सूरज ङूबने के बाद

सूरज ङूबने के बाद

क्षितिज़ के ईशान कोण पर

दमकता है एक सितारा…..

शाम का सितारा !

रौशन क़ुतबी सितारा

 ध्रुव तारा…

सूरज डूब जाए तब भी,

अटल और दिव्यमान रहने का देता हुआ संदेश.

10 thoughts on “सूरज ङूबने के बाद

  1. सूरज कभी डूबता नही, यह एक भ्रम है। यह तो प्रकृति का खेल है। प्रकाश तो अन्दर रहता है। बाहर उजाला हो या अन्धकार, क्या फर्क पडता है।

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    1. बेहद प्रेरक पंक्तियाँ।
      इसलिये तो ङूबने के एहसास के बाद भी हौसला बनाये रखना चाहिये।
      बहुत आभार।

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  2. स्टार लाइट, स्टार ब्राइट,
    आज रात मैं पहला सितारा देख रहा हूं;
    काश मैं हो सकता, काश मैं हो सकता
    मैं तुम्हें आज रात की कामना करता हूं

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  3. किसी के आने किसी के जाने का एहसास बनाये रखना,
    ये जानते हुए भी की ना कोई जाता है
    ना कोई आता,
    एक हवा है जो बाहर भी है और अंदर भी,
    जबतक अंदर है तबतक हम,
    और जबतक बाहर है हवा
    तबतक हम।
    है ना अजीब।
    खूबसूरत रचना आपने रचा है।👌👌

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    1. आपने मेरी कविता के भाव को बड़े अच्छे से समझा है. यह अहसास हीं बड़ा तसल्ली देने वाला है – कोई आता जाता नहीं!
      तहेदिल से शुक्रिया !

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