दिलों- दिमाग़ को दर्द जमा करने का कचरादान ना बनाओ.
खुल कर जीने के लिए दर्द को बहने देना ज़रूरी है –
बातों में, लेखन में …..
खुल कर हँसने के लिए खुल कर रोना भी ज़रूरी है,
ताकि दिल और आत्मा का दर्द आँसुओं में बह जाए.

William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
एक दिन देखा शिव का चिता, भस्मपूजन उज्जैन महाकाल में बंद आंखों से ।
समझ नहीं आया इतना डर क्यों वहां से जहां से यह भभूत आता हैं।
कहते हैं, श्मशान से चिता भस्म लाने की परम्परा थी।
पूरी सृष्टि इसी राख में परिवर्तित होनी है एक दिन।
एक दिन यह संपूर्ण सृष्टि शिवजी में विलीन होनी है।
वहीं अंत है, जहां शिव बसते हैं।
शायद यही याद दिलाने के लिए शिव सदैव सृष्टि सार,
इसी भस्म को धारण किए रहते हैं।
फिर इस ख़ाक … राख के उद्गम, श्मशान से इतना भय क्यों?
कोलाहल भरी जिंदगी से ज्यादा चैन और शांति तो वहां है।

भस्मपूजन उज्जैन महाकाल में बंद आंखों से – वहाँ उपस्थित होने पर भी यह पूजन देखा महिलाओं के लिए वर्जित है.
उखड़ा-उखड़ा नाराज़ मौसम
बिखरी बेचैन हवाएँ
सर पटकती सी .
कभी-कभी अपनी सी लगने लगतीं हैं.

अब स्याही वाली क़लम से लिखना छोड़ दिया है.
कब टपकते आँसुओं से
पन्ने पर पर अक्षर अौ शब्द फैल जाते हैं।
कब आँखें धुँधली हो जातीं हैं।
पता हीं नहीं चलता है।
कहते हैं, जो कुछ खोया हैं,
वह वापस आता है।
पर कब तक करें इंतज़ार यह तो बता दो?
Don’t grieve. Anything you lose comes round in another form.

Rumi ❤️

प्रतिपदा का कमज़ोर, क्षीण चाँद
थका हारा सा अपनी
पीली अल्प सी चाँदनी ,
पलाश के आग जैसे लाल फूलों पर
बिखेरता हुआ बोला –
बस कुछ दिनो की बात है .
मैं फिर पूर्ण हो जाऊँगा।
मेरी चाँदी सी चाँदनी हर अोर बिखरी होगी .
हमने खुद जल कर उजाला किया.
अमावास्या की अँधेरी रातों में,
बयार से लङ-झगङ कर…
तुम्हारी ख़ुशियों के लिए सोने सी सुनहरी रोशनी से जगमगाते रहे.
और आज उसी माटी में पड़े हैं…..
उसमें शामिल होने के लिए
जहाँ से जन्म लिया था.
यह थी हमारी एक रात की ज़िंदगी.
क्या तुम अपने को जला कर ख़ुशियाँ बिखेर सकते हो?
कुछ पलों में हीं जिंदगी जी सकते हो?
सीखना है तो यह सीखो।
Image courtesy- Aneesh
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