
कहते हैं ग़र अफ़सानों को अंजाम तक मौन रख कर ले जाये तो कोशिशें कामयाब होतीं है। ना राज़ खोलें ज़बान से, ना नज़रों से। तो नज़रें नहीं लगेंगी। लक्ष्य पाना है, तो बातों को अपनों से और ग़ैरों से राज़ बना सीने में छुपा रखना हीं मुनासिब है।

कहते हैं ग़र अफ़सानों को अंजाम तक मौन रख कर ले जाये तो कोशिशें कामयाब होतीं है। ना राज़ खोलें ज़बान से, ना नज़रों से। तो नज़रें नहीं लगेंगी। लक्ष्य पाना है, तो बातों को अपनों से और ग़ैरों से राज़ बना सीने में छुपा रखना हीं मुनासिब है।

एक दिन मिली राहों में उलझन बेज़ार, थोड़ी नाराज़ सी।
बोली – बड़े एहसान फ़रामोश हो तुम सब।
मैं ज़िंदगी के सबक़ सिखातीं हूँ
और तुम्हें शिकायतें मुझ से है?
जीना तुम्हें नहीं आता,
एक उलझन कम नहीं होती, दूसरी खड़ी कर देते हो।
हाँ! एक बात और सुनो –
ज़िंदगी है तो उलझने हैं! ना रहेगी ज़िंदगी ना रहेंगीं उलझने।
# this post is written on YourQuote topic.
दिया तुमने दर्द औ तकलीफ़।
ज़रूर कुछ सिखा रहे हो,
कुछ बता रहे हो।
डिग्री नहीं, सच्चे सबक़ नज़रों
के सामने ला रहे हो।
जानते हैं गिरने ना दोगे।
हाथ पकड़ कर चलना सीखा रहे हो।


#topic given by YourQuote.

ख़ामोशी की क़दर करने वाले लोग,
हर लम्हें जीते हैं।
सही वक़्त मिले, दिल मिलें।
गुलिस्ताँ में गुलाब से लगाने वाले
अपने जैसे लोग मिलें।
दिल की बातें दिलों तक जाए।
तब कम बोलने वाले भी क्या ख़ूब बोलते हैं।
Psychological Fact- Quiet people are actually very talkative around the right people.

अपने दर्द औ तकलीफ़ को बहाना ना बनाओ,
दूसरों के ठेस पहुँचाने का।
वरना ना तुम्हारा चोट ठीक होगा ना दर्द जाएगा।
यह अपने घाव को कुरेदते रहने जैसा है।

Happy Saraswati Puja!!!
Saraswati is the Hindu goddess of knowledge, music, art, speech, wisdom, and learning. She is a part of the tridevi of Saraswati, along with Lakshmiand Parvati.

कुछ लड़ाई-झगड़े
मोहब्बत भरें होतें है।
ग़र नाराज़गी में मीठास,
ग़ुस्से में प्यार,
लहजे में अपनापा हो।
तो रिश्तों की ख़ुशबू
फैलती रहती है।

रिश्तों के अहमियत
रिश्तों के अहमियत
को ना समझाने वाले
हल्की सी चोट से भी
तिलमिला उठतें है।
फिर क्यों दूसरों
पर चोट करते है?
किसी के मौन को
कमजोरी समझ कर?

अपनी ख़ुद्दारी और
आत्मसम्मान पर नाज़ करो।
झिझक नहीं।
अपने वजूद का सम्मान
ख़ुद हम नहीं करेंगे,
तब दूसरों से इज़्ज़त
पाएँगें कैसे?
अपने अहमियत को
ख़ूबसूरती से सम्भालो
तभी ज़माना अहमियत देगा।
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