हिजाब

एक हीं बात के हैं कई नज़रिए।

कहीं कहीं विरोध, कहीं है सपोर्ट।

https://www.firstpost.com/world/popular-iranian-actress-hengameh-ghaziani-arrested-day-after-appearing-in-public-without-hijab-report-11663171.html/amp

Popular Iranian actress Hengameh Ghaziani arrested day after appearing in public without hijab: Report

Earlier this month one of Iran’s top actresses Taraneh Alidoosti posted a picture on Instagram without the mandatory hijab while holding a placard with the protest slogan, ‘women, life, freedom’

कदर

नहीं थी उनको हमारी कदर,

जिसके हम थे सबसे बड़े कदरदान।

हमारी कदर नहीं थी उनको,

जिसके हम सबसे बड़े कदरदान थे।

रात के आख़री किनारे पर

इक तन्हा चराग़, कमजोर पड़ते लौ से

निशा के गहरे अँधेरे से लड़ता थक सा गया।

रात के आख़री किनारे पर

टिमटिमाते चराग़ के कानों में,

सहर का सितारा बोल पड़ा –

हौसला रख, सुबह के दीप।

कुछ हीं पल में अँधेरा जाने वाला है।

रौशन जहाँ करने,

आफ़ताब आने हीं वाला है,

बचपन World Children’s Day – 20 November

वो बचपन, वो बेपरवाह एहसास,

वो मासूमियत और भोलापन,

डूबा सच्चाई की चाशनी में।

तितलियाँ हमजोली लगती,

भँवरें ग़ज़लें सुनाते।

वो पारियों की सच्ची लगती कहानियाँ,

वो बेफ़िक्री की नींद।

ख़ुश थे कल वे पानी में

काग़ज़ की कश्तियाँ तैरा कर।

आज पानी भरे सात सागरों के पार

जा आ कर भी डूबे है ज़िंदगी कि उलझनों में।

एक वो ज़माना था, इक ये ज़माना है।

Happy World Children’s Day – 20 November

बचपन World Children’s Day – 20 November

वो बचपन, वो बेपरवाह एहसास,

वो मासूमियत और भोलापन,

डूबा सच्चाई की चाशनी में।

तितलियाँ हमजोली लगती,

भँवरें ग़ज़लें सुनाते।

वो पारियों की सच्ची लगती कहानियाँ,

वो बेफ़िक्री की नींद।

ख़ुश थे कल वे पानी में

काग़ज़ की कश्तियाँ तैरा कर।

आज पानी भरे सात सागरों के पार

जा आ कर भी डूबे है ज़िंदगी कि उलझनों में।

एक वो ज़माना था, इक ये ज़माना है।

Happy World Children’s Day – 20 November

परफ़ेक्ट

किसी से मिलते हीं

उसे ना नापो तौलो,

जज ना करो।

सभी किसी ना किसी रूप में पूर्ण हैं

और अपूर्ण भी।

इंसान रूप में ईश्वर ने अवतार लिया,

यही समझाने के लिए,

कि कोई परफ़ेक्ट नहीं।

Happy International Men’s Day

ग़र जीवन का अर्थ खोजना है!

खोने का डर क्यों? साथ क्या लाए थे।

क्या कभी बिना डरे जीने कोशिश की?

तब तो फ़र्क़ समझ आएगा।

इस जहाँ में आए, सब यहाँ पाए।

सब यही छोड़ जायें।

यही कहती है ज़िंदगी।

ग़र जीवन का अर्थ खोजना है।

एक बार ज़िंदगी की बातें मान

कर देखने में हर्ज हीं क्या है?

Topic by yourQuote

जीवन का अर्थ खोजना है

दहलीज

दहलीज़ यूँ हीं नहीं बनते।

ये मकाँ को घर है बनाते।

घर की हिफ़ाज़त है करते।

इस कदर होतें है पैबस्त ये

चौखट दिल-औ-दिमाग़ में

कि दाख़िल होते एक से दूसरे दरवाज़े में,

नई सोंच आती है दिमाग़ में।

दिल की दहलीज़ हो या घर की।

ये कुछ बातें याद दिलाती है,

कुछ बातें भुलातीं है।

About doorway effect Psychologists says – walking through a door and entering another room creates a “mental blockage” in the brain. walking through open doors resets memory to make room for a new episode to emerge. That’s is why you sometimes walk into a “room and forget why you entered