self worth

Sometimes you need to walk away,

not to make someone else realize-

how worthy you are,

but for you to understand

and acknowledge your own self worth.

 

 

~Anonymous

I found myself

Doing as others told me, I was blind.

Coming when others called me, I was lost.

Then I left everyone, myself as well.

Then I found everyone, myself as well.

 

❤ Rumi 

यह सच है

 

यह सच है 

अँधेरे में अपनी परछाईं भी साथ छोङ जाती है,

पर कुछ अपनों की पहचान हो जाती है।
अौर
कुछ अपने बनने वालों की सच्चाई  सामने आ जाती है।

हिन्दी दिवस (हिंदी सप्ताह ) Hindi Divas (Devanagari)

शुभकामनाएँ

“हिन्दी दिवस” – 14 सितंबर के शुभ अवसर पर सभी   को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।

 

Happy  Hindi Divas (Day) ! It is  celebrated on 14 September

 

यह गर्व की बात हैं कि  हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है. इसकी विशेषताएं हैं –

1. जो लिखते हैं ,वही पढ़ते हैं और वही बोलते हैं.

2.  उच्चारण सही हो, तब सुन कर लिख सकते हैं.

3. वाक्य सम्बोधन  बड़े या छोटे के लिये अलग अलग होते हैं. जैसे आप ,तुम.

4. वाक्य शुरू करनेवाले  विशेष अक्षर ( capital ) नहीँ     होते.

  वैज्ञानिक कारण –

 अक्षरों का वर्गीकरण, बोली  और उच्चारण के अनुसार हैं. “क” वर्ग  कंठव्य कहे जाता हैं , क्योंकि इसका कंठ या गले से हम उच्चारण करते हैं.बोलने के समय जीभ गले के ऊपरी भाग को छूता हैं. बोल कर इसे  समझा जा सकता हैं.

क, ख, ग, घ, ङ.

इसी तरह “च ” वर्ग के सब अक्षर तालव्य कहलाते हैं.इन्हें बोलने के  समय जीभ तालू  को छूती है ।

च, छ, ज, झ,ञ

    “ट”  वर्ग मूर्धन्य कहलाते हैं. इनके  उच्चारण के समय जीभ  मूर्धा से लगती  है ।

ट, ठ, ड, ढ ,ण

“त ” समूह के अक्षर दंतीय कहे जाते हैं. इन्हें बोलने के  समय जीभ दांतों को छूता हैं.

त, थ, द, ध, न

“प ” वर्ग ओष्ठ्य कहे गए, इनके  उच्चारण में दोनों ओठ आपस में मिलते  है।

प , फ , ब ,भ , म.

इसी तरह दंत ” स “, तालव्य  “श ” और मूर्धन्य “ष” भी बोले और लिखे जाते हैं.

जिंदगी के रंग – 27

बेचैन लहरें किनारे पर सर पटकती,

कह रहीं हैं – ये सफेद झाग, ये खूबसूरत बुलबुले

बस कुछ पल के लिये हैं।

जिंदगी की तरह……

बीत रहे वक्त अौ लम्हे को…..

जी लो जी भर के।

Do not weep

Do not weep.

The joy that has gone

will come round again in another form.

Have no doubt about this!
~

 

❤ Rumi

कैक्टस Cactus

रेत पर, तपते  रेगिस्तान में

खिल आये कैक्टस

ने बिना ङरे

 चटक रंगों को बिखेरा।

किसी ख़ूबसूरत नज़्म या कविता की तरह ……

गर्म बयार अौर

आग उगलते सूरज

ने  नन्हे से कैक्टस के हौसले देख

नज़रें झुका  ली ।

 

Love is the cure

“Love is the cure,

for your pain will keep giving birth to more pain.

until your eyes constantly exhale love,

as effortlessly as your body yields its scent.”

 

❤  Jamaluddin Rumi

Don’t waste your time

Don’t waste your time with explanations:

people only hear what they want to hear.

 

Paulo Coelho

मणिकर्णिका 

      नारी सुलभ कामना से

पर्वती ने चाहा रुद्र के साथ समय बिताना .

शिव की यायावर   – तीनों लोकों  में

घूमते रहने की प्रवृति से परेशान हो  कर ,

काशी के गंगा तट पर ,

मणि के बने  अपने  कर्ण फूल छुपा  ,

उसे ढूँढ़ने पिनाकी को लगा दिया .

वह गंगा घाट आज भी मणिकर्णिका कहलाती है .

कहते है , मोक्ष लालसा से यहाँ अनवरत चिंतायें जलती रहती हैं .

झाँसी की रानी मनु का भी  नाम मणिकर्णिका  था .

पर्वती की मणिकर्णिका सचमुच अनमोल है .


ये शिव के अन्य नाम हैं —  रुद्र, पिनाकी

 

Images from internet.