10 thoughts on “Dog rescues baby buried alive in field in Thailand”
काश हम पशुओं की भावनाओं को समझते और उनकी कद्र करते तो कितना अच्छा होता। मैंने बस अभी-अभी उनसे करीबी बनाई है। अब तक जितना समझी बस ये समझी हूँ। ये इंसानों से ज्यादा अच्छे है।
जी मैं pet को पालने के बारें अलग राय रखती हूँ।मुझे लगता है जैसे हम इंसानों के बच्चों को गोद लेते है और उनकी परवरिश करते है।तो मैं इन पशुओं को भी इसी नजरिए से देखती हूँ।हाँ मगर हम ज्यादातर pet खरीदते है।मेरे पास कछुआ है।जो बैन है।पर मैने उसे गोद लिया है। पड़ोसी को वो कहीं मिल गया था वो मुझे सौंप गये।शुरुआत में मुझे यह सही नही लगा ।मेरा मानना है ये प्रकृति की गोद में ज्यादा खुश और स्वस्थ जीवन जीते है।प्रकृति जितना प्यार और संरक्षण हम उन्हें नही दे सकते हाँ तकलिफ जरुर दे सकते।अगर आप प्रेम की बात करें तो मुझे ऐसा लगता है की प्रेम और वफादारी हमने अगर सीखी है तो यह इन्हीं की देन है।मुझे इन्हें मारना घर में कैद रखना पंसद नही।मैं अपने वासु(कछुआ) को वनविभाग को दे देना चाहती थी। उससे मोह लग गया दे न सकी।
मेरे पास जो है वो जमीनी स्तर के है वो पानी में नही रहते।मैं उसे हमारे यहाँ एक मंदिर में तालाब है वहाँ असंख्य कछुऐ है ले गई थी।पर वहाँ उनकी प्रजाति अलग थी सो वहाँ छोड़ नही पाई।
Hey!!! I have to thank you… actually I had an exam recently, there was a paper of current affairs, general knowledge and all..one of the questions was, ‘which social media network has currently added a feature to check fake news’…I haven’t read it but my mind recalled it’s WhatsApp as you have posted something like that and I have commented there. So it remained somewhere in my mind… I got that one mark because of you and in that exam even 0.25 mark matters..🙏
काश हम पशुओं की भावनाओं को समझते और उनकी कद्र करते तो कितना अच्छा होता। मैंने बस अभी-अभी उनसे करीबी बनाई है। अब तक जितना समझी बस ये समझी हूँ। ये इंसानों से ज्यादा अच्छे है।
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मैंने भी यही पाया है. वे निश्छल प्रेम करते हैं. मानव की तरह शर्तों के साथ नहीं . आप ने pet रखा है तब इस बात को अच्छे से देख सकेंगीं.
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जी मैं pet को पालने के बारें अलग राय रखती हूँ।मुझे लगता है जैसे हम इंसानों के बच्चों को गोद लेते है और उनकी परवरिश करते है।तो मैं इन पशुओं को भी इसी नजरिए से देखती हूँ।हाँ मगर हम ज्यादातर pet खरीदते है।मेरे पास कछुआ है।जो बैन है।पर मैने उसे गोद लिया है। पड़ोसी को वो कहीं मिल गया था वो मुझे सौंप गये।शुरुआत में मुझे यह सही नही लगा ।मेरा मानना है ये प्रकृति की गोद में ज्यादा खुश और स्वस्थ जीवन जीते है।प्रकृति जितना प्यार और संरक्षण हम उन्हें नही दे सकते हाँ तकलिफ जरुर दे सकते।अगर आप प्रेम की बात करें तो मुझे ऐसा लगता है की प्रेम और वफादारी हमने अगर सीखी है तो यह इन्हीं की देन है।मुझे इन्हें मारना घर में कैद रखना पंसद नही।मैं अपने वासु(कछुआ) को वनविभाग को दे देना चाहती थी। उससे मोह लग गया दे न सकी।
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बहुत अच्छे विचार है आपके. मैंने भी कभी कछुआ रखा था . बाद में गंगा नदी में उन्हें जाने दिया .
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मेरे पास जो है वो जमीनी स्तर के है वो पानी में नही रहते।मैं उसे हमारे यहाँ एक मंदिर में तालाब है वहाँ असंख्य कछुऐ है ले गई थी।पर वहाँ उनकी प्रजाति अलग थी सो वहाँ छोड़ नही पाई।
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कोई बात नहीं . उसे शायद आपके पास रहना पसंद है. 😊
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Hey!!! I have to thank you… actually I had an exam recently, there was a paper of current affairs, general knowledge and all..one of the questions was, ‘which social media network has currently added a feature to check fake news’…I haven’t read it but my mind recalled it’s WhatsApp as you have posted something like that and I have commented there. So it remained somewhere in my mind… I got that one mark because of you and in that exam even 0.25 mark matters..🙏
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Great!
It’s a good And encouraging news for me Lavanya.
Keep reading and writing.
All the best for your exams dear.
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Thanku so much…when I found question I couldn’t stop myself from thinking whoever said knowledge never go in vain is absolutely right.
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Yes, very true. I am really happy .
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