ग़लतियाँ

ग़र किसी को ग़लतियाँ सिर्फ़

दूसरों में नज़र आए, अपने आप में नहीं।

तब उनकी सबसे बड़ी गलती यह है कि

वे अपने आप को जानते हीं नहीं,

पहचानते हीं नहीं।

ये दूसरों को क्या पहचानेंगे?

Psychological Fact –

A lack of self-awareness is most significant enemy to self-growth.

8 thoughts on “ग़लतियाँ

  1. संत कबीर तो वर्षों पूर्व ही कह गए हैं:

    बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय|
    जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय||

    आत्मालोचन संसार के सर्वाधिक कठिन कार्यों में से एक है रेखा जी, विरले ही कर पाते हैं। दूसरे की आँख का तिनका दिखाई दे जाता है, अपनी आँख का भाला नहीं।

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    1. बात तो सच्ची कही है आपने। मेरा ख़्याल है अपनी ग़लतियाँ सभी को समझ आती है । बस accept नहीं करते।
      कबीर के दोहे अच्छे लगे। बचपन में स्कूल में हम सब ने पढ़ा है, पर सीख नहीं।
      अपने विचार बाँटने के लिए शुक्रिया जितेंद्र जी।

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