राहें -कविता

We are stars wrapped in skin,
The light you are seeking has always been within.
~ Rumi

जिंदगी की राहें  सड़कों की तरह  कभी खत्म नहीं होती है,

मंजिल की दूरी से ङरने से अच्छा है, 

एक -एक कदम उठा कर  चलते जाना।

जब लगे, सारे रास्ते बंद हैं,  शुन्य से भी शुरु करने में भी क्या हर्ज़ है?

सफेद पन्ने पर फिर से जो चाहे लिखने का मौका  मिला है।

बस अपने अंदर की आग को जलते रहने देना है। 

जब किसी बात से हमारे कदम लङखङा जाते हैं, यह कविता  उस वक्त के  लिये है। पर विशष कर

उन बच्चों को समर्पित है, जिन्हों ने परीक्षा में अपने मन लायक सफलता – उपलब्धि नहीं पाई है। 

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canine emotions- Poem

Canine Emotions –   Do you know,  an adult dogs’ mental level  is of  around 3 years old child and   have all of the basic emotions , such as : joy, fear, anger, disgust, and love.  It is also called canine emotion.

 

I think dogs are the most amazing creatures; they give unconditional love. For me, they are the role model for being alive.
—Gilda Radner

हम  हर बात में लाभ-हानी, अपना-पराया दैखते हैं।

परेशानी में कम ही हाथ मदद के लिये आगे बढ़ते हैं।

 बिना शर्त प्रेम या अनुराग इनमें दिखता है।

यह प्रेम बिना भाषा के  अपना रास्ता खोज लेती है।

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Images courtesy  Chandni Sahay

 

 

पहचान – कविता #JudgingPeople- poetry

मित्र आगमन पर नंगे पैर दौङ पङे कृष्ण,

ना कान्हा ने सुदामा  को आंका।

ना राम ने सबरी , हनुमान  को नापा।

हम किसी से मिलते हीं सबसे पहले,

एक- दूसरे को  भांपते है, आंकते है,

आलोचना -समालोचना करते हैं।

तभी सामने वाले का मोल तय करते हैं। 

रुप, रंग, अौकात …..

देख कर  लोगों को पहचानते हैं।

भूल जाते हैं , अगर  ऊपरवाला हमारा  मोल लगाने लगेगा,

तब हमारी पहचान क्या होगी ? हमारा मोल क्या होगा? 

Indispose,  Edition 172 –How do you feel when people judge you? Do you judge people as well? #JudgingPeople

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वर्णमालायें -कविता Alphabets-Poetry

 

“A good head and good heart are always a formidable combination. But when you add to that a literate tongue or pen, then you have something very special.”
― Nelson Mandela

मन में भरे हो असीमित, बेहिसाब  विचार,

दिल में हों जमाने भर के ख़याल।

लिपिबद्ध,

कुछ वर्णमालायें, कुछ अक्षर….शब्द, 

अल्फाबेट,  अलिफ़-बे,

हीं वे माध्यम हैं,  जो

लिखे-बेलिखे विचारों को

ऊतार देते है पन्नों पर।

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Free- Quote

Take someone who doesn’t keep score,

who’s not looking to be richer, or afraid of losing,

who has not the slightest interest even

in his own personality: she/ he’s free.

~ Rumi

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मैं – कविता Self- Poetry

Rekha Sahay's avatarThe REKHA SAHAY Corner!

You have to grow from the inside out. None can teach you, none can make you spiritual. There is no other teacher but your own soul.

                                                          Swami Vivekananda

  जीवन की  परिपूर्णता —-

अगर यह लौकिक हो  – बुद्ध के राजसी जीवन की तरह,

या  संतृप्ति हो , कबीर की आध्यात्मिक आलौकिक जीवन की तरह।

तब मन कुछ अौर खोजने लगता है।

क्या  खोजता  है यह ?

क्या खींचती  है  इसे अपनी अोर?

यह खोज…….यह आध्यात्मिक तलाश कहाँ ले जायेगी?

शायद अपने आप को   ढूँढ़ने  

मैं कौन हूँ??

                                                               …

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गूंज


हम अपने बोले शब्दों के गूजं अौर  मौन  के बीच  रहते हैं

हमारे अपने विचारों  से बनता है हमारी जिंदगी का आशियाना।

 

 

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मौन

 

मौन  को चुप्पी ना समझें,  बहुत कुछ छुपा होता है इसके अंदर,  इसे समझ सकतें हैं

इसकी रहस्यमय गहराई तक  झाँक कर,  क्योंकि मौन की भाषा में शब्द नहीं होते  ।।

मन

 

अगर मन की बातों को  पानी की तरह उङेला जा सकता,

तब मन का बोझ  बहाना कितना आसान होता।

 

 

खुशियाँ और दर्द — कविता 

जिंदगी के बीते लम्हों ,

और हर तजुर्बे ने ,

बताया है.

खुशियाँ और मुस्कुराहटे ,

उतने अपने नहीँ होते ,

जितने दर्द और तकलीफ के,

निजी एकांत पल.