लोगों क्या कहेंगे?

लोगों क्या कहेंगे?

इस डर के क़ैद में क्यों जीना?

लोग हमारी ज़िंदगी से खो ना जायें।

इस डर से ग़लत लोगों को क्यों झेलना?

ज़िंदगी में लोग आएगें, लोग जाएँगें।

लोगों का क्या है? आज़ जो अपने हैं,

ना जाने कब बदल जायें मौसम की तरह।

कब दुनिया की भीड़ में खो

जायें अजनबियों की तरह।

ऐसे में खुद को खो क्यों देना?

अपने-आप को खो कर क्या पाएँगें?

Self-love

Positive Psychology – Self-love comprises four aspects: self-awareness, self-worth, self-esteem and self-care. It is a state of appreciation for oneself that grows from actions that support our physical, psychological and spiritual growth. Self-love means having a high regard for your own well-being and happiness.