अपेक्षायें, सफ़ाई और
कई जज़्बा-ए-बेनाम,
आने लगे सफ़र-ए-ज़िंदगी के बीच।
जो चैन और सुकून छीन ले,
तब
लोगों को ना करे कोशिश बदलें की।
आसपास के लोगों को बदल दें।
अर्थ- जज़्बा-ए-बेनाम: अनाम अहसास / nameless emotions.

अपेक्षायें, सफ़ाई और
कई जज़्बा-ए-बेनाम,
आने लगे सफ़र-ए-ज़िंदगी के बीच।
जो चैन और सुकून छीन ले,
तब
लोगों को ना करे कोशिश बदलें की।
आसपास के लोगों को बदल दें।
अर्थ- जज़्बा-ए-बेनाम: अनाम अहसास / nameless emotions.

चाहत मेरी या चाहत तेरी,
है क्या रूबरू हक़ीक़त से?
कहते हैं मिल जाती है कायनात,
चाहो ग़र शिद्दत से।
पर कुछ हसरतें, रह जातीं हैं हसरतें।
ग़र तुम चाहते हो किसी को रूह से
तब बनी रहेगी यह
मद्धम सी लौ-ए-चाहत अनंत तक।
आसमाँ और ज़मीं, सूरज और चाँद की उल्फ़त सी।
कुछ चाहतों में मिलन नहीं,
होती हैं ये चाहतें, चाहते रहने के लिये।

#TopicByYourQuote
अक्सर लगता है,
ग़ज़ब तनाव है ज़िंदगी में।
अजब ताव है फ़िज़ा में।
साया-ए-ग़म में साँसें है घुटी-घुटी।
हँसी की रौशनी जैसे लुटी-लुटी।
उदासी के अँधेरे में भाव बढ़ा जैसे चराग़ का।
सच यह है कि इसी उलझन का नाम है ज़िंदगी।
इसे मुस्कुरा कर जीना है बंदगी।
सामना करो, नाम दो पहचान दो एहसासों को।
भावनायें और दिलो-दिमाग़ ग़र सीख गए संभलना।
चाँद उतर आएगा फिर ख़ुशियों के समुंदर में।
International Stress Awareness Day-
Don’t become the slave of your emotions.
recognise your emotion and your triggers
and handle Them with care. Otherwise they’ll
Make you fragile.

कहते हैं, आज़ाद छोड़ दो,
पंछी हो या इंसान।
ग़र वापस आना होगा,
अपने-आप आ जाएगे।
पर सच्चाई तो यह है कि
राह कोई भी, कभी भी भटक सकता है,
फिर ज़माना दोष देगा।
क्यों वापस आने की आदत ना लगाई,
क्यों राह-ए-नीड़ ना सिखलाई।

ज़िंदगी ख़्वाबों में मसरूफ़ ,
ख़्वाबों की इबादत में मसरूफ़।
नींद भरी आँखें अपनी
दर्द भरी कहानी किसे सुनायें?

कहने में देर हो गई कि
मुझे तन्हा न कर जाना।
तन्हा हैं रात-दिन और फ़ज़ाएँ
कहाँ खोजें, कैसे भूल जायें?
अब है तन्हाई की उस मंज़िल पर,
जहाँ मालूम नहीं
यह मकाँ है, क़ब्र है, या मज़ार है?
जी रहे है क्योंकि मर-मर कर,
जीने के तरीक़े हज़ार है।

#TopicByYourQuote
एक उलझन नहीं सुलझ रही।
हैं ज़िंदगी ख़्वाबों में मसरूफ़,
ख़्वाबों की इबादत में मसरूफ़।
है ख़ूबसूरत नशीला वसंत,
कहकशाँ,, चाँद-तारो भरी रातें।
नींद भरी आँखें अपनी
दर्द भरी कहानी किसे सुनायें?

topic by yourquote
ज़िंदगी मिली है जीने के लिए,
गिरने-उठने और दमकने के लिए।
सब हैं अलग-अलग पर ख़ास।
तारीफ़ कीजिए बनाने वाले की।
ग़लतियाँ कीजिए और सीखते रहें
नए-नए सबक़-ए-ज़िंदगी।
बदलाव है अहम हिस्सा, मज़ा लीजिए
बदलते सफ़र-ए-ज़िंदगी का।
Happy Psychology / Positive Psychology Fact-
Keep trying new things as life gets boring
when we stay within the limits of know
activities. In such a case, we start working in
an autopilot mode. Which is not good for
our mental health.

अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को
मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।
पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।
लिखने वाले की पूरी होगी
आरज़ू-ए-सफ़र,
शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते
अपने वजूद-ए-ज़फ़र।
अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,

लोग क्या कहेंगे?
वही कहतें हैं लोग अक्सर,
जो है नज़रिया उनका।
क्या है ज़रूरी, लोगों की राय?
रूह में दहशत? या ख़ुशियाँ औ सुकून?
सुने सब की, गौर करो, पर दिल पर ना लो।
खोना नहीं ख़ुशियों के पल,
ज़िंदगी रखो ख़ुशगवार।
Positive Psychology- “Once you start
making the effort to “wake-yourself up”
that is, be more mindful in your। activities,
you suddenly start appreciating life a lot more
– Robert Biswas-Diener

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