेटी !!

धीमा सा  उत्तर आया – नहीं चाहिये, गिरा दो ।