कुछ हँस कर, कुछ रो कर झेलते हैं।
दुःख सहने का अपना- अपना तरीका होता है।
क्या अच्छा हो, गर आँखों में आँसू पर होंठों पर मुस्कान हो।
Image from internet.
कुछ हँस कर, कुछ रो कर झेलते हैं।
दुःख सहने का अपना- अपना तरीका होता है।
क्या अच्छा हो, गर आँखों में आँसू पर होंठों पर मुस्कान हो।
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Opium addiction in Rajasthan, India : A social Issue —- Poppy flowers are very beautiful and delicate. Opium is produced from it. India is the only country , produces opium gum legally and one of very few countries that legally allows growing poppy to get opium for medicinal purpose.
But the negative aspect is – drug trafficking and opium addiction, As no. of opium users are increasing day by day, specially in Rajasthan.
पेड़ की छाया में बैठे पुरुषों की
अफीम की पिनक में डूबी मजलिस ने,
गुङगुङाते हुक्के का धुआँ उडाते हुए दूर ….. देखा………..
रंग बिरंगे , शीशे जड़े लहँगें-चोली में मीलों से
तपती रेत पर, ठंडे पानी के
घड़े एक पर एक रख
गाती गुनगुनाती औरतों को.
अौर कहा –
इन लुगाईयों के मजे तो देखो ,
गीत गा रहीं है , ना दिखता है
हम कब से भूखे बैठे है ……
पर क्या उन्हे दिखता है लुगाईयों के
गर्म रेत से पड़े पैरों के छालें
और चूल्हे की लकड़ी से उठे धुयें से आये आँसू ???
फ़िर भी …..
वे पॉपी के फूलों सी नाजुक अौरतें
गाती गुनगुनाती रहती है …..

राजस्थान, भारत में अफीम की लत: एक सामाजिक मुद्दा है —-पॉपी के फूल बङे नाजुक अौर सुंदर होते हैं। इससे अफिम तैयार किया जाता है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जो कानूनी तौर पर अफीम गम का उत्पादन करता है । यह उन गिनती के देशों में से एक है, जो कानूनी रूप से औषधीय उद्देश्य के लिए अफीम प्राप्त करने के लिये पॉपी की खेती की अनुमति देता है।
लेकिन नकारात्मक पहलू है – अफीम की तस्करी और दिन पर दिन नशेङियोँ कि संख्या में वृद्धि।
Source: आँसू और अफीम – कविता
By day I praised you and never knew it.
By night I stayed with you and never knew it.
I always thought that I was me — but no,
I was you and never knew it.
~ Rumi
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 5
नवरात्रि की अष्टमी तिथि ,
प्रौढ़ होते, धनवान दम्पति ,
अपनी दरिद्र काम वालियों
की पुत्रियों के चरण
अपने कर कमलों से
प्यार से प्रक्षालन कर रहे थे.
अचरज से कोई पूछ बैठा ,
यह क्या कर रहें हैं आप दोनों ?
अश्रुपूर्ण नत नयनों से कहा –
“काश, हमारी भी प्यारी संतान होती.”
सब कुछ है हमारे पास ,
बस एक यही कमी है ,
एक ठंडी आह के साथ कहा –
प्रायश्चित कर रहें है ,
आती हुई लक्ष्मी को
गर्भ से ही वापस लौटाने का.
Source: कन्या पूजन ( कविता )
Image – Sundarban temple,
by Rekha Sahay.
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 4
इस दुनिया मॆं मैने
आँखें खोली.
यह दुनिया तो
बड़ी हसीन
और रंगीन है.
मेरे लबों पर
मुस्कान छा गई.
तभी मेरी माँ ने मुझे
पहली बार देखा.
वितृष्णा से मुँह मोड़ लिया
और बोली -लड़की ?
तभी एक और आवाज़ आई
लड़की ? वो भी सांवली ?
Source: मैं एक लड़की ( कविता 1 )
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 3
उसके पति ने कहा ,
सजावट की तरह रहो ,
कौन तुम्हें मदद करेगा ?
यह पुरुषों की दुनियाँ हैं.
सब के सब , कभी न कभी
ऐसे रिश्ते बनाते हैं.
अगर तुमने मेरी जिंदगी मॆं
ज्यादा टाँग अडाई ,
तब सब से कह दूँगा –
यह औरत पागल हैं.
उसने नज़रें उठाई और कहा-
सब के सब तुम्हारे जैसे नहीँ हैं.
तुम्हारे ये तरीके और हथियार पुराने हो गये ,
मुझ पर काम नहीँ करते.
हाँ , जो तुम जैसे हैं ,
वहीं तुम्हारा साथ देते हैं.
मैं नारी हूँ, रानी हूँ, शक्ति हूँ।
इसलिये शर्मिंदा होने का समय तुम्हारा हैं.
मेरा नहीँ.
आज़ के आधुनिक समय में अभी भी कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं , जो नारी को समानता का दर्ज़ा देने में विश्वाश नही रखते.
Source: तरीके और हथियार ( कविता )
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 2
चक्रव्यु तोङने वाले ,
अभिमन्यु की तरह सुनती वहाँ,
बाहर की बातें –
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,
मुझे नहीं पता, मैं कौन हूं? बेटा या बेटी ?
पर बङे शुकून से मैं थी वहाँ,
सबसे सुरक्षित, महफूज।
तभी, एक दिन किसी ने प्रश्न किया –
बेटा है या बेटी ?
आवाज आई – बेटी !!
धीमा सा उत्तर आया – नहीं चाहिये, गिरा दो ।
Source: अभिमन्यु की तरह (कविता) poem of an unborn baby
Image from internet.
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 1
वह कभी आइने में अपना सुकुमार सलोना चेहरा देखती
कभी अपनी माँ को।
दिल में छाले, सजल नेत्र, कमसिन वयस, अल्पशिक्षित
कुछ माह की विवाहिता,
पति के चरित्रहिनता व बदमिजाजी से तंग,
वापस आई पिता ग़ृह, अपना घर मान कर।
माँ ने वितृषणा से कहा –
पति को तुम पसंद नहीं हो।
तुम्हारा चेहरा नहीं, कम से कम भाग्य तो सुन्दर होता।
वह हैरान थी, माँ तो विवाह के पहले से जानती थी
उसके ससुराल की कलकं-कथा,
अौर कहा था – घबराओ नहीं,
जल्दी हीं सुधर जायेगा।
“मेहंदी रंग लायेगी”
फिर आज़ यह उसके भाग्य अौर चेहरे की बात कहां से आई?
An ode to every women, An ode to She the Shakti
A poetic celebration of femininity, A chorus of change.
।।300 Poems by 124 Poets।।
It is an anthology, edited by Meenakshi M Singh. The intent of this book is to empower women’s voice through the potent medium of poetry. My five poems are published in the Hindi section of the book.
स्त्री – एक शक्ति
यह मीनाक्षी सिंह द्वारा संकलित एक काव्य संग्रह है। यह संकलन महिलाअों के आवाजों की अभिव्यक्ति कविता के माध्यम कर रही है। जिसमें 124 कवि अौर कवित्रियों ने 300 कवितायों में अपने विचारों को अभिव्यक्त कियें है। मेरी पाँच कवितायों को भी इसमें शामिल कर मुझे सम्मानित किया गया है।
मेरी कवितायें —
3. चेहरा नहीं तो भाग्य तो सुन्दर होता
4. मैं एक लड़की
5. कन्या पूजन
Opium addiction in Rajasthan, India : A social Issue —- Poppy flowers are very beautiful and delicate. Opium is produced from it. India is the only country , produces opium gum legally and one of very few countries that legally allows growing poppy to get opium for medicinal purpose.
But the negative aspect is – drug trafficking and opium addiction, As no. of opium users are increasing day by day, specially in Rajasthan.
पेड़ की छाया में बैठे पुरुषों की
अफीम की पिनक में डूबी मजलिस ने,
गुङगुङाते हुक्के का धुआँ उडाते हुए दूर ….. देखा………..
रंग बिरंगे , शीशे जड़े लहँगें-चोली में मीलों से
तपती रेत पर, ठंडे पानी के
घड़े एक पर एक रख
गाती गुनगुनाती औरतों को.
अौर कहा –
इन लुगाईयों के मजे तो देखो ,
गीत गा रहीं है , ना दिखता है
हम कब से भूखे बैठे है ……
पर क्या उन्हे दिखता है लुगाईयों के
गर्म रेत से पड़े पैरों के छालें
और चूल्हे की लकड़ी से उठे धुयें से आये आँसू ???
फ़िर भी …..
वे पॉपी के फूलों सी नाजुक अौरतें
गाती गुनगुनाती रहती है …..

राजस्थान, भारत में अफीम की लत: एक सामाजिक मुद्दा है —-पॉपी के फूल बङे नाजुक अौर सुंदर होते हैं। इसे अफिम तैयार किया जाता है। भारत एकमात्र देश है जो कानूनी तौर पर अफीम गम का उत्पादन करता है । यह उन गिनती के देशों में से एक है, जो कानूनी रूप से औषधीय उद्देश्य के लिए अफीम प्राप्त करने के लिये पॉपी की खेती की अनुमति देता है।
लेकिन नकारात्मक पहलू है – अफीम की तस्करी और दिन पर दिन नशेङियोँ कि संख्या में वृद्धि।
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