
ज़िंदगी की राहें
मज़बूत दिखने वालों
की सच्चाई यह होती है,
कि वे कई बार टूट
कर बने होते हैं।
ज़िंदगी की राहों पर,
वे अकेला चलना
सीख चुके होतें हैं।

ज़िंदगी की राहें
मज़बूत दिखने वालों
की सच्चाई यह होती है,
कि वे कई बार टूट
कर बने होते हैं।
ज़िंदगी की राहों पर,
वे अकेला चलना
सीख चुके होतें हैं।

कोर्स
ना प्यार सीखने का
कोर्स होता है ।
ना दर्द देने या
नफ़रत करने का।
यह तो ज़िंदगी सीखती है,
और दिल सीखता है।

दर्द और चुभन कम
करने के लिए,
बार बार चुभनेवाली कील
ज़िंदगी से हटा देनी चाहिए।
अपने लिए जीना,
खुश रहना स्वार्थ नहीं
समझदारी है।
सच्ची बात यह है कि
जो स्वयं खुश हैं।
वही दुनिया में
ख़ुशियाँ बाटें सकतें है।

दाग़दार चाँद नहीं
किसी को कहता
अपनी ओर देखने ।
आँखें खुदबखुद
निहारतीं हैं।
उसका आकर्षण देख,
चकोर ताक़त है चाँद को।
सागर की लहरें ,
पूनम की रात के
शीतल चाँद को
छूने के लिए
हिलोरे मारती हैं।
अपने में जीवन का
गूढतम रहस्य छुपाए चाँद
घटता और बढ़ता रहता है।
क्योंकि उसे मालूम है
कि अपूर्णता के बाद हीं
पूर्णता मिलती है।

ज़िंदगी के जंग में
कुछ लोग टूटते नहीं।
क्योंकि, वे कई बार
टूट टूट कर बने होते हैं।
वे अपने खंडित अस्तित्व में
सुकून खोज़ लेते हैं।
अपनी आँखों की चमक
और मुस्कान में ख़ुशियाँ
ढूँढ लेतें हैं।
ज़िंदगी की थकान में
अपनी रौशनी बनाए रखना
सीख लेते हैं।
चोट के निशानों में
निखारना सीख लेते है।

हँस कर चाँद ने कहा –
यूँ गौर से ना देखो मुझे।
ज़िंदगी ऐसी हीं है।
सिर्फ़ मेरा हीं नहीं,
हर किसी का स्याह
समय आता है।
पर सबसे अच्छी बात है,
अपने आप को पूर्ण
करने की कोशिश
में लगे रहना !!

मान कर चलो कि ज़िंदगी में अच्छा…
सबसे अच्छा समय
अभी आना बाकी है।
अपने अंदर की रौशनी
कभी मरने न दो।
तुम्हारा अपना सर्वश्रेष्ठ
करना ही काफी है।

सूरज रोज़ निकलता है!
कोशिश मायने रखती है।
परिपूर्ण मत बनो,
वास्तविक बनो।
मान कर चलो कि ज़िंदगी
में अच्छा…
सबसे अच्छा समय
अभी आना बाकी है।

कुछ लोगों को लगता है,
वे हमेशा सही हैं।
उनसे सही दूरी
बनाए रखनी चाहिए।
क्योंकि ऐसे लोग
अपने वहम में ज़िंदगी
से कुछ सीखते ही नहीं।

ना दूरी ना नज़दीकी
रिश्ते बनाती या बिगड़ती है।
वह तो सरसब्ज़ ….सदाबहार
प्रीत और चाहत होती है।
राधा पास थी,
पर अपनी बनी नहीं।
मीरा सदियों दूर थी,
पर कान्हा उनके अपने थे।
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