अपूर्णता में भी पूर्णता हैं,
कमियों में भी सौंदर्य।
जुनून में होता है नशा।
धुन में होती है खुमारी।
सर्वोतम या उत्कृष्ट होने से
बेहतर है सच्चा होना।

William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
अपूर्णता में भी पूर्णता हैं,
कमियों में भी सौंदर्य।
जुनून में होता है नशा।
धुन में होती है खुमारी।
सर्वोतम या उत्कृष्ट होने से
बेहतर है सच्चा होना।

जहान में आए तन्हा,
जाना है यहाँ से तन्हा।
तन्हाई अकेलापन नहीं, है एकांत।
ग़र मिलना है ख़ुदा से, ख़ुद से।
तन्हाईयाँ हीं मुलाक़ात हैं करातीं।
अक्सर जीवन का सफ़र होता है क़ाफ़िले में,
फिर भी होती हैं दिल में तनहाइयाँ।
मिलो सबों से,
पर करो अपने साथ सफ़र।
ना जाने क्यों ख़ूबसूरत तन्हाईयाँ हैं बदनाम।

लगता था, क्या सुनाए दास्तान?
उम्र गुज़र जाएगी, पर पूरी नहीं होगी।
हर लफ़्ज़ पर आँसू थे छलकते,
गला था रुँधता।
दर्द में डूबी कहानी अधूरी रह जाती।
ज़िंदगी औ समय ने बना दी आदत,
आँसू पी कहानी सुनाने की।
समुंदर के साथ भी यही हुआ था क्या?

अपने हीं आँसुओं को पी-पी कर खारा हो गया क्या?
जो मिला उसमें जीना सीखा लिया।
जो ना मिला उसमें गुज़ारा करना सीख लिया।
चाहना, पसंद करना छोड़ना सीख लिया।
घूमते रही इर्दगिर्द तुम्हारे,
घड़ी की सुइयों की तरह।
क्या अपने आप को था जीत लिया?
या खो दिया अस्तित्व अपना?
यही होती है बज़्म-ए-हस्ती औरत की।

इंतज़ार है, वो दिन कब आएगा,
जब यह दिन ना पड़े मनाना।
जलते चराग़ सा ए’तिबार है,
मुद्दत से देखते ख़्वाब का आसार है।
जब बराबर की ज़िंदगी हो,
बराबर का मान हो।
इंतज़ार है उस दिन का……
11th October 2022: International
Day of the Girl Child. The theme
for the 2022 International Day of
the Girl Child was “Digital
generation: Our generation.”

सच को जो झूठ बताए,
शोर मचा झूठ को सच बनाए।
सुन कर अनसुना करे,
ऐसे रिश्ते क्यों निभाएँ?
जाना नहीं उन राहों पर,
जहाँ मिले अपमान बारंबार।
जो बदले मौसम सा हर बार,
क्यों करना उस पर ऐतबार?

प्लास्टिक हीं प्लास्टिक है चारों ओर।
चाहे जितना मचा लो शोर।
आज धरा की ख़ुदाई में मिलते हैं प्राचीन अवशेष।
कुछ सौ साल बाद क्या रहेगा शेष?
ख़ुदाई में मिलेंगे क्या प्लास्टिक के मानव अवशेष?

आँखें दिलकश ख़्वाबों और इश्क़ की है राहें।
जब निगाहों-निगाहों में बातें होतीं है।
बिन ज़ुबान दिल की बातें बयान होती है।
लाख रखो पहरे, इश्क़ सरेआम होतीं है।
लाख छुपाओ नशीली आँखें से,
मुहब्बत खुलेआम बयान होती है।
Interesting Psychology fact about LOVE-
Researches says dilated pupils are a sign
of attraction. The “love hormones”
oxytocin and dopamine have an effect
on pupil size. Our brain gets a boost of
these chemicals when we’re sexually
or romantically attracted to someone.
This surge in hormones appears to
make our pupils dilate and large.

ज़िंदगी की राहों पर अकेले हो?
तन्हाइयों का मलाल ना करो।
तय है, लक्ष्य है क़रीब।
सर्वोच्च स्थान, उच्चतम शिखर,
भीड़ नहीं,
सिर्फ़ सर्वश्रेष्ठ विजेता है पहुँचता।
The Winner Stands Alone.
Solitude makes us strong ,
if we have the power to
handle it positively.

दुनिया से नाराज़ होना छोड़ दिया अरसे पहले।
अब अपने आप से भी नाराज़ नहीं होते।
बात ऐसी नहीं कि ज़िंदगी हसीन हो गई है।
बात बस इतनी है कि
मुहब्बत करने लगे हैं अपने-आप से।
ख़ुशी की बात हो, कि ग़मों की,
सब से पहले, गुफ़्तगू अपने आप से करते हैं।
हौसला अफजाई अपने आप की करते हैं।
Positive Psychology –
Our most important relationship
is with our inner voice- Our internal
monologue shapes mental wellbeing,
says psychologists.

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