अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को
मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।
पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।
लिखने वाले की पूरी होगी
आरज़ू-ए-सफ़र,
शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते
अपने वजूद-ए-ज़फ़र।
अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,

William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को
मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।
पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।
लिखने वाले की पूरी होगी
आरज़ू-ए-सफ़र,
शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते
अपने वजूद-ए-ज़फ़र।
अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,

सफलता के साँचे में
ढलना हो,
तो ज़िंदगी की धूप में
तपना और चलना होगा।

विजय उत्सव है दिवाली।
रावण महापंडित, शिव भक्त, नवग्रह गुलाम उसके।
उसके बल, बुद्धि, विद्या और ज्ञान पर संशय था नहीं।
फिर भी पराजित हुआ वानर सेना और राम से।
आखिर क्यों ?
यह जीत है अहंकार पर, अँधकार पर!
विजय उत्सव है दिवाली।

भावनाएँ.. एहसास हावी हों,
तो नहीं रहता अख़्तियार अपने-आप पर।
जैसे अपनी साँसों पर ना हो अख़्तियार।
ग़र साध लिया अपने दिल-औ-दिमाग़ को,
जीत सकते हैं जग का हर जंग।
PSYCHOLOGYCAL FACT – EQ
Emotional intelligence / EQ refers to
someone’s ability to perceive, understand
and manage their own feelings and emotions.
High EQ person can handle their stress,
uncertainty, and anxiety in a better way.

अनजानी चाह में,
ना दे बिसार जो है हाथ में।
कई धोखे…वहम भरी
आँख-मिचौली खेलती,
शोख़ ख्वाहिशें हम सब
उम्र भर रहते हैं तलाशते।
मिलने पर ग़र ना आए रास तो?
कहते हैं – हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी
कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन
फिर भी कम निकले।

कुछ लोग होते हैं
ख़ूबसूरत ख़ामोश किताब से।
दमकते सुनहरे अल्फ़ाज़ों में लिखे नाम से।
समय की बहती बयार जब छेड़-छाड कर
खोलती है जिस्म-ए-किताब,
वरक़ दर वरक़, पन्ने दर पन्ने .. …
ख़ुशियों औ ग़म-ए-ज़िंदगी की
खुल जाते है कई हिसाब।
हर एक लफ़्ज़, अल्फ़ाज़ औ
तहरीरे बोल उठतीं है,
गुफ़्तगू कर उठती है दास्तान-ए-ज़िंदगी।
Psychological fact- if we hold things tight
and hide them away . it will burst out
some day. bottled up emotions may affect
the mental health negatively too.

अक्सर फ़रेब करने वाले,
आज़माते रहते हैं दूसरों को।
भूल जाते हैं, फ़िज़ा में घुली
ख़ुशबुएँ आज़माई नहीं जाती।
गुमान करने वाले परखनते रहते हैं, दूसरों को।
कसौटी पर स्वर्ण ही परखते हैं।
भूल जातें हैं लोहे परखे नहीं जाते।
दूसरों में कमियाँ ढूँढने वाले
धूल आईना की साफ़ करते रहते है,
भूल जातें है ख़ुद के चेहरे साफ़ करना।

कभी अज़ान में, कभी आरती की
आवाज़ में खोजते रहे सुकून।
यादों से भागे फिरते रहे फ़िज़ूल।
पलकों के दहलीज़ पर चमकते रहे
कुछ सितारे और टूट कर बरसते रहे।
इंद्रधनुष के रंग, बेरंग हो गए।
यादों के चराग़ मज़ारों में टिमटिमाते रह गए।

लफ़्ज़ों के इस्तेमाल का दाम नहीं लगता।
पर लफ़्ज़ लफ़्ज़ मिल इज़हार करते हैं,
कई नई तस्वीर और तहज़ीब।
कलम के क़ैद-ओ-रिहाई से निकले
लफ़्ज़ ख़ूबसूरत मंज़र हैं ढालते,
या हैं रंग बिगाड़ते।
कविता, खबर, कहानियाँ….
अमूल्य या मूल्यहीन,
शालीन, सभ्य या अश्लील।
लफ़्ज़ों में हैं जादू-मिसाल,
टूटे लफ़्ज़ हैं तोड़ते, मीठे लफ़्ज़ हैं जोड़ते।

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