नारी या ज़िद्दी पेड़

औरत क्या सिर्फ़ एक ज़िद्दी पेड़ की तरह है?

कही से उखाड़ कर कही और लगा दो।

उसे पनपना ही होगा।

चाहे उसमें इसकी शक्ति हो ना हो।

उसे पसंद हो ना हो।

पत्नी ना रहे तो कहते हैं आदमी कब तक रहे अकेला?

पति ना रहे तो कहते हैं –

पत्नी को वैधव्य धर्म निभाना चाहिए।

इतना फ़र्क़ क्यों?

Every woman should have the same

rights as men, because a woman is

the mother who gives birth to a man.

We should always respect them.

~~ RAJA RAM MOHAN ROY

(20th August 1828, the first session of Raja Ram Mohan Roy’s Brahmo Samaj was held in Kolkata.)

ज़िंदगी एक फ़िल्म है,

जिसका लेखक, डायरेक्टर सब है ऊपरवाला,

और मुख्य पात्र हैं हम।

कब क्या होगा, किसी को नहीं मालूम।

नए नए ट्विस्ट और टर्न के साथ

अग़ल दृश्य हमेशा है एक मिस्ट्री।

दृश्य है बदलते रहते।

बस नहीं रहता

किसी को इस

फ़िल्म के द एंड

या अंत का इंतज़ार।

Topic by YourQuote.

शुभ जन्माष्टमी !! Happy Janmashtami!!

‘तू करता वही है , जो तू चाहता है ,

होता वही है जो मै चाहता हूँ।

तू वही कर ,जो मै चाहता हूँ ,

फिर होगा वही ,जो तू चाहता है। ‘

-श्रीमद्भागवत गीता

Happy Birthday lord Krishna!

अजब नशा

शराबखाने से ज़्यादा,

इश्क़ औ आँखों के नशे से बढ़ कर

जो ना टूटे वो अजब नशा है यह।

संभल कर कदम बढ़ाना सीढ़ियों पर

सोशल मीडिया के।

Psychological fact of social media addiction-

Using social media can lead to physical and psychological addiction because it triggers

the brain’s reward system to release

dopamine, the “feel-good” chemical.

ख्वाहिशें तो अनंत हैं!

क्यों आज़ लोग खुश और संतुष्ट नहीं?

क्यों लोग स्वयं को नहीं, दूसरों को देख रहें हैं?

आध्यात्मिक-मानसिक प्रगति से दूर,

भाग रहें हैं भौतिक प्रगति की ओर।

पर है स्वयं के गोली-बारी, हिंसा से लहू-लुहान।

गीता ने सदियों पहले बताया,

जो तुम्हारे पास है उसमें संतुष्ट, ख़ुश रहना सीखो,

क्योंकि ख्वाहिशें तो अनंत हैं।

सन्तुष्टः सततं योगी यतात्मा दृढनिश्चयः।

मय्यर्पितमनोबुद्धिर्यो मद्भक्तः स मे प्रियः।।12.14।।

अर्थ- संयतात्मा दृढ़निश्चयी योगी सदा सन्तुष्ट है।

जो अपने मन और बुद्धि को मुझमें अर्पण किये हुए है?

वह मुझे प्रिय है। (भगवद् गीता अध्याय 12 श्लोक 14)

Salman Rushdie Stabbed In Neck At New York Event, Taken To Hospital. https://www.ndtv.com/world-news/author-salman-rushdie-attacked-on-stage-at-an-event-in-new-york-news-agency-pti-3249899/amp/1

ना तौल इंसा को!

नाप-तौल के रिश्ते निभाने वालों

हाथ में लिए तराज़ू,

ना तौल इंसाँ को।

ना भूल,

आकार, रूप, रंग हैसियत नहीं,

हुनर, स्वभाव और गुण काम आते हैं।

जैसे छोटे से छोटे भी अनमोल होते है

हीरा-स्वर्ण-जवाहरात ।

religion of solitude

The more powerful

and original a mind,

the more it will incline

towards the

religion of solitude.

~ Aldous Huxley

मृत यादें

मृत यादें मर कर भी दर्द देतीं है।

ग़र अतीत के घाव नहीं भरे

तो वे रिसते रहेंगे।

यादों के दाग,

ज़ख्मों के जलन

अपने होने का एहसास देते रहेंगे।

अतीत से समझौता कर

आगे निकल जाना ज़रूरी है।

आभार

कहते है आभार देते समय रहता मन शुद्ध सात्विक।

क्योंकि शुक्रगुज़ार होंने के वक्त

हम सब के साथ होती है सकारात्मक ऊर्जा।

आभार देते वक्त, शिकवे-गिले आते नहीं हैं ज़ेहन में।

अब विज्ञान के ख़यालात भी लगे हैं मिलने।

वे भी मानने लगें हैं, शुक्रिया कैसे भी अदा करो।

लफ़्ज़ों से, मन हीं मन या दिल से।

ख़ूबसूरती, सुकून और ख़ुशियाँ भरी होती है उनमें।

positive psychology research – gratitude is strongly and consistently associated with greater happiness. Gratitude helps people feel more positive. Giving thanks can make you happier – Harvard Health

ब्रह्मांड में गूँजते कम्पन

सब उलझे हैं पाने में सिर्फ़ स्कूल-कॉलेज का ज्ञान,

दुनियावी साधन, धन और मान।

नहीं पाते जान,

अपने अंदर और ब्रह्मांड में गूँजते कम्पन,

पर कॉसमिक एनर्जी की करते हैं बात।

ठीक कह गए हैं कबीर-

पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय,

ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।