ज़िंदगी के मेले में

ज़िंदगी के मेले में कई मिलते हैं

कुछ दूर साथ चलते हैं।

अपनी अपनी मंज़िल की ओर

बढ़ जाते हैं,

जैसे हो दरिया का बहता पानी।

बहती नादिया रुक जाये तो

खो देती है ताज़गी और रवानी।

बढ़ते जाना हीं है ज़िंदगानी।

मंज़िल पाना है जीवन की कहानी।

One thought on “ज़िंदगी के मेले में

  1. बहुत से लोग क्या करते हैं
    उनकी सफलता का जश्न मनाने के लिए
    अपने रास्ते जाओ
    अपने आप को गुरुत्वाकर्षण से दूर ले जाने दें
    आत्मा का मार्गदर्शन करो
    आत्मा आपके जीवन की शुरुआत और अंत है
    प्रशिक्षण
    आत्मा के माध्यम से
    सपने से निपटना
    अपने कुकर्मों से निपट रहा है
    आप अपने जीवन के निर्माता नहीं हैं
    आप अपने दृढ़ विश्वास के साथ एक पत्थर नहीं हिलाएंगे
    आत्मा आपकी कहानी को संपूर्ण बनाती है
    चाहे अच्छा हो या बुरा हर दिन आज्ञा का पालन करें
    वो आत्मा

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