रेशम सी नाज़ुक

हर रिश्ते के दर्मियान होती है एक डोर।
रेशम सी नाज़ुक विश्वास और भरोसे से बंधी।
राज़, रहस्य, बेवफ़ाई और झूठ आयें बीच में,
तो टूट कर बिखर जाती है।
ग़र बनाने हो या निभाने हों रिश्ते,
एक दूसरे को सब बताओ, सच बताओ।
ग़र सच सहने का ताब ना हो तो मुरझाने दो इन्हें।
रूह की आईनों में देखो, तुम्हें रिश्तों में क्या चाहिए।
वही दो दूसरों को।
वरना ज़िंदगी क़ैद बन जाएगी।

Happy Psychology! Positive Psychology! – Honesty Can Make or Break a Relationship. When you know you can totally trust your mate, it strengthens your love.

शुभ रामनवमी ! Happy Ramanavami!

हम हम ना रहें,

हम में वो शामिल हो जाए।

हम खोए रहें उसमें, वो रहे हम में।

राज़-औ-रहस्य है जो।

ज़र्रा-ज़र्रा में शामिल है जो।

दिखे ना दिखे पर हमेशा रहे साथ जो।

भींग सराबोर रहें रहमतों के बारिश में उसके।

हम दुआओं में पुकारते रहेंगे उसे।

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

हौसला

रफ़ू रिश्ते

ग़र किसी ने दूरियाँ बना ली,

गिला करने से पहले,

झाँक कर देखो गिरेबान में अपने।

कितनी बार रिश्तों के

फटे गिरेबाँ रफ़ूगर करे रफ़ू?

थक कर समझ गया,

बेहतर है अपनी

राह-ए-मंज़िल पर बढ़ जाना।

बसंती बयार

चराग़

गुमान

रक़्क़ासा

रक़्क़ासा, नगर वधू, नृत्यांगना कुछ भी बुला लो।

नारी का यह बाज़ार सजता है क्योंकि ख़रीदार है।

वरना नारी तो ईश्वर की सर्वोत्तम, पावन रचना है।

इतिहास गवाह है, वैशाली की राजनृत्यांगना

आम्रपाली, जिसके सौंदर्य पर मुग्ध थी दुनिया सारी,

भिक्षुणी बन त्याग दिया वैभव और दौलत।

रक़्क़ासा आम्रपाली की श्रद्धा, भक्ति, विरक्ति देख,

बुद्ध ने तोड़ दिया परम्परा धम्मसंघ में भिक्षुणियाँ

को नहीं शामिल करने की।

#YourQuoteTopic

कभी-कभी कुछ रिश्ते

कभी-कभी कुछ रिश्तों को

एक तरफ़ा चलाने को कोशिशें रोक दें,

तब वे रिश्ते मरने लगें।

कभी-कभी देखा है ,

कुछ बेज़ान रिश्ते ढोने से वे जी नहीं जाते।

दरअसल वे रिश्ते होते हीं नहीं।

ऐसे एक तरफ़ा रिश्ते को छोड़

आगे बढ़ जाना समझदारी है।

TopicByYourQuote

क़तरे आँसुओं के

क़तरे आँसुओं के

दर्द , ग़ुस्सा आँसू पीते जाने से

रूह की प्यास मिटती नहीं है।

दर्द नासूर बन टीसने लगता है।

फिर भी अक्सर नज़र आतें हैं

दर्द छुपाते नक़ली मुस्कान भरे चेहरे,

मुस्कुराती आखें और आँखों में छुपे

झिलमिलाते क़तरे आँसुओं के।

Psychological fact – Denial is best known defense mechanisms, used when people are unable to face reality or admit an obvious truth to protect their ego.