क्यों कुरेदते हो राख ? October 8, 2019 Rekha Sahay बनाया भी रावण, जलाया भी रावण. फिर क्यों कुरेदते हो राख को अगले बरस? फिर रावण बनाने को? और शिकायत भी करते हो, कि मरता नहीं रावण. Rate this:Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn Share on Pocket (Opens in new window) Pocket Share on Reddit (Opens in new window) Reddit Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Like Loading... Related
रावण को तो राम ने जलाया था , जो ‘राम’ हो वही रावण के पुतले को फूंके! और राम बनने के लिए पहले अपने अंतस के रावण का दहन करना होगा ! और वह कर लिया तो बाहर के रावण दहन की कोई आवश्यकता ही नहीं रह जाएगी ! LikeLiked by 1 person Reply
Acha hai
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Aabhar Saba.
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होती जीत सत्य की और असत्य की हार
यदि दशहरा से हम सही संदेश ले पाते।
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हाँ, पर रावण को जला कर भी यह सीखते नहीं हमलोग.
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रावण को तो राम ने जलाया था , जो ‘राम’ हो वही रावण के पुतले को फूंके!
और राम बनने के लिए पहले अपने अंतस के रावण का दहन करना होगा ! और वह कर लिया तो बाहर के रावण दहन की कोई आवश्यकता ही नहीं रह जाएगी !
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हाँ, पर सभी बाहर को खोजते है और पुतला जला अपना कर्तव्य पूरा कर लेते हैं.
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