canine emotions- Poem

Canine Emotions –   Do you know,  an adult dogs’ mental level  is of  around 3 years old child and   have all of the basic emotions , such as : joy, fear, anger, disgust, and love.  It is also called canine emotion.

 

I think dogs are the most amazing creatures; they give unconditional love. For me, they are the role model for being alive.
—Gilda Radner

हम  हर बात में लाभ-हानी, अपना-पराया दैखते हैं।

परेशानी में कम ही हाथ मदद के लिये आगे बढ़ते हैं।

 बिना शर्त प्रेम या अनुराग इनमें दिखता है।

यह प्रेम बिना भाषा के  अपना रास्ता खोज लेती है।

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Images courtesy  Chandni Sahay

 

 

​जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा…..

जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा तन्हाई में,

लकड़ी उसी की थी उस दियासलाई में।

 

 

Source: ​जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा…..

Gratitude and love to you All – journey into yourself !

Wherever you go,

east, west, north or south,

think of it as a journey into yourself!

The one who travels into itself travels the world.

~ Shams Tabrizi

पहचान – कविता #JudgingPeople- poetry

मित्र आगमन पर नंगे पैर दौङ पङे कृष्ण,

ना कान्हा ने सुदामा  को आंका।

ना राम ने सबरी , हनुमान  को नापा।

हम किसी से मिलते हीं सबसे पहले,

एक- दूसरे को  भांपते है, आंकते है,

आलोचना -समालोचना करते हैं।

तभी सामने वाले का मोल तय करते हैं। 

रुप, रंग, अौकात …..

देख कर  लोगों को पहचानते हैं।

भूल जाते हैं , अगर  ऊपरवाला हमारा  मोल लगाने लगेगा,

तब हमारी पहचान क्या होगी ? हमारा मोल क्या होगा? 

Indispose,  Edition 172 –How do you feel when people judge you? Do you judge people as well? #JudgingPeople

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लिखना क्यों जरुरी है ?

 

अपने तनाव और परेशानीयों को कम करने के लिए लिखें- डॉ. जेम्स डब्लू पेननेबैकर, मनोविज्ञान विभाग, टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन ने अभिव्यक्त पुर्ण लेखन के स्वास्थ्य  पर अनेक शोध में अनेक फायदे देखें हैं ।

अभिव्यक्ति लेखन: मन की बातें   लिखना  अभिव्यक्त का  रचनात्माक माध्यम  हैं । मन की  बातों को लिख कर अचेतन में दबी बातों के नाकारात्मक असर को कम किया जा सकता है।

लेखन एक चिकित्सा –  लेखन मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि एक तरह का  चिकित्सा भी है ।

अपने विचारों और भावनाओं को लिखें – अच्छे शारीरिक  और भावनात्मक स्वास्थ के लिए लिखना फायदेमंद है।

लेखन  मस्तिष्क  का व्यायाम है – एक नए अध्ययन में पाया गया कि लिखना  अौर  पढ़ना जैसे शौक  दिमाग-के व्यायाम  की गतिविधियों है, जो  हर  उम्र में लाभदयक है। यह याददाश्त, फ़ोकस, मूड आदि  में सुधार करता है।

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Why writing is so important?

Why writing is so important?

 

Start writing to ease  your stress and trauma – Dr. James W. Pennebaker,  psychology department, University of Texas, Austin, has conducted number  of the researches on the health benefits of expressive writing. It releases stress, anxiety and trauma.

Expressive Writing :Expressive Writing is  expressing yourself through writing which comes from your core.

 Writing is a therapy  too –  writing is creative  hobby which  helps you in healing too.

 Pen down your thoughts and feelings—Writing is a  way for leading a healty   physical and emotional life.

Writing is a brain-stimulating activity  –   A new study  found that reading books,  writing, following your hobbies are  brain-stimulating activities at any age. It  improves memory, focus, mood & many  more.

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वर्णमालायें -कविता Alphabets-Poetry

 

“A good head and good heart are always a formidable combination. But when you add to that a literate tongue or pen, then you have something very special.”
― Nelson Mandela

मन में भरे हो असीमित, बेहिसाब  विचार,

दिल में हों जमाने भर के ख़याल।

लिपिबद्ध,

कुछ वर्णमालायें, कुछ अक्षर….शब्द, 

अल्फाबेट,  अलिफ़-बे,

हीं वे माध्यम हैं,  जो

लिखे-बेलिखे विचारों को

ऊतार देते है पन्नों पर।

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Free- Quote

Take someone who doesn’t keep score,

who’s not looking to be richer, or afraid of losing,

who has not the slightest interest even

in his own personality: she/ he’s free.

~ Rumi

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मैं – कविता Self- Poetry

Rekha Sahay's avatarThe REKHA SAHAY Corner!

You have to grow from the inside out. None can teach you, none can make you spiritual. There is no other teacher but your own soul.

                                                          Swami Vivekananda

  जीवन की  परिपूर्णता —-

अगर यह लौकिक हो  – बुद्ध के राजसी जीवन की तरह,

या  संतृप्ति हो , कबीर की आध्यात्मिक आलौकिक जीवन की तरह।

तब मन कुछ अौर खोजने लगता है।

क्या  खोजता  है यह ?

क्या खींचती  है  इसे अपनी अोर?

यह खोज…….यह आध्यात्मिक तलाश कहाँ ले जायेगी?

शायद अपने आप को   ढूँढ़ने  

मैं कौन हूँ??

                                                               …

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दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-2 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

 यह एक प्रकार के ब्रेनवॉश का तरीका  है।, मूवी गैसलाइट (1 9 44) में, एक आदमी गैसलाइटिंग प्रभाव से अपनी पत्नी की ऐसी मनःस्थिती बना देता है, जब वह सोचने लगती है कि वह अपना दिमागी संतुलन खो रही है। इस शब्द की उत्पत्ति, 1 9 38 के एक नाटक और 1 9 44 के उपरोक्त फिल्म से हुई है।

हावी होने वालों के  तकनीक — 

गैसलाइटर को पहचानना अौर अपनी सुरक्षा करना जरुरी है। ये घटनाएं अभद्र भी हो सकती हैं ,ज्यादा भ्रमित करने के इरादे से दुर्व्यवहार अपमानजनक व्यवहार भी किये जाते हैं।  आमतौर पर इस तकनीकों का उपयोग दूसरों पर करते हैं :

*  वे ज़बरदस्त झूठ बङी सफाई से बोलते हैं, यह दूसरों को अस्थिर  करने के लिये करते हैं।

*   झूठ पकङाने पर भी इनकार करते हैं, भले ही आपके पास प्रमाण हो।

*  वे आपके प्रिय लोगों या प्रिय बातों का उपयोग परेशान करने के लिये करते हैं। जैसे वे जानते आपके बच्चे/ दोस्त आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, और वे जानते हैं कि आपकी पहचान कितनी महत्वपूर्ण है। इसलिए ये उन पहली चीजों में से किसी एक पर  वे हमला करते हैं। वे आपके अस्तित्व की नींव पर हमला करते हैं।

* वे समय के साथ धीरे-धीरे आपकी जङें खोदते हैं। यह गैसलाईटर की खतरनाक बातों में से एक है- यह समय के साथ धीरे-धीरे किया जाता है। एक झूठ है, फिर दूसरा झूठ है, हर बार धोखेवाली टिप्पणी करते रहते है  और फिर यह बढ़ना शुरू हो जाता है। यहां तक ​​कि सबसे प्रतिभाशाली, सबसे अधिक आत्म-जागृत , समझदार लोगों को गैसलाईटिंग से चूसा जा सकता है- यह इतना प्रभावी है, कि उस व्यक्ति को यह नहीं पता चलता कि उसके साथ क्या हो रहा है।

* गैसलाइटर के कार्य उनके शब्दों से मेल नहीं खाते हैं।  ऐसे व्यक्ति पर ध्यान दें कि वे क्या कर रहे हैं इसके बजाय वे क्या कह रहे हैं। वे क्या कह रहे हैं उसका कुछ अर्थ नहीं; यह सिर्फ बातें बना रहे होते है। वे क्या कर रहे हैं यह समस्या पैदा करता है

*  वे आपको भ्रमित करने के लिए साकारात्मक व्यवहार करते हैं।  यह व्यक्ति जो आपकी जङ काट रहा है, आपको बता रहा था कि आपका कोई मूल्य नहीं है। अब, जब वे आप की प्रशंसा कर रहा हैं। आप सोचते हैं, “ठीक है, ये इतने बुरे नहीं हैं। पर यह आपको परेशान करने की एक चालाकी भरा उपाय है। ध्यान दें, किस बात के लिये आपकी प्रशंसा की गई थी; शायद इससे वह आपको कुछ क्षति पँहुचाना चाह रहा है।

*  वे जानते हैं कि भ्रम की स्थिति लोगों को कमजोर करती है, उसका फायदा उठाते हैं।  ऐसे लोग जानते हैं कि सब लोग जीवन में स्थिरता चाहते हैं और जीवन सामान्य रुप से जीना चाहते हैं। उनका लक्ष्य होता है आपके जीवन की इस सामान्यता व स्थिरता को उखाड़ फेंकना। जिससे आप लगातार संशय के प्रश्नात्मक हालात में रहें। इंसान की प्राकृतिक प्रवृत्ति होती है ऐसे व्यक्ति की अोर झुकना जो स्थिर स्थिती महसूस कराने में मदद करे – और गैसलाइटर हीं आपकी मदद करने वाला व्यक्ति बन आपको धोखा देता है।

*  वे दिखावा करते हैं अौर हावी होते हैं। अगर वे नशीली दवाओं के उपयोगकरते हैं या धोखेबाज हैं, फिर भी वे आप पर लगातार आरोप लगाते रहेगें। ऐसे में अक्सर आप खुद का बचाव करने की कोशिश शुरू करेगें, और गैसलाइटर के व्यवहार से विचलित हो जायेगें।

*  वे लोगों को आपके विरुद्ध करने की कोशिश करते हैं।  गैसलाइटर हेरफेर करने में मास्टर होते हैं और कुछ लोगों को अपनी तरफ कर लेतें हैं – और वे इन लोगों को आपके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। वे ऐसी टिप्पणी करेंगे जैसे “यह व्यक्ति जानता है कि आप सही नहीं हैं” या “यह व्यक्ति जानता है कि आप बेकार हैं।” ध्यान रखें कि इसका मतलब यह नहीं है कि इन लोगों ने वास्तव में इन बातों को कहा है। एक गैसलाइटर निरंतर झूठ बोलता है। जब गैसलाईटर इस रणनीति का उपयोग करते है तब आप यह समझ नहीं पाते है कि आपको किस पर भरोसा करना या नहीं करना है – और यह आपको गैसलाईटर के पास ले जाता है और वह वास्तव में यही चाहते हैं: अलगाव उन्हें अधिक नियंत्रण प्रदान करता है

*  वे आपको या दूसरों को बताते हैं कि आप पागल हैं। यह गैसलाइटर के सबसे प्रभावी उपकरणों में से एक है, गैसलाइटर जानता है कि ऐसे में लोग तब आपका विश्वास नहीं करेंगे जब आप उन्हें बता दें कि गैसलाइटर अपमानजनक है या आउट-ऑफ-कंट्रोल है। यह एक मास्टर तकनीक है।

*  वे आपको बताते हैं कि हर कोई झूठा  है  सिवाय उनके । इस से आप को  दुविधा होगी कि आप को किस पर विश्वास करना चाहिये। कौन सच कह रहा है ?  यह भी एक हेरफेर तकनीक है। ऐसे में लोग “सही” सूचना के लिए गैसलाइटर की ओर मुड़ते हैं- जो फिर धोखा  देते  है।

जितना अधिक अधिक इन तकनीकों के बारे में समझते हैं, उतनी जल्दी आप उन्हें पहचान सकते हैं और गैसलाईटिंग  से बच सकते हैं।

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