बसंती बयार

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  1. वाक़ई ज़िन्दगी के सफ़र में ख़ुशनसीबी से कुछ ऐसे लोग मिल ही जाते हैं जिनसे मिलकर लगता है कि जैसे ज़िन्दगी की आब-ओ-हवा में ख़ुशबू भर गई, ख़ूबसूरत रंग बिखर गए, अचानक ही फ़िज़ा बदल गई और सब कुछ अच्छा लगने लगा।

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