हमारी पृथ्वी HappyEarth Day -22 April

ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी है एक छोटी सी बिंदु।

इतनी न्यून दिखनेवाली धरा पर रहनेवाले

इंसानों का अहंकार इतना बड़ा क्यों?

7.6 अरब लोगों को नहीं दिखता कि

हम तलबगार हैं इसके? क्यो परवाह नहीं इसकी?

धरा का कोख है कूड़ा से ज़ख़्मी और

आसमाँ का सीना धुआँ से चाक।

एहसान फ़रामोशी से जो हम दे रहे जमीं को,

ग़र वही लौटाने लगे, तब जाएँगे कहाँ हम?

On April 22, Earth Day has been celebrated around the globe, annually For the past 50 years. The aim is to promoting awareness for the health of our environment.

तनाव / Stress

जीवन सार

तन थके तो आराम चाहिए।

मन थके तो सुकून चाहिए।

“जो होगा अच्छा होगा”

मन के सुकून और शांति के लिए,

यह विश्वास क़ायम रखना है ज़रूरी।

कोशिश से बना सकते है यह यक़ीन।

गीता में छुपा है यह जीवन सार –

जो हुआ अच्छा हुआ।

जो हो रहा है वह अच्छा है।

जो होगा वह भी अच्छा होगा।

किस बात का अभिमान साधो ?

ख़ाक में, राख़ में लिपटे,

शमशानों में भटकते भभूतमय शिव का

संकेत है कि ज़िंदगी यहाँ ख़त्म होती है।

कौन कब जहाँ छोड़ जाए, मालूम नहीं।

ग़ुरूर में डूबे कितने इन राहों से गुज़र गए।

फिर किस बात का अभिमान साधो ?

#TopicYoyrQuote

एक अरसा हो गया ख़ुद से मिले…

हमें मालूम है तुम्हें,

एक अरसा हो गया है ख़ुद से मिले।

दुआ देतें हैं, तुम्हें तुम जैसा कोई मिले।

उस आईने में,

अक्स से नज़रें मिला सको तो देखना

तुम्हें अपना व्यवहार

अपना किरदार नज़र आएगा।

#TopicByYourQuote

ये भी याद है !

मुलाक़ात न होने पाई थी

वक्त-ए- रुख़्सत ।

पर बंद आँखों से देखा था,

एक गहरी सी साँस और

तिरी गीली आँखों का झुक जाना,

क़तरे अश्क़ो का छलक जाना,

सूखे लबों का थरथराना।

तेरे हाथों का यूँ उठ जाना याद है

जैसे डूबने वाला हो कोई।

पर कहा नहीं तूने अलविदा

ये भी याद है।

रेशम सी नाज़ुक

हर रिश्ते के दर्मियान होती है एक डोर।
रेशम सी नाज़ुक विश्वास और भरोसे से बंधी।
राज़, रहस्य, बेवफ़ाई और झूठ आयें बीच में,
तो टूट कर बिखर जाती है।
ग़र बनाने हो या निभाने हों रिश्ते,
एक दूसरे को सब बताओ, सच बताओ।
ग़र सच सहने का ताब ना हो तो मुरझाने दो इन्हें।
रूह की आईनों में देखो, तुम्हें रिश्तों में क्या चाहिए।
वही दो दूसरों को।
वरना ज़िंदगी क़ैद बन जाएगी।

Happy Psychology! Positive Psychology! – Honesty Can Make or Break a Relationship. When you know you can totally trust your mate, it strengthens your love.

Positive Psychology- Phantom Pocket Vibration Syndrome

Result of Technology addiction – Phantom vibration syndrome or phantom ringing syndrome is the perception that one’s mobile phone is vibrating or ringing when it is not.

According to Dr. Michelle Drouin, a professor at Indiana University-Purdue University in Fort Wayne, Indiana, 89 percent of the undergraduates in her study had experienced these phantom vibrations

शुभ रामनवमी ! Happy Ramanavami!

हम हम ना रहें,

हम में वो शामिल हो जाए।

हम खोए रहें उसमें, वो रहे हम में।

राज़-औ-रहस्य है जो।

ज़र्रा-ज़र्रा में शामिल है जो।

दिखे ना दिखे पर हमेशा रहे साथ जो।

भींग सराबोर रहें रहमतों के बारिश में उसके।

हम दुआओं में पुकारते रहेंगे उसे।

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ !!