Ganga river water unfit for direct drinking, bathing: CPCB report

जिस जल को अमृत और औषधि मानते थे .

उसे हम सब ने इतना दूषित कर दिया है.

शायद अब गंगा तट पर चेतावनी लगानी होगी-

यह जल पीना सेहत के लिए हानिकारक है.

https://www.google.co.in/amp/s/www.indiatoday.in/amp/india/story/ganga-river-water-unfit-for-drinking-bathing-1538183-2019-05-30

अपने आप से मिल कर कैसा लगा ?

The self-concept is what we think about the self (ourself); self-esteem, is the positive or negative evaluations of the self, as in how we feel about it.
Abraham Maslow states that psychological health is not possible unless the essential core of the person is fundamentally accepted, loved and respected by others and by her or his self. Self-esteem allows people to face life with more confidence, benevolence and optimism, and thus easily reach their goals and self-actualize.

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हम अपने बारे में क्या सोचते हैं और कैसा सोचते हैं सेल्फ कंसेप्ट कहते हैं। यह सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। अब्राहम मस्लो के अनुसार हमारा मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहने के लिए, यह जरूरी है कि हम अपने को स्वीकार करें अौर प्यार करें। इससे हम आत्मसम्मानी, आत्मविश्वासी  व आशावादी  बनते हैं। सेल्फ कंसेप्ट का मजबूत होना और सकारात्मक होना अच्छी बात हैं.

कभी अपने भीतर झाँकने की कोशिश की है?

आईने में झाँको , अपने आप को ग़ौर से देखो

अपनी आँखों में , निगाहों में झाँको.

अपने अंदर झाँको, मिलो अपने आप से.

बातें करो अपने आप से .

और बताओ अगर

बिलकुल अपने जैसा कोई मिला

तब कैसा लगेगा आपको ?

मिलना चाहेंगे या नहीं उससे ?

सबसे पहले क्या कहना चाहेंगे ?

Copyright© 2015-2019

by Rekha Sahay
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Now, plant 10 trees to get passing certificates in Philippines

यह है रचनात्मकता और बच्चों-बड़ों

को हरियाली का मोल समझना .

बच्चे को आग से बचना, डूबने से बचाव करना

दूसरों की मदद करना , वन और प्राणियों का

संरक्षन करना जैसा ज्ञान दें यह भी आवश्यक हैं.

मात्र किताबी ज्ञान समुचित नहीं .

https://indianexpress.com/

https://indianexpress.com/article/education/study-abroad/now-plant-10-trees-to-get-pass-certificates-in-philippines-5754403/?fbclid=IwAR3nf7D81_jvi0KvTwUbTQuRSOAfg4fiLdfXo2loHldaGKiaGmV3ZRTNeps&utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

Parents of 21-year-old US cadet can use his sperm for surrogate birth New York Supreme Court

विज्ञान की असीम खोज

ने नई सम्भावनाएँ

नई आशाएँ जगा दीं हैं.

https://m.hindustantimes.com/world-news/parents-of-21-year-old-us-cadet-can-use-his-sperm-for-surrogate-birth/story-QlWw5KR9qB9FCEza1DCLOK.html?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

ज़िंदगी के रंग -155

The pleasure that is in sorrow is sweeter than the pleasure of pleasure itself.
~~Percy Bysshe Shelley

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 एक बंद दरवाजे को दस्तक देते ,

अंधेरें, एकांत में बैठ,

जीवन को मनन करते

कुछ हंसी कुछ दर्द

कुछ मधुर कुछ दुखद गीत

बन जाती है अनश्वर य़ादें।

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1st Prize in Photo Contest India – Your Choice Contest

A mom is always on the lookout for dangers that might befall her youngster.

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Mum’s The Word! By Chandni Sahay

Mum’s the word! by Chandni Sahay
Contest:  PCI  YOUR CHOICE CONTEST – April 2019
Photographer: Chandni Sahay
City & State: Pune, Maharashtra



प्यार, इश्क पेचीदा ढाई अक्षर- हंसी के फव्वारे

आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर निष्कर्ष निकला है कि प्यार, इश्क दिल का मामला नहीं बल्कि मस्तिष्क में हुए कुछ परिवर्तनों का परिणाम है। जिसका वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया जा सकता है.

As it turns out, love is all about the brain – which, in turn, makes the rest of your body go haywire. According to a team of scientists led by Dr. Helen Fisher at Rutgers, romantic love can be broken down into three categories: lust, attraction, and attachment.

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लव, प्यार, इश्क का मारा विज्ञान, हार्मोन से अनजान

फूलों , बैलून, उपहारों से लदे बेचारे प्रेमी ने आते ही इजहार-ऐ-प्रेम शुरू किया।

अनमनी प्रेमिका ने कहा- यह सब तो ठीक है पर मुझे तुम्हारे प्रेम का सुबूत चाहिए।

कहा उसने- क्या मैं दिल चीर कर दिखाऊ, मेरी आंखों में झांक कर देखो,  मेरे रग रग में तुम बसी हो।

नहीं, नहीं बस थोड़े से ब्लड के सैंपल चाहिए – प्रेमिका ने बड़ा इतरा कर कहा।

कहते हैं प्यार दिल का मामला नहीं दिमाग का केमिकल लोचा है, लव हार्मोन का मामला है।

जांच कराने के लिए तो ब्लड सैंपल लगेगा ही ।

 तुम्हारे जैसे आधे दर्जन मजनूअों का जाँच करा  रफा-दफा कर चुकी हूं अब बारी तेरी है।

हैरान-परेशान प्रेमी ने कहा- देखो गिफ्टों, मूवी से जाने कितनी लड़कियों को पटा चुका हूं

मेरी  दर्जन भर गर्लफ्रेंडस में एक तुम खून खराबे की बातें कर रही हो।

हमने तो यही जाना – “प्यार दिल दा मामला है” !!!

मुझे ऐसी अग्नि परीक्षा  लेनेवाली प्रेमिका नहीं चाहिए।

 

 

 

 

Happy Mother’s Day

ज़िंदगी के रंग – 149

बिगड़ी बातों को बनाना ,

नाराज़गी को संभालना,

तभी होता हैं जब

बिगाड़ने या नाराज़ होने वाला चाहे .

यह छोटी पर गूढ़ बात

बड़ी देर से समझ आई….

कि एक हाथ से ताली नहीं बजती.

ज़िन्दगी के रंग – 148 (मसाई मारा )

मसाई मारा, केन्या,अफ़्रीका के यात्रा के दौरान देखी एक सच्ची दिल को छूने वाली घटना पर आधारित ।

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देखा था एक तकती माँ को तपती धूप में ,

अफ़्रीका के जंगलो में जहाँ मौत और

ज़िन्दगी के बीच कितना फ़ासला है कोई नहीं जानता .

तब नहीं मालूम था  जल्द जीवन का कठोरतम सत्य भी देखना है।

 

वहाँ देखा था बड़ी– बड़ी, मासूम आँखों वाली

मंजुल,  मासूम, नाज़ुक सी गजेल हिरणी को

सुनहरी घास में दमकती स्वर्ण सी

मातृत्व  प्रेम से अोत–प्रोत

क्या ऐसे हीं सौंदर्य ने मोहा था वनवासी सिया को?

अौर भेज दिया था उन्होंने राम को उसके पीछे?

 

 

अौर तभी कुछ पल पहले दुनिया में आया नवजात,

  कुछ पल में शिकार हो गया लोमड़ी जोड़े का,

नोचे, मृत छौने को चाटती , डबडबाई  आँखें, भय,

 मोह, फिर से पाने की चाह में, ज़बरदस्ती खड़ा करने की कोशिश में,

अपने प्राणों की चिंता किए बिना

कभी पास आते लोमड़ियों से बिना ङरे  दूर भगाती,

कभी बच्चे के पास आ कर भी ना आती, सहमी पर

निर्भय हो क्रूर, अपने से मजबूत  अौर शक्तिशाली

 दुश्मन को दूर–दूर तक दौङाती हिरणी.

आँखे आँसू से भर बंद हों गए,

कुछ बुँदें छलक गिर आईं भय से कस कर बंद  मुट्ठियों पर   

यह ह्रदय–विदारक दृश्य देखना कठिन था, 

पर  मौत पर कथन था गाइड का – आप भाग्यशाली है

क्योंकि मसाई मारा में ऐसे दृश्य के गवाह कम हीं होते हैं!

शायद धीरे धीरे मौत की सच्चाई समझ आने लगी थी

लाचार माँ को , थोड़ी दूर दूर थी वह अब बच्चे से …….

देखा था एक तकती माँ को

उसकी बड़ी–बड़ी डबडबाई  आँखें  को !

अौर देखा शिकारियों को भी माँ के जाने का इंतज़ार करते…….

अफ़्रीका, मसाई मारा के जंगलो में जहाँ

 देखे कई रंग ज़िन्दगी के…….।