जिंदगी के रंग – 45

जिंदगी के रंग निराले

जो कभी खून करना चाहते थे, उन्हें खून देते देखा।

जो जान लेना चाहते थे, उन्हें जान देते देखा

जो लाखों लोगों का दिल धङकाते थे,

उन्हें एक-एक धङकन के लिये मोहताज़ होते देखा।

जिनके लिये लाखों दुआएँ मागीं , उन्हें बद्दुआ देते देखा।

दिल में जगह देनेवालों को दिल तोङते देखा।

इन सब के बाद भी जीने की जिद देखी।

    बङी अजीब पर नशीली अौ हसीन है यह दुनिया…………….

ज़िंदगी के रंग – 44

आज

क्या कुछ ख़ास बात है ?

नज़ारे ख़ूबसूरत लग रहे है,

लोग प्यारे लग रहे है,

मौसम ख़ुशगवार सा है

लगता है ……

शायद आज दिल ख़ुश है।

दर्द भरे दिल पर बोझ

दर्द भरे दिल पर पङे बोझ को जब उठाया

उसके तले दबे
बहुत से जाने पहचाने नाम नज़र आये।

जो शायद देखना चाहते थे….
तकलीफ देने से कितना दर्द होता है?

पर वे यह तो भूल गये कि
  चेहरे पर पङा नकाब भी तो सरक उनके असली चेहरे दिखा गया।

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Life  is a journey not a destination !!!!

 

जीवन  एक यात्रा है,

मंजिल नहीं।

 इस  यात्रा में खुशियाँ   ….बाधाएं…  आती जाती हैं।

यही  जिंदगी हैं।

    इस  लेखन यात्रा  में 

कभी मन की पीङा, कभी खुशियाँ

 आप सबों से बाँटतें बाँटतें  

 तीन साल गुजर गये …. पता हीं नहीं चला।

  आज यह ब्लॉग और मेरे ब्लॉगर मित्र

मेरे  लिये  खजाना  – अनमोल  निधि हैं।

गैरों पर भरोसा

अपनी तो आदत थी

गैरों पर भी यकीन करने की।

अपनों ने हीं सिखा दिया शक करना।

गैरों पर भरोसा किया होता,

तब शायद धोखे कम मिले होते..

चोट के निशान

मन अौर दिल पर लगे,

हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर

ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..

जीवन के हर सबक, पीड़ा  अौर आघात के लिये

ये तमगे हैं, जिन्हों ने जीना सीखाया।

जीवन के रंग – 42

हम सभी के पास

अपनी -अपनी कहानियाँ हैं…..

हम सब किसी ना किसी दौर से गुजरें हैं।

प्यार, नफरत, पसंद, नापसंद,

पछतावा दर्द , दुःख,  खुशी……

जो शायद दूसरे ना समझें।

यह सब तो जीवन के रंग हैं।

जो हमें तोङने के लिये नहीं

जोङने के लिये होते हैं।

ख़ुदकुशी

ashu777's avatarखानाबदोश


Simat ke saari taakat lau jal uthi..

Khudi ko aajmane ki koshish mein..

Chiragon ne khudkushi kar li…!!

-Ashfaq

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अपने को माफ करके तो देखिये Forgive yourself

 

अपने आप से नाराजगी, शिकायतें 

अपने आप से झगङा…..

क्यों हम करते  हैं हर  रोज़?

कभी अपने आप से  प्यार अौर दोस्ती

करके तो देखिये।

अपने को माफ करके तो देखिये……

कितना सुकून मिलेगा। 

 

इन इत्रों, खुशबू, सुगंध से परे

इन दुनियावी  रंगों , इत्रों, खुशबू, सुगंध से परे

कोई अौर भी राग-रंग,  महक है ,

जो  दिल और आत्मा को रंगती हैं

जीवन यात्रा में।

यह  खुशबू   हमें ले कर  चलती रहती है,

प्यार भरे जीवन के अनन्त  पथ पर।