यादों के चंदन

 चंदन के साथ रखे थे कुछ

यादें अौ

ख़्वाब !

कुछ ख़्वाब

पूरे हुए,

कुछ अधूरे हैं।

पर संदल की  ख़ुशबू  से भर गये  हैं।

8 thoughts on “यादों के चंदन

  1. यादों के समंदर में हम तो नित्य जाते हैं,
    कभी तुम भी आया करो,
    प्रेम की बारिश नित्य होती है
    बेकार है बरसना इसका
    कभी तुम भी नहाया करो।

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