रेत पर, तपते रेगिस्तान में
खिल आये कैक्टस
ने बिना ङरे
चटक रंगों को बिखेरा।
किसी ख़ूबसूरत नज़्म या कविता की तरह ……
गर्म बयार अौर
आग उगलते सूरज
ने नन्हे से कैक्टस के हौसले देख
नज़रें झुका ली ।
William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
रेत पर, तपते रेगिस्तान में
खिल आये कैक्टस
ने बिना ङरे
चटक रंगों को बिखेरा।
किसी ख़ूबसूरत नज़्म या कविता की तरह ……
गर्म बयार अौर
आग उगलते सूरज
ने नन्हे से कैक्टस के हौसले देख
नज़रें झुका ली ।
नारी सुलभ कामना से
पर्वती ने चाहा रुद्र के साथ समय बिताना .
शिव की यायावर – तीनों लोकों में
घूमते रहने की प्रवृति से परेशान हो कर ,
काशी के गंगा तट पर ,
मणि के बने अपने कर्ण फूल छुपा ,
उसे ढूँढ़ने पिनाकी को लगा दिया .
वह गंगा घाट आज भी मणिकर्णिका कहलाती है .
कहते है , मोक्ष लालसा से यहाँ अनवरत चिंतायें जलती रहती हैं .
झाँसी की रानी मनु का भी नाम मणिकर्णिका था .
पर्वती की मणिकर्णिका सचमुच अनमोल है .
ये शिव के अन्य नाम हैं — रुद्र, पिनाकी
Images from internet.
रोहिंग्या इस्लाम को मानने वाले म्यांमार के अराकान प्रांत में रहने वाले लोग हैं।
The Rohingya people, historically also termed Arakanese Indians are a stateless, Indo-Aryan people from Rakhine State, Myanmar.
दुनिया में बस हम ही हम हों …..
ये कैसी सोंच है ??
कुछ कारण नहीँ समझ आता इसका .
धरती गगन ने ढेरों रंग दिये .
ईश्वर ने भी नहीँ सोचा – एक ही रंग में हो दुनिया.
फ़िर हम में इतनी निर्दयता -असहनशीलता क्यों ?
धर्म , रंग, भाषा , जाति …….के नाम पर ?
किसी को ख़त्म कर भी दिया तो क्या मिलेगा ?
किसने सही किया ?
ईश्वर ने विविधता दे कर या
मानव ने अपनी क्रूरता दिखा कर …..??
Dhanbad town – An important coal field of India (Dhan /धन + Abad /आबाद = धनबाद – prospered with wealth ) is mineral rich region.Dhanbad is famous for its about 112 coal mines . In some places ( Jharia ) coal field has been burning underground for over one hundred years. Residents living across 250 sqkm sit on a ticking time bomb. There have been many instances of land subsidence leading to deaths of local residents.
एक शहर है, जहाँ वर्षों गुजारा है,
मीठी- खट्टी यादों से लबरेज़…….
धन से आबाद है- धनबाद !!!
कोयले की खानों के लिये जाना-माना
काला हीरा कहलाने वाला ….
कोयले की कुछ खानें जलती
दिल मे छाले अौर धधकती आग लिये।
कोयले निकाल लिये जाने से खोखली,
अौर हर दिन घरों- लोगों के साथ धंसती..
जान हथेली पर ,
ले ऊतरते हैं कामगार
इन दमकते हीरों की खानों में।
ना जाने कितने सो जाते हैं,
चिर निंद्रा में इसे पाने में।
कोयले माफिया की
गैंगस आफ वासेपुर सबने देखी अौर जानी……
पर सुध लेने वाला कोई नहीं।
ऐसा है, पर फिर भी अपना है।
अनमोल यादें अपनी हैं।
Images from internet.
हाथ पकङना साथ नहीं होता
हाथ छूटना , संबंध टूटना नहीं होता।
अकेले रिश्ते निभाये नहीं जाते,
जैसे एक हाथ से ताली बजाई नहीं जाती।
एक दूसरे के लिये इज़्जत और ईमानदारी हो तो
रिश़्तों का निभाना अौर निभना
अपने आप हो जाता है……
NEWS – Gauri Lankesh: Indian journalist shot dead in Bangalore
FREEDOM OF SPEECH AND EXPRESSION – Article 19
गौर करें
इतना साहसी ( कायर)…
इतना शक्तिशाली ( कमजोर)…..
वह कौन है?
जिसे नियमों -कानूनों का
भय नहीं ?
पर भय है एक महिला के कलम से ।
क्या महिलायें कमजोर हैं ?
या गलत लोगों में कमजोर होने का भय पैदा कर सकती हैं?

समय खुशबू की तरह उड़
गुजरता जाता है . .
समय की खुशबू में डूब
खट्टी मीठी यादें
सूखे गुलाब से
किताब के पन्नों में दबे रह जाते है .
और
कभी खजाने और कभी टीस बन
अपनी खुशबू बिखेर जाते है……….

61 MORE KIDS DIE IN LAST 72 HOURS AT GORAKHPUR HOSPITAL
Farrukhabad: 49 infants die in UP hospital
गोरखपुर में 72 घंटे में 46 बच्चों की मौत
अब फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत
हर रोज नन्हें बच्चों के मृत्यु की खबरें
दहशत पैदा कर रहीं हैं ।
कौन सी आसुरी वृत्ति इनके मौत का कारण है?
द्वापर युग में
मथुरा राज कंस ने आकाशवाणी सुनी –
देवकी का आठवाँ बालक उनका वध करेगा।
कुपित क्रूर कंस ने
देवकी के समस्त संतानों को मार ङाला।
आठवीं कन्या को मारना चाहा ,
तब वह
काली रुपा आसमान में जा कर बोल पङी —
“तुझे मारने वाला तो जन्म ले चुका है।”
मृत्यु भय ग्रस्त कंस ने सभी
नवजात शिशुओं को मरवाना शुरु कर दिया।
क्या आज फिर उसी कुकाण्ङ की पुनरावृत्ति हो रही है?
बढ़ते पाप – अनाचार के नाश अौर
धर्म की स्थापना के लिये,
मस्तक पर मोर मुकुट
वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि धारण करने वाले विष्णुवतार
कृष्ण ने क्या फिर कहीं जन्म लिया है?
यह ताङंव रुकेगा क्या?
कशमकश में दिवस बीत गया….
सूरज धुल कर चाँद हो गया।
तब
आसमान के झिलमिलाते सितारों ने कहा –
हौसला रखो अौर आसमान चुमने की कोशिश करो।
क्योकिं अगर
उतना ऊपर ना भी पहुँच सके,
तब भी हम सितारों तक
तो जरुर पहुँच जाअोगे!!!
वह सफेद लिबास में, सफेद गुलदस्ते सी थी,
घर वालों को चाहिये थी लाली वाली दुलहन।
यह शादी, मैरेज अौर निकाह के बीच का फासला
प्रेम, इश्क, लव व इबादत
सब कुछ तोङ गई।
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