पूछा जलते और ढलते सूरज ने।
तपन के बावजूद हम साज़िश करते रहते है
ताकि चाँद तुम दमक सको
मेरी प्रतिबिंबित रोशनी से।
मिलन ना लिखा हो हमारा।
पर ख्वाहिश है कि
चाँद तेरी दूधिया चाँदनी चमके
आफ़ताब….सूरज की रौशनी से।

Topic by yourquote
पूछा जलते और ढलते सूरज ने।
तपन के बावजूद हम साज़िश करते रहते है
ताकि चाँद तुम दमक सको
मेरी प्रतिबिंबित रोशनी से।
मिलन ना लिखा हो हमारा।
पर ख्वाहिश है कि
चाँद तेरी दूधिया चाँदनी चमके
आफ़ताब….सूरज की रौशनी से।

Topic by yourquote
औरत क्या सिर्फ़ एक ज़िद्दी पेड़ की तरह है?
कही से उखाड़ कर कही और लगा दो।
उसे पनपना ही होगा।
चाहे उसमें इसकी शक्ति हो ना हो।
उसे पसंद हो ना हो।
पत्नी ना रहे तो कहते हैं आदमी कब तक रहे अकेला?
पति ना रहे तो कहते हैं –
पत्नी को वैधव्य धर्म निभाना चाहिए।
इतना फ़र्क़ क्यों?
Every woman should have the same
rights as men, because a woman is
the mother who gives birth to a man.
We should always respect them.
~~ RAJA RAM MOHAN ROY
(20th August 1828, the first session of Raja Ram Mohan Roy’s Brahmo Samaj was held in Kolkata.)

‘तू करता वही है , जो तू चाहता है ,
होता वही है जो मै चाहता हूँ।
तू वही कर ,जो मै चाहता हूँ ,
फिर होगा वही ,जो तू चाहता है। ‘
-श्रीमद्भागवत गीता
Happy Birthday lord Krishna!

कभी कैक्टस, कभी पत्थर
बन जाती है नरम मुलायम जीभ।
कभी नर्म कभी गर्म, कभी ज़ख्म पर
मरहम सा सुकून भरा फाहा।
कभी घाव दे जाती है नाज़ुक जीभ।
कभी रिश्ते बनाती, कभी बिगाड़ती है।
कभी गुनाहगार कभी बेगुनाह निर्दोष बन जाती है।
शायद इसलिए ज़ुबान की दहलीज़ पर
लबों के पहरे होते हैं।
शायद इसलिए जुबाँ
कई दीवारों के पहरे में क़ैद रहती है।
ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोये।
औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।। ~~ कबीर

क्यों आज़ लोग खुश और संतुष्ट नहीं?
क्यों लोग स्वयं को नहीं, दूसरों को देख रहें हैं?
आध्यात्मिक-मानसिक प्रगति से दूर,
भाग रहें हैं भौतिक प्रगति की ओर।
पर है स्वयं के गोली-बारी, हिंसा से लहू-लुहान।
गीता ने सदियों पहले बताया,
जो तुम्हारे पास है उसमें संतुष्ट, ख़ुश रहना सीखो,
क्योंकि ख्वाहिशें तो अनंत हैं।
सन्तुष्टः सततं योगी यतात्मा दृढनिश्चयः।
मय्यर्पितमनोबुद्धिर्यो मद्भक्तः स मे प्रियः।।12.14।।
अर्थ- संयतात्मा दृढ़निश्चयी योगी सदा सन्तुष्ट है।
जो अपने मन और बुद्धि को मुझमें अर्पण किये हुए है?
वह मुझे प्रिय है। (भगवद् गीता अध्याय 12 श्लोक 14)

Salman Rushdie Stabbed In Neck At New York Event, Taken To Hospital. https://www.ndtv.com/world-news/author-salman-rushdie-attacked-on-stage-at-an-event-in-new-york-news-agency-pti-3249899/amp/1
नाप-तौल के रिश्ते निभाने वालों
हाथ में लिए तराज़ू,
ना तौल इंसाँ को।
ना भूल,
आकार, रूप, रंग हैसियत नहीं,
हुनर, स्वभाव और गुण काम आते हैं।
जैसे छोटे से छोटे भी अनमोल होते है
हीरा-स्वर्ण-जवाहरात ।

मृत यादें मर कर भी दर्द देतीं है।
ग़र अतीत के घाव नहीं भरे
तो वे रिसते रहेंगे।
यादों के दाग,
ज़ख्मों के जलन
अपने होने का एहसास देते रहेंगे।
अतीत से समझौता कर
आगे निकल जाना ज़रूरी है।

करो इश्क़ हर साँसों से,
साँसे ज़िंदगी…ताक़त है हमारी।
किसी और के फ़िक्र में ना टूटने दो दिल,
दिल अपना है।
चोट ना लगने दो अपने अंतरात्मा को।
रूह तुम्हारी है,
किसी भीड़ में ना गुम होने दो अपने आप को,
जब टूटने लगो ज़िंदगी में, ठहर कर,
एक गहरी साँस लो और आइने
में निहारो अपने आप को।
याद रखो, हम सबसे ज़्यादा अपने हैं।


कहते है आभार देते समय रहता मन शुद्ध सात्विक।
क्योंकि शुक्रगुज़ार होंने के वक्त
हम सब के साथ होती है सकारात्मक ऊर्जा।
आभार देते वक्त, शिकवे-गिले आते नहीं हैं ज़ेहन में।
अब विज्ञान के ख़यालात भी लगे हैं मिलने।
वे भी मानने लगें हैं, शुक्रिया कैसे भी अदा करो।
लफ़्ज़ों से, मन हीं मन या दिल से।
ख़ूबसूरती, सुकून और ख़ुशियाँ भरी होती है उनमें।
positive psychology research – gratitude is strongly and consistently associated with greater happiness. Gratitude helps people feel more positive. Giving thanks can make you happier – Harvard Health

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