पल-पल

दिलो-दिमाग में  ख़्याल आया।

हर पल में हम ज़िंदगी जीते हैं।

अौर अगले पल वह पल मर जाता है,

बीता हुआ पल बन कर।

फिर, दिलो-दिमाग अौ ज़ेहन में ख़्याल आया,

हर पल ज़िंदगी आगे बढ़ती जा रही है।

 अौर हर पल उम्र घटती जा रही है

पर लालसा अौर लालच बढ़ती जाती है पल-पल।

 मुझे हीं या

औरों को भी यह ख़्याल आता है?

 

 

 

 

ज़ेहन-मस्तिष्क/दिमाग

Stay happy, healthy and safe-150

#CoronaLockdownDay – 150

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Once you start making the effort to

“wake yourself up”

– that is, be more mindful in your activities

– you suddenly start appreciating life.

 

 

 

— Robert Biswas-Diener, Positive Psychologist