Go slow my mind,
everything happens at its own pace.
The gardener may water with a hundred pots,
but the fruit will appear only in its season.
❤ Kabir
Go slow my mind,
everything happens at its own pace.
The gardener may water with a hundred pots,
but the fruit will appear only in its season.
❤ Kabir
खामोशी में शब्द
मौन में अर्थ
अंधेरे में उजाला
कोलाहल में शांती
शोर में संगीत
दुख में सुख
आँसू में मुस्कान
इंद्रधनुष के सात रंगों में सफेद रंग
भीङ में तन्हाई
मौत में जीवन
खोजना
क्या सरल है ?
इतनी गहराई आ जाये……
तब जिंदगी से शिकवा हीं ना रह जाये…….
यह सच है
अँधेरे में अपनी परछाईं भी साथ छोङ जाती है,
पर कुछ अपनों की पहचान हो जाती है।
अौर
कुछ अपने बनने वालों की सच्चाई सामने आ जाती है।
बेचैन लहरें किनारे पर सर पटकती,
कह रहीं हैं – ये सफेद झाग, ये खूबसूरत बुलबुले
बस कुछ पल के लिये हैं।
जिंदगी की तरह……
बीत रहे वक्त अौ लम्हे को…..
जी लो जी भर के।
रेत पर, तपते रेगिस्तान में
खिल आये कैक्टस
ने बिना ङरे
चटक रंगों को बिखेरा।
किसी ख़ूबसूरत नज़्म या कविता की तरह ……
गर्म बयार अौर
आग उगलते सूरज
ने नन्हे से कैक्टस के हौसले देख
नज़रें झुका ली ।
नारी सुलभ कामना से
पर्वती ने चाहा रुद्र के साथ समय बिताना .
शिव की यायावर – तीनों लोकों में
घूमते रहने की प्रवृति से परेशान हो कर ,
काशी के गंगा तट पर ,
मणि के बने अपने कर्ण फूल छुपा ,
उसे ढूँढ़ने पिनाकी को लगा दिया .
वह गंगा घाट आज भी मणिकर्णिका कहलाती है .
कहते है , मोक्ष लालसा से यहाँ अनवरत चिंतायें जलती रहती हैं .
झाँसी की रानी मनु का भी नाम मणिकर्णिका था .
पर्वती की मणिकर्णिका सचमुच अनमोल है .
ये शिव के अन्य नाम हैं — रुद्र, पिनाकी
Images from internet.
रोहिंग्या इस्लाम को मानने वाले म्यांमार के अराकान प्रांत में रहने वाले लोग हैं।
The Rohingya people, historically also termed Arakanese Indians are a stateless, Indo-Aryan people from Rakhine State, Myanmar.
दुनिया में बस हम ही हम हों …..
ये कैसी सोंच है ??
कुछ कारण नहीँ समझ आता इसका .
धरती गगन ने ढेरों रंग दिये .
ईश्वर ने भी नहीँ सोचा – एक ही रंग में हो दुनिया.
फ़िर हम में इतनी निर्दयता -असहनशीलता क्यों ?
धर्म , रंग, भाषा , जाति …….के नाम पर ?
किसी को ख़त्म कर भी दिया तो क्या मिलेगा ?
किसने सही किया ?
ईश्वर ने विविधता दे कर या
मानव ने अपनी क्रूरता दिखा कर …..??
Dhanbad town – An important coal field of India (Dhan /धन + Abad /आबाद = धनबाद – prospered with wealth ) is mineral rich region.Dhanbad is famous for its about 112 coal mines . In some places ( Jharia ) coal field has been burning underground for over one hundred years. Residents living across 250 sqkm sit on a ticking time bomb. There have been many instances of land subsidence leading to deaths of local residents.
एक शहर है, जहाँ वर्षों गुजारा है,
मीठी- खट्टी यादों से लबरेज़…….
धन से आबाद है- धनबाद !!!
कोयले की खानों के लिये जाना-माना
काला हीरा कहलाने वाला ….
कोयले की कुछ खानें जलती
दिल मे छाले अौर धधकती आग लिये।
कोयले निकाल लिये जाने से खोखली,
अौर हर दिन घरों- लोगों के साथ धंसती..
जान हथेली पर ,
ले ऊतरते हैं कामगार
इन दमकते हीरों की खानों में।
ना जाने कितने सो जाते हैं,
चिर निंद्रा में इसे पाने में।
कोयले माफिया की
गैंगस आफ वासेपुर सबने देखी अौर जानी……
पर सुध लेने वाला कोई नहीं।
ऐसा है, पर फिर भी अपना है।
अनमोल यादें अपनी हैं।
Images from internet.
हाथ पकङना साथ नहीं होता
हाथ छूटना , संबंध टूटना नहीं होता।
अकेले रिश्ते निभाये नहीं जाते,
जैसे एक हाथ से ताली बजाई नहीं जाती।
एक दूसरे के लिये इज़्जत और ईमानदारी हो तो
रिश़्तों का निभाना अौर निभना
अपने आप हो जाता है……
NEWS – Gauri Lankesh: Indian journalist shot dead in Bangalore
FREEDOM OF SPEECH AND EXPRESSION – Article 19
गौर करें
इतना साहसी ( कायर)…
इतना शक्तिशाली ( कमजोर)…..
वह कौन है?
जिसे नियमों -कानूनों का
भय नहीं ?
पर भय है एक महिला के कलम से ।
क्या महिलायें कमजोर हैं ?
या गलत लोगों में कमजोर होने का भय पैदा कर सकती हैं?
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