गुस्तखियाँ…. भूलें…

इबादत मंदिर में और पूजा मस्जिद में,

गुरुग्रंथ चर्च में बाइबिल गुरुद्वारे में,

बड़ी गुस्तखियाँ…. भूल.. होंगी.

पर इंसानियत का क्या होगा?

जहाँ…….

भूखा ही भटकता रहे नन्हा बच्चा.

लोग शिवलिंग पर दूध चढ़ाते रहे?

भूखा ही सो जाये मासूम

भोज-उत्सव चलता रहे?

सर्दी में ठंड से काँपता रहे

मज़ारों पर चादरें चढ़तीं रहीं?

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