नाराज़ हूँ तुमसे ! ( शुभ जन्माष्टमी -30.08.2021)

“The only way you can conquer me is through Love and there I am gladly conquered” says Krishna in The Bhagavad Gita. The only way to win people is by spreading love and getting rid of hatred, anger, and vengeance.

Bhagavad Gita

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 नाराज़ हूँ तुमसे !
पर आसरा भी तुमसे चाहिए!
वृंदावन और जमुना चाहिए।
माखन चाहिए और चाहिए,
 धनवा से ली तुम्हारी, 
बांसुरी की मधुर तान 
 होली में मिले हम तुम पहली बार…..
….गोकुल और बरसाना का वह फाग चाहिए।
फूलों से सजे  तुम अौर मैं  (राधा ) 
वह शरद  पूर्णिमा  की 
रास  चाहिये।
तुला दान के एक तुला पर बैठे  तुम,
दूसरे पलड़े में हलके पङते हीरे जवाहरात के ढेर 
से व्यथित मैया यशोदा।
 ईश्वर को तौलने की कोशिश में लगे थे सब।
यह  देख  तुम्हारे चेहरे पर  छा गई  शरारती मुस्कान ।
वह नज़ारा चाहिये।
मैंने ..(राधा)  हलके पङे तुला पर अपनी बेणी से निकाल एक  फूल रखा
अौर वह झुक धरा से जा लगा
और तुम्हारा पलड़ा ऊपर आ गया।
 स्नेह पुष्प  से,
तुम्हे पाया जा सकता है।
यह बताता वह पल चाहिये।
मुझे छोड़ गये
नाराज़ हूँ तुमसे,
पर तुम्हारा हीं साथ चाहिए।
नाराज़ हूँ तुम से,
पर प्रेम भी तुम्हारा हीं चाहिए।
 
 

 

 
 
 

 

 

 

मेवा और गुड के स्वास्थवर्धक लड्डू Healthy dry fruit laddoo

रोज़ थोड़ा मेवा खाना सेहत के लिए फ़ायदेमंद है। इस स्वादिष्ट, स्वस्थवर्धक लड्डू का मजा लिजीए। इसमे चीनी या घी बिलकुल नहीं है। इसे बनाना भी सरल है।

सामग्री
अखरोट- १०० ग्राम
मखाना – १०० ग्राम

बादाम – ५०ग्राम

चार मगज – १०० ग्राम ( तरबूज, सीताफल/कद्दू, खरबूजा और खीरे के बीज) – ये प्रोटीन, फैटी एसिड, विटामिन एवं खनिज से भरपूर होते हैं ।

किशमिश १००ग्राम

गुड – २०० ग्राम या पसंद के अनुसार।

नारियल – १ (कद्दुकस करें या मिक्सी में पीस लें)

चाँदी का वर्क – ( अगर पसंद हो)

अखरोट , मखाना,बादाम,कद्दू के बीज और मगज अलग-अलग हलका भुनें। सूखा हीं मिक्सी में दरदरा पीस लें। गुङ को कद्दुकस करें। सभी सामग्री अच्छे से मिला कर थोङा मसलें। फिर इसे लङ्ङू बनाएँ।
वर्क लगायें। स्वादिष्ट, स्वस्थवर्धक लङ्ङू तैयार हैं।

अखरोट के फायदे – यह मस्तिष्क, नर्वस सिस्टम व दिमाग को तरावट देता है। इससे तनाव का स्‍तर घटता है। इसके सेवन से ब्‍लड़ प्रेशर नियंत्रित होता है और अच्‍छी नींद आती है। इसे बुद्धिवर्धक, लम्‍बे जीवन देने वाला व वजन घटाने वाला माना गया है। मधुमेह मे अखरोट लाभकारी होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी अखरोट लाभप्रद है। यह बुरे कोलेस्ट्रोल को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है।
मखाना के फायदे – इसमें कैल्शियम, एटीं-आॉक्सीङेंट व एटीं-एजिंग गुण होते हैं। यह घुटनों, कमर दर्द व मधुमेह के लिये लाभदायक है। यह किङनी तथा दिल को सेहतमंद बनाता है।
बादाम के फायदे – इससे दिल हेल्दी रहता है। खराब कोलेस्ट्रॉल में राहत मिलती है और बढ़िया कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इसमें मौजूद विटामिन ई एंटीऑक्सीडेंट है। बादाम में मौजूद फ्री रेडिकल उम्र के असर और सूजन को रोकता है।

कद्दू के बीज और मगज के फायदे – डायबिटीज रोगियों के लिए लाभकारी है। वजन घटाने को बढ़ावा देते हैं। बालों की ग्रोथ, सूजनरोधी, बेहतर नींद लेने में मददगार व एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर हैं। दिल को स्वास्थ्य रखता है। मगज ब्लड प्रेशर नियंत्रित, आंखों, बालों और नाखूनों को हेल्दी, इम्यून सिस्टम करता है स्ट्रांग बनाता है।यह गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है। यह स्ट्रेस दूर करता है। यह कब्ज और एसिडिटी में भी फायदेमंद है।

नारियल के फायदे – यह पोषक तत्‍वों का खजाना है। इसमें कॉपर, सेलेनियम, आयरन, फास्फोरस, पोटेशियम, मैग्नीशियम और जस्ता में जैसे खनिज मौजूद होते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद वसा हेल्‍दी फैट में काउंट होती है।

किशमिश – कब्ज, खून की कमी दूर करता है।ब्लड प्रेशर व लिवर को सेहतमंद रखता है।

गुड – चीनी से बेहतर गुड खाना है। यह खून की कमी दूर करता है और फेफड़े स्वच्छ करता है।

Tips – 

इस लड्डू में राजगीरा का आटा अौर सामा के चावल भी भून कर मिला सकते हैं।

 

 

ऐतबार

यक़ीन और भरोसा टूटने पर,

अपने ऐतबार पर शर्मिंदा ना हों।

कहते हैं,

बार-बार कोई विश्वास तोड़े,

तब उसे जाने दो।

समझ लो,

यह है ईश्वर का संकेत।

क्योंकि

किसी से खिलवाड़ करने वाले से, नियति है खिलवाड़ करती।

यह है ऊपर वाले का नियम।

ज़िंदगी के रंग -125

ज़िंदगी के रंग – 225

ज़माने की राहें रौशन करते वक्त,

ग़र कोई आपकी सादगी भरी बातों के

मायने निकले।

समझ लीजिए

सामने वाले ने मन बना रखा है

आपकी बातों को नकारने का।

ना ज़ाया कीजिए वक्त अपना।

बेहिचक, बेझिझक बढ़ जायें

अपनी राहों पर।

लोगों को अक्सर देखा है,

चिराग़ों को बुझा,

हवा के झोंकों पर तोहमत लगाते।

मरते देश #DyingAfganistan

अभी तक लगता था

मर रहीं हैं नदियाँ,

गल रहें हैं ग्लेशियर,

धुँधले हो रहे हैं अंतरिक्ष,

कूड़ेदान बन रहे है सागर,

धरा और पर्वत…..

इंसानों की मलिनता से।

अब समझ आया

कई देश भी मर रहे हैं।

फ़र्क़ पड़ता है,

और दर्द होता है,

सिर्फ़ भुक्तभोगियों को।

बाक़ी सब जटिल जीवन के

जद्दोजहद में उलझे है।

विश्व राजनीति की पहेली है अबूझ।

फूलों की पंखुड़ियाँ!!

फूलों की पंखुड़ियाँ!!!

अगर टूटने की चाहत नहीं,

तब किसी से

इतना जुटना नहीं कि

रिश्ते खंडित होते

स्वयं भी खंडित हो जाओ …..

झड़ते फूल की पंखुड़ियों

सा बिखर जाओ।

पुस्तक समीक्षा- Jivan Ke Shabd / जीवन के शब्द – Harina Pandya

मेरा विचार है, ज़िंदगी के कई रंग होते है। हम इन्हें चाहे जिस रूप में जियें – कविता, कहानी, सुखद या दर्द भरी कहानी। इस कविता संग्रह भी ज़िंदगी के विभिन्न पहलुओं को शब्दों में पिरो कर खबसूरती से व्यक्त किया गया है। ये कविताएँ आपको राह दिखाएँगी, सुकून पहुँचाएँगी।

अगर रिश्ते, सपने, जीवन के पहलुओं को काव्यमय तरीक़े से जानना है। ज़िंदगी को समझना है। तब इन कविताओं को ज़रूर पढ़ें।