इंतज़ार है!

इंतज़ार है, वो दिन कब आएगा,

जब यह दिन ना पड़े मनाना।

जलते चराग़ सा ए’तिबार है,

मुद्दत से देखते ख़्वाब का आसार है।

जब बराबर की ज़िंदगी हो,

बराबर का मान हो।

इंतज़ार है उस दिन का……

11th October 2022: International

Day of the Girl Child. The theme

for the 2022 International Day of

the Girl Child was “Digital

generation: Our generation.”

प्लास्टिक बनते इंसान

प्लास्टिक हीं प्लास्टिक है चारों ओर।

चाहे जितना मचा लो शोर।

आज धरा की ख़ुदाई में मिलते हैं प्राचीन अवशेष।

कुछ सौ साल बाद क्या रहेगा शेष?

ख़ुदाई में मिलेंगे क्या प्लास्टिक के मानव अवशेष?

Stay happy and healthy (10 October World Mental Health Day

The strongest people are not those

who show strength in front of the

world but those who fight and win

battles that others do not know

anything about.”

— Jonathan Harnisch

The overall objective of World Mental

Health Day is to raise awareness of

mental health issues around the world

and to mobilize efforts in support of

mental health.

तारों भरी रात

तारों की कहकशाँ से सजी रात है,

आकाश में छिटके चाँद-तारे, शरद पूर्णिमा की रात।

धरा पर राधा -कान्हा करते महारास,

वृंदावन की अद्भुत धूम में महारासलीला की रात।

आध्यात्म और प्रेमोत्सव की निराली रात।

सोलह कलाओं से पूर्ण चंद्रमा की,

बिखरी चाँदनी में गोपियाँ नाचती रही,

बरसात रहा अमृत सारी-सारी रात।

रक़्स…नृत्य में डूबी तारों भरी रात है।

(अश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा / शरद पूर्णिमा, रविवार, 09 अक्टूबर 2022 )

रावण दहन

लोगों की ओर जल कर गिरते, बिखेरते आतिशो ने,

रावण से पूछा ये क्या कर डाला?

जवाब मिला –

तुम सब युगों-युगों से जला रहे है मुझे।

मैंने भी वही किया, तो बुरा क्यों मान गए?

सामने राम तो नज़र आए नहीं कहीं।

पर छुपे थे कईयों के अंदर अंश हमारे, कई रावण।

रावण है, इसलिये राम याद आतें हैं ! ( शुभ विजयदशमी)

सदियाँ और युग बीते,

रावण कभी नहीं मरा।

था अति विद्वान।

पर जीत नहीं सका अहंकार अपना।

विजया और रावण दहन सीख है,

जीत सको तो जीत लो अहंकार अपना।

ना रखो कई चेहरे,

दुनिया में कई चेहरे वाले कई रावण है,

इसलिये राम याद आतें हैं।

Happy World Teacher’s Day: 5th October 2022

The world celebrates this day to mark the importance of teachers. It is commemorated each year on the anniversary of the ILO/UNESCO Recommendation adoption regarding the Status of Teachers in 1966. Theme for 2022 was “Teachers at the heart of education recovery.”

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।

बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।

गुरू और गोबिंद (भगवान) एक साथ खड़े हों तो किसे

प्रणाम करना चाहिए – गुरू को अथवा गोबिन्द को?

ऐसी स्थिति में गुरू के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम

है जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द का दर्शन

करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

तह-ए-इश्क़ (महादुर्गाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं)

थे राधा बनने की चाह में।

कई नज़रें उठी,

सिर्फ़ लालसा भरी चाह में।

माँगा इश्क़ भरी नज़रें,

मिला बदन भर चाह।

समझ ना आया, तह-दर-तह

तह-ए-इश्क़ में सच्चा कौन, झूठा कौन?

और हर इल्ज़ाम इश्क़ पर आया।

पर कृष्ण ना मिले।

महादुर्गाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

क्या फ़र्क़ है पड़ता (International Day of Older Persons -1 October)

उम्र-ए-रफ़्ता ना लौटे,

क्या फ़र्क़ है पड़ता?

उजालों का भी समय है ढलता।

सूरज भी है ढलता।

बस ज़िंदगी ख़ूबसूरत

और हो सुकून भरी।

यही है कामना।

उम्र-ए-रफ़्ता ना लौटे,

क्या फ़र्क़ है पड़ता?

The UN is marking IDOP by encouraging

countries to draw attention to and

challenge negative stereotypes and

misconceptions about older persons

and ageing, and to enable older persons

to realize their potential.

2022 Theme:Resilience of Older Persons

in a Changing World

रूह-ए-दुर्गा (शुभ नवरात्रि)

नारी के झुकने, झुक कर उठने,

झुकी नज़रों को उठाने की अदा में

दिखती है कायनात की ख़ूबसूरती।

पर नहीं दिखता रूह-ए-दुर्गा ।

क्यों दिखता है सिर्फ़ हुस्न औ जिस्म?

कुछ लोगों की तस्वीर नहीं फ़क़त फ़्रेम

देखने की अजब है आदत।

औरत को तवायफ़….नगरवधु

बनाने की परम्परा जाती नहीं

कि नज़र आते नहीं तवायफ़ को

वधू बनाने वाले।

बदन पे गिरवी निगाहों से आगे देख,

उसका वजूद नज़र आएगा।

NEWS Ankita Bhandari Murder Case –

Main kya 10k mein bik jaungi’: Ankita

told her friend in WhatsApp chat.