ज़िंदगी के रंग – 191

ज़िंदगी के झंझावत…तूफ़ान

बीत जाने के बाद

अक्सर कैसे काटे वो पल,

यह याद नहीं रहता.

पर यह तय है कि

उस दौर से गुज़रने के बाद

हम बदल चुके होते हैं –

या तो टुकड़ों में टूट जातें हैं

या और मज़बूत बन जातें हैं.

6 thoughts on “ज़िंदगी के रंग – 191

Leave a comment