अर्श का सितारा !

ज़िंदगी सफ़र है

मिलने-बिछड़ने और खोने-पाने का।

कई अपने खो जातें है राहों में।

साथ छोड़ जातें है कई दोस्त बहारों में।

ख़ुद को ना खोना कभी,

किसी को पाने की ज़िद में।

किसी को मनाने की जिद में।

कोई मोल समझे ना समझे,

ना भूलो अपना अनमोल मोल

कि तुम अर्श….आसमान का सितारा हो।

Psychological fact- Self acceptance and self-love are important for living happier and healthier in every aspect of our life.

तुम उस बारिश की तरह हो

जो सोन्धी सी ख़ुशबू बिखेर जाती है।

जो मेरी बालकोनी की फ़र्श आईना बना

मेरा अक्स अपने वजूद में झलका जाती है।

Topic- YourQuote

सुकून अनलिमिटेड

ग़र अपना साथ ख़ुशियाँ देने लगे,

तब ख़ुद को जीतने की राहों पर हैं।

ग़र दूसरों से प्यार पा ख़ुश रहने की

ख्वाहिशें कम होने लगे,

तब ख़ुद से प्यार करने की राहों पर हैं।

ग़र दर्द भरे पलों में मुस्कुरा रहे हैं,

तब निर्भय होने की राहों पर है।

ग़र एकांत ख़ुशनुमा लगने लगा है,

तब अध्यात्म की राहों पर हैं।

यह जोखिम भरा शग़ल मीठा सा नशा है।

पर तय है, इसमें सुकून अनलिमिटेड है।

ढलती धुआँ धुआँ सी शाम !

ढलती धुआँ धुआँ सी

शाम सामने आते रात के

साँवले अँधेरे को ताक,

हँसी और बोली आज़ गुज़र गई,

फिर कल आऊँगी।

भीगी भीगी शाम की दहलीज़ पर

तुम फिर मुझे ढूँढते आओगे।

पर तुम करो आसनाई चरागों से।

हमें अंधेरे रास नहीं आते।

ज़िंदगी ने चुना है!

ज़िंदगी वह गुरु है

जो पर्चे शागिर्दों को देख कर नहीं बनाती है।

बल्कि वह अच्छे शागिर्दों को

कठिनतम इम्तहानों के लिए चुनती हैं।

और यह सिखाती है कि

इस दुनिया में जीवट हीं टिकते हैं –

“सरवाईवल औफ़ द फ़िटेस्ट”।

इसलिए अगर लगे ज़िंदगी कठिनाइयों भरी है।

इसका मायने है, ज़िंदगी ने चुना है तुम्हें,

ख़ास मक़सदों के लिए।

कविताएँ

यूज़ एंड थ्रो

कुछ लोगों को दूसरों को

इस्तेमाल करने की आदत होती है।

अगर ना करने दिया

तो नाराज़ हो जातें हैं।

पर समझा करो यार –

हर कोई यूज़ एंड थ्रो नहीं होता।

रुख़्सत

विदा करने की हो न हो चाहत।

पर रुख़्सत करना पड़ता है।

चाहे गुज़रे किन्ही हालातों से।

चाहे कैफ़ियत कई हो दिल में।

पर आनेवाले को जाने देना पड़ता है।

दुनिया की है यह रीत।

बेमेल

अपने सुकून और शांति के लिए

अगर कुछ लोगों से दूर होना पड़े।

तब इसका मतलब है वे आपके

स्वस्थ के लिए बेमेल- विरुद्धाहार हैं।

विरुद्ध आहार- बेमेल या अस्वस्थकर भोजन आयुर्वेद के अनुसार।

इश्क़ अपने आप से

खुल कर साँसें लो। आज़ाद छोड़ दो अपने आप को।

तुम, तुम रहो। किसी के बनाए साँचें में बेमन से ना ढलो।

जैसे हो वैसे हीं स्वीकार करो अपने आप को।

इश्क़ करना सीखो अपने आप से।

जीतने की कोशिश करो,

पर मुस्कुराओ अगर हार भी जाते हो।

क्योंकि हम सब अपनी अपूर्णता,

कमियों और खामियों के साथ परिपूर्ण हैं।

वही अनूठापन है, वही हमारी पहचान है।

Psychological Fact – Self-love means having a high regard for your own well-being and happiness. Self-love means taking care of your own needs and not sacrificing your well-being to please others.